अशोक गहलोत को कांग्रेस हाईकमान ने दिए 24 घंटे, नहीं तो सोनिया को दिया इस्तीफा होगा सार्वजनिक
जयपुर, 1 अक्टूबर। कांग्रेस हाईकमान ने अशोक गहलोत को अपनी ओर से इस्तीफा देने के लिए 24 घंटे का समय दिया है। अगले 24 घंटे में अशोक गहलोत ने ऐसा नहीं किया तो सोनिया गांधी के पास पड़ा उनका इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया जाएगा। पार्टी के उच्च स्तरीय सूत्रों के मुताबिक पर्यवेक्षक रविवार को दिल्ली से जयपुर आएंगे। पर्यवेक्षक सीएलपी की मीटिंग लेंगे। जिसमें एक लाइन का प्रस्ताव पारित कर नए नेता के नाम की घोषणा करने का अधिकार सोनिया गांधी को दे दिया जाएगा। माना जा रहा है कि पर्यवेक्षक के तौर पर अजय माकन और दिग्विजय सिंह जयपुर आएंगे। दोनों ही नेता अशोक गहलोत के विरोधी माने जाते हैं।


गहलोत से बेहद नाराज है गांधी परिवार
सूत्रों के मुताबिक गांधी परिवार अशोक गहलोत से बेहद नाराज और शांत है। अशोक गहलोत पार्टी तोड़ने, विधायकों को गुमराह करने तथा नेतृत्व की अवज्ञा करने की कोशिश करते है तो गांधी परिवार राजस्थान में सरकार कुर्बान करने तक के लिए तैयार है। सूत्रों की माने तो गहलोत के आचरण और व्यवहार को गांधी परिवार ने दिल पर ले लिया है। गांधी परिवार का मानना है कि गहलोत ने उन्हें किस तरह गुमराह किया था। माना जा रहा है कि सोनिया गांधी अब अशोक गहलोत द्वारा सचिन पायलट के विषय में किए गए किसी भी दोषारोपण को गंभीरता से नहीं ले रही है। सोनिया गांधी हैरान है कि उन्होंने गहलोत पर आखिर इतना भरोसा क्यों किया था।

गहलोत के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए दिग्विजय सिंह ने भरा था नामांकन
पार्टी सूत्रों की माने तो अशोक गहलोत के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए दिग्विजय सिंह ने अपना नामांकन दाखिल किया था। सूत्रों की माने तो राहुल गांधी ने दिग्विजय सिंह को कहा था कि अगर अशोक गहलोत नामांकन दाखिल करते हैं तो वह भी दिल्ली जाकर अपना नामांकन दाखिल करें। लेकिन ऐन वक्त पर अशोक गहलोत ने पर्चा नहीं भरा। इसलिए दिग्विजय सिंह ने खुद को चुनाव से हटा लिया।

गहलोत के मुख्यमंत्री और सचिन पायलट डिप्टी सीएम की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अशोक गहलोत की मुख्यमंत्री की कुर्सी को कोई खतरा नहीं है। गहलोत राजस्थान के सीएम बने रह सकते हैं। वहीं सचिन पायलट को डिप्टी सीएम की कुर्सी वापस लौटाई जा सकती है। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक अशोक गहलोत ने कहा कि वे तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हैं। राजस्थान कांग्रेस संकट पर सोनिया गांधी से माफी मांग ली है। वह सीएम बने रहेंगे या नहीं इसका फैसला आलाकमान पर छोड़ा है। खुद को पार्टी का वफादार सिपाही बताते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि पूरे घटनाक्रम से वे खुद भी आहत है।

राजस्थान के बागी विधायकों ने हाईकमान को दिया अल्टीमेटम
इधर राजस्थान में गहलोत समर्थक बागी विधायकों ने कांग्रेस हाईकमान को अल्टीमेटम दे दिया है। बागी विधायकों ने हाईकमान को संदेश देते हुए कहा कि जब तक दिल्ली से अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का ऐलान नहीं होता। तब तक वे लोग भी अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान अशोक गहलोत के खिलाफ कोई भी फैसला लेता है तो राजस्थान में सरकार अल्पमत में आ जाएगी।












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