Rajasthan Assembly Election 2023 पर फोकस हुई कांग्रेस, चुनाव से पहले इस नेता को दे सकती है फ्री हैंड
Rajasthan को लेकर सियासी प्रकरण दिल्ली में पूरी तरह से बंद हो चुका है। पार्टी सूत्रों की माने तो अब कांग्रेस का पूरा ध्यान अगले साल होने वाले प्रदेश के विधानसभा चुनाव पर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुवाई में ही कांग्रेस टीम अगला चुनाव लड़ सकती है। राजस्थान में 25 सितंबर की घटना के लिए जिन तीन नेताओं को नोटिस गया था। कांग्रेस आलाकमान उनके जवाब से संतुष्ट बताया जाता है। कांग्रेस चुनावी साल में राजस्थान को लेकर न तो कोई विवाद खड़ा करना चाहती है और ना ही अब कोई छेड़छाड़ करेगी।

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी देंगे पार्टी को संदेश
सचिन पायलट द्वारा बार-बार दिए जा रहे विवादास्पद बयानों की बात है। राहुल गांधी की राजस्थान में अगले महीने पहुंचने वाली भारत जोड़ो यात्रा के बाद अपने आप ही बंद हो जाएंगे। गहलोत सरकार को अस्थिर करने वालों को राहुल गांधी सीधे संदेश दे देंगे। क्योंकि राहुल राजस्थान में पिछले ढाई साल से चल रहे घटनाक्रमों से खुश नहीं है। पायलट के आए दिन के बयानों से नुकसान कांग्रेस को ही हो रहा है और बीजेपी इसके मजे ले रही है। सरकारी उपलब्धियों से ज्यादा झगड़े की खबरें सुर्खियां बन रही है। वैसे राजस्थान आने से पहले राहुल गांधी यात्रा रोककर गुजरात चुनाव प्रचार के लिए जाएंगे। गुजरात में कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। राहुल के साथ खड़गे भी जनसभाएं करेंगे राहुल गांधी हिमाचल में चुनाव प्रचार के लिए नहीं जाएंगे।

गहलोत सरकार के फैसलों से खुश है राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी गहलोत सरकार के फैसलों से खुश है। कांग्रेस में राज्यों के चुनाव में पुरानी पेंशन स्कीम को बड़ा मुद्दा बनाकर संकेत दे दिए हैं कि वह इसके आगे तक ले जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अगले बजट के लिए भी उसी हिसाब से तैयारी कर रहे हैं। जिन्हें पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनाकर मैदान में जाएगी। राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से गहलोत कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कर रहे हैं। कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को फ्री हैंड भी दे सकती है।

अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं के जवाब से कांग्रेस हाईकमान संतुष्ट
राजस्थान में 25 सितंबर को जयपुर में विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होने पर पार्टी ने मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी और आरटीडीसी के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ को नोटिस जारी किया था। इन तीनों नेताओं ने तय समय के भीतर ही अपने जवाब पार्टी को दे दिए थे। सूत्रों की माने तो हाईकमान इन नेताओं के जवाब से संतुष्ट है। अब आलाकमान आने वाले दिनों में बयानबाजी पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठा सकता है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विभाकर शास्त्री का गुटबाजी को लेकर दिया गया बयान अंकुश की शुरुआत माना जा सकता है।

राहुल गांधी करेंगे खींचतान पर स्थिति स्पष्ट
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा गुजरात चुनाव के दौरान 3 दिसंबर को राजस्थान में प्रवेश करेगी और उस समय अशोक गहलोत सहित पूरी पार्टी का फोकस यात्रा को सफल बनाने पर रहेगा। यात्रा के बीच गुजरात और हिमाचल के रिजल्ट आ चुके होंगे। हालांकि कांग्रेस दावा कर रही है कि दोनों राज्यों में पार्टी चुनाव जीतेगी। संभव है उसी के आसपास राहुल प्रदेश की खींचतान को लेकर स्थिति साफ कर सकते हैं। यात्रा के दौरान ही 17 दिसंबर को सरकार के 4 साल पूरे हो जाएंगे और चुनावी साल लग जाएगा। यात्रा 24-25 दिसंबर तक राज्य में रह सकती है।












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