पुरानी पेंशन योजना के लिए मोंटेक सिंह अहलूवालिया वित्तीय दिवालियापन वाले बयान पर सीएम गहलोत ने दी प्रतिक्रिया

योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया द्वारा पुरानी पेंशन स्कीम को फिर से लागू करने को वित्तीय दिवालियापन की रेसिपी बताने पर राजस्थान अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया दी है।
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि ऐसा कोई काम नहीं है जो हो नहीं सकता हो। अगर 60 साल तक देश ओपीएस लागू करके और पेंशन देकर भी स्वीकार कर सकता है। ऐसे में नौकरी करने वाले शख्स को बुढ़ापे में सुरक्षित महसूस करने का अधिकार नहीं है क्या?
Recommended Video

उल्लेखनीय है कि देश में एक जनवरी 2004 से नई पेंशन योजना लागू की गई है। नई व पुरानी दोनों पेंशन योजनाओं में काफी अंतर है। नुकसान और फायदे भी भी हैं। पुरानी पेंशन स्कीम के तहत रिटायरमेंट पर कर्मचारी को को वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में मिलती थी जबकि नई पेंशन योजना में निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं है।
पुरानी पेंशन एक सुरक्षित योजना है, जिसका भुगतान सरकारी खजाने से होता है जबकि नई पेंशन योजना शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें बाजार की चाल के अनुसार भुगतान किया जाता है। NPS पर रिटर्न अच्छा रहा तो प्रोविडेंट फंड और पेंशन की पुरानी स्कीम की तुलना में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय अच्छी राशि भी मिल सकती है। क्योंकि ये शेयर बाजार पर निर्भर रहता है, लेकिन कम रिटर्न की स्थिति में फंड कम भी हो सकता है।
बता दें कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) को गैर-बीजेपी शासित राज्यों ने खूब हवा दी है। हाल में पूरे हुए हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना को बड़ा मुद्दा बनाया था और सरकार बनने पर इसे लागू करने का वादा किया था, लेकिन राज्य सरकारों के लिए भी बड़ी चुनौती फंड की है, क्योंकि इससे लागू करने से सरकार के खजाने पर भारी बोझ बढ़ेगा।












Click it and Unblock the Notifications