Albert Hall Jaipur : क्या अब बदलेगा अल्बर्ट हॉल का नाम? गहलोत ने यहीं पर ली थी CM पद की शपथ
जयपुर के अल्बर्ट हॉल का नाम बदलने की चर्चा कांग्रेस नेता जयराम रमेश की प्रेसवार्ता के बाद से शुरू हुई है। 2018 में अशोक गहलोत ने अल्बर्ट म्यूजियम परिसर में ही सीएम पद की शपथ ली थी।

Albert Hall Jaipur Ka Naya Naam Kya hai? ( अल्बर्ट हॉल जयपुर राजस्थान ) : राजस्थान की राजधानी जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित अल्बर्ट हॉल का नाम बदलने की चर्चाएं हो रही हैं। इसे सेंट्रल म्यूजियम भी कहा जाता है। अल्बर्ट हॉल अंग्रेजों के जमाने की ऐतिहासिक इमारत है। इसी के परिसर में साल 2018 में अशोक गहलोत ने राजस्थान मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अब कांग्रेस सरकार के ही हाथों अल्बर्ट हॉल का नाम बदलवाया जा रहा है। (वीडियो नीचे)

अल्बर्ट हॉल का निर्माण किसने और कब करवाया?
बता दें कि जयपुर में अल्बर्ट हॉल की स्थापना 1876 में हुई। अल्बर्ट हॉल की नींव रखने के बाद इसका नाम किंग अल्बर्ट एडवर्ड चतुर्थ के नाम पर रखा गया। अल्बर्ट हॉल का डिजाइन सैमुअल स्विंटन जैकब ने रखी थी। साल 1887 में अल्बर्ट हॉल को सार्वजनिक संग्रहालय के रूप में खोला गया।

जयराम रमेश ने दिए अल्बर्ट हॉल का नाम बदलने के संकेत
दरअसल, इस वक्त कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान से गुजर रही है। यात्रा को लेकर हुई प्रेसवार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि जयपुर के अल्बर्ट हॉल का नाम भी बदला जाएगा। अल्बर्ट महारानी विक्टोरिया के पति हुआ करते थे। उनके नाम पर 2022 में हॉल होना गलत है। अल्बर्ट हॉल का नाम बदलने के लिए राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी कहा है।

अल्बर्ट हॉल संग्रहालय क्या है?
जयपुर शहर में स्थित अल्बर्ट हॉल संग्रहालय की नींव प्रिंस ऑफ वेल्स अल्बर्ट एडवर्ड की जयपुर यात्रा के दौरान रखी गई थी। जयपुर के तत्कालीन महाराजा सवाई माधव सिंह द्वितीय के कहने पर अल्बर्ट हॉल संग्रहालय का निर्माण करवाया गया था। अल्बर्ट हॉल राजस्थान के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है।

अल्बर्ट हॉल क्यों प्रसिद्ध है?
जयपुर के रामनिवास उद्यान में स्थित अल्बर्ट हॉल म्यूजियम इंडो-सरैसेनिक वास्तुशैली का प्रतीक है। इसके गलियारों में यूरोपीय, बेबीलोनियम, ग्रीक, चीन व मिश्र सभ्यताओं को चित्रित किया हुआ है। अल्बर्ट हॉल में सिक्के, संगमरमर से बनी कलाकृति व मिश्र की ममी देखी जा सकती है।

रॉयल अल्बर्ट हॉल क्यों प्रसिद्ध है?
राजस्थान का अल्बर्ट हॉल न केवल स्थाप्तय कला का नायाब नमूना है। दुनियाभर में प्रसिद्ध अल्बर्ट हॉल में कालीन गैलरी, क्ले आर्ट गैलरी, शिखा गैलरी है। अल्बर्ट हॉल की नींव रखे जाने के दौरान इसे म्यूजियम बनाने का नहीं सोचा गया था। बाद में साल 1880 में जयपुर के स्थानीय शिल्पकारों की कलाकृति को प्रदर्शित करने वाला एक संग्रहालय बनाने का फैसला लिया गया और अल्बर्ट हॉल को बतौर संग्रहालय 1887 में जनता के लिए खोला गया।

अल्बर्ट हॉल का नया नाम किस पर रखा जाएगा?
अभी यह तय नहीं हुआ है कि जयपुर में अल्बर्ट हॉल का नाम बदला जाएगा या नहीं। हालांकि सोशल मीडिया पर कमेंट में लोग अल्बर्ट हॉल का नाम भी सुझा रहे हैं। कोई कह रहा कि नया नाम जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई जय सिंह के नाम हो तो कोई महाराजा रामसिंह हॉल या किसी स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखे जाने की वकालत करता नजर आ रहा है।












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