ग्रामीणों का विश्वास जीतने अंदरूनी गावों तक सोलर स्ट्रीट लाइट लगाएगी CRPF
जहां बिजली नही पहुंच सकी,वहां घरों को रौशन करेगी CRPF
रायपुर ,20 जनवरी। रायपुर ,20 जनवरी। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में ग्रामीणों का विश्वास जीतने के लिए सुरक्षा बल अब एक अलग ही भूमिका मे नजर आएंगे। बस्तर में तैनात सीआरपीएफ के जवान धुर नक्सल प्रभावित गांव में जाकर विकास की एक नई तस्वीर खींचने का प्रयास करेंगे। जिन गांवों मे आज तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां सीआरपीएफ सोलर लाइट लगाकर आदिवासियों के घर रौशन करेगी। इतना ही नहीं सीआरपीएफ और पुलिस फोर्स बस्तर में मिलकर ग्रामीण अंचलों के विकास की दिशा में लगातार काम करने का एक्शन प्लान तैयार कर चुकी है।

जहां बिजली नही पहुंच सकी,वहां घरों को रौशन करेगी CRPF
छत्तीसगढ़ सरकार चाहती है कि जिन इलाकों में नक्सलियों की पैठ है, वहां पर सुरक्षा बल और पुलिस के कैंप खोलकर शांति स्थापित की जाए , लेकिन आदिवासी ग्रामीणों का पुलिस और सुरक्षा बल के प्रति अविश्वास ऐसा होने नहीं दे रहा है। लंबे समय से बस्तर में सुरक्षा बलों की मौजूदगी को लेकर विरोध होता रहा है। हाल ही में अबूझमाड़ , सिलगेर और गंगालूर पुसनार इलाके में भी ग्रामीण पुलिस कैंप खुलने पर विरोध जता चुके हैं। ग्रामीणों का विश्वास जीतते हुए ,अब जिन गांवों मे आज तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां सीआरपीएफ सोलर लाइट लगाकर आदिवासियों के घर रौशन करेगी।

गांवों का सर्वे शुरू
सीआरपीएफ अब ग्रामीण आदिवासियों और बस्तर मे तैनात पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों की बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने की दिशा मे बढ़ चुकी है। छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात CRPF 230 बटालियन ने फैसला लिया है कि वह गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट की रौशनी पहुंचाएंगे। गांव मे सोलर लाइट लगाने के लिए गांवों का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है।

बस स्टैंड भी बना रहें हैं जवान
इतना ही नही सीआरपीएफ ग्रामीणों को शहरों से जोड़ने के लिए बस स्टैंड और यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण भी करवाने जा रही है। दंतेवाड़ा जिले के गमावाड़ा मे सीआरपीएफ सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत बस स्टैंड बनाया जा चुका है। सीआरपीएफ के कमांडेंट दिनेश सिंह चंदेल का कहना है कि जिन गांवों मे सीआएपीएफ के बटालियन कैंप है। वहां आसपास के इलाकों मे फोर्स बस स्टैंड बनाएगी।

विश्वास ,विकास और सुरक्षा का मंत्र
बस्तर के आईजी सुंदरराज पी का कहना है कि बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाको मे पुलिस और अन्य फोर्स कैंप ग्रामीणों की सुविधा केंद्र के तौर पर अच्छा काम कर रहे हैं। कैंप खुलने से इलाके मे बुनियादी सुविधाओं का विकास होता है। सुंदरराज ने कहा कि बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए पुलिस फोर्स विश्वास, विकास और सुरक्षा के मंत्र पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी की वजह से बस्तर में नक्सली अभियान कमजोर पड़े हैं। समय-समय पर चलाए जाने वाले नक्सल विरोधी अभियान के कारण भी नक्सलियों के हौसले अब टूटने लगे हैं।
यह भी पढ़ें बस्तर की मुर्गा लड़ाई का रोमांच तो देखिए, प्रशासन भी प्रतिबंध लगाने मे हुआ विफल












Click it and Unblock the Notifications