Jabalpur News: रेलवे हॉस्पिटल से दवाएं चोरी कर दूसरे राज्यों में होती थी सप्लाई, 4 आरोपीं अरेस्ट, RPF का एक्शन
Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे हॉस्पिटल में चोरी हुई लाखों रुपये की दवाओं के मामले में बड़ा खुलासा हुआ हैं। चोर गैंग में दवा दुकानदार भी शामिल थे। जो अन्य राज्यों में चोरी की दवाओं को ठिकाने लगाते थे। आरपीएफ के हत्थे चढ़े आरोपियों से कई चौकाने वाली बातें भी सामने आई हैं।
दरअसल पिछले महीने जुलाई में जबलपुर रेलवे अस्पताल से लाखों रुपये के इंजेक्शन गायब हो गए थे। घटना इतने शातिराना ढंग से हुई कि अस्पताल के स्टॉफ को भनक तक नहीं लगी थी। मामले की जब तफ्तीश बढ़ी तो RPF के हत्थे चार आरोपी चढ़े। जिनसे पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए।
आरपीएफ थाना प्रभारी इरफान मंसूरी ने बताया कि राजाराम केवट के अलावा नीरज राय, मोईन कुरेशी और मनोज यादव नाम के युवकों को अरेस्ट किया। जिन्होंने अपना जुर्म कबूल लिया हैं। इनमें से एक आरोपी ने बताया कि उसने रेलवे अस्पताल से कई बार इंजेक्शन चोरी किए। उसका शहर के कई मेडिकल स्टोर संचालकों से कनेक्शन था। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से आरपीएफ ने1.61 लाख रुपए के इंजेक्शन जप्त किए है।

जबलपुर के सुहागी के रहने वाले राजाराम केवट ने पूछताछ में बताया कि उसने जुलाई माह में पांच से छह बार उसने अस्पताल से इंजेक्शन चोरी किए थे। राजाराम की निशानदेही पर आरपीएफ ने राय मेडिकल स्टोर संचालक नीरज राय, रसल चौक स्थित विनायक मेडिकल स्टोर संचालक मनोज यादव और मोहरिया स्थित हसन मेडिकल स्टोर संचालक मोईन कुरेशी को भी अरेस्ट किया। जो चोरी के इंजेक्शन या दवाएं खरीदते थे।
आरपीएफ की जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपी मेडिकल दुकान संचालकों ने चोरी के इंजेक्शनों समेत ऐसी कई दवाओं को दूसरे राज्यों में बेचने का भी काम किया। फिलहाल इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी। आरपीएफ सूत्रों का कहना है कि दूसरे राज्यों में बताई गई जगहों पर भी टीम पहुंची हैं। आपको बता दें कि रेलवे अस्पताल में दवा बाजार स्थित अनमोल फार्मा दवाइयां सप्लाई करता है। दवाइयां लाने का काम सुहागी निवासी राजाराम ही करता था। जिसे अस्पताल में सभी लोग जानते भी थे। इसका फायदा उठाकर उसने अस्पताल से लाखों रुपए के इंजेक्शन चोरी कर लिए।












Click it and Unblock the Notifications