Sharad Yadav का जबलपुर से शुरू हुआ था पॉलिटिकल कैरियर, जानिए ख़ास बातें
Sharad Yadav नहीं रहे। समाजवाद की राजनीति को क्षितिज पर ले जाने वाले शरद यादव के पॉलिटिकल कैरियर की शुरुआत जबलपुर से हुई थी। छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफ़र बढ़ता ही चला गया। कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

Sharad Yadav's political career: पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं जनता दल युनाईटेड (जदयू) के पूर्व अध्यक्ष तथा वर्तमान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव 75 साल की उम्र में निधन हो गया। समाजवाद वाली राजनीति से जनता के बीच चर्चित शरद यादव का एमपी के जबलपुर से गहरा नाता रहा है। जबलपुर से ही उनके पॉलिटिकल कैरियर की शुरुआत हुई थी।

समाजवादी राजनीति का दर्पण
मध्यप्रदेश के जबलपुर से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले शरद यादव के निधन से जबलपुर में भी शोक की लहर है। बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले शरद यादव का जाना सभी को शोक में डुबो गया है। उनकी समाजवाद वाली राजनीति ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया था लेकिन अब उस महान नेता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है।

जबलपुर में जीते थे पहला चुनाव
जबलपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़े शरद यादव वर्ष 1974 में सर्वदलीय प्रत्याशी के रूप में लोकसभा का चुनाव जीते थे। इसके बाद वर्ष 1977 में जनता लहर में जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में दोबारा जबलपुर से सांसद चुने गए। 1980 में लोकदल की टिकिट पर वे चुनाव हार गए। इसके बाद उन्होंने बिहार का रुख किया और बिहार में राष्ट्रीय लोकदल से राजनीति की नई शुरुआत की। यादव देश की राजनीति में क्षितिज पर रहे। केंद्र में अटल के नेतृत्व वाली सरकार में शरद यादव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे।

पढ़ाई से लेकर नेतागिरी में भी होशियार
शरद यादव का जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद के बंदाई गांव के एक किसान परिवार में हुआ था। शरद बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार थे। अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने इंजीनियर बनने का सपना देखा था। इसके लिए उन्होंने जबलपुर के (बर्ट्सन मॉडल साइंस कॉलेज (इंजीनियरिंग कॉलेज) में दाखिला लिया और बीई की डिग्री प्राप्त की।

इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष भी रहे
शरद यादव राजनीति से प्रभावित हुए थे और उन्होंने न केवल कॉलेज में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और जबलपुर के रॉबर्ट्सन मॉडल साइंस कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष भी चुने गए। वे एक कुशल वक्ता भी थे। उन्होंने अपनी डिग्री गोल्ड मेडल के साथ पूरी की थी।

जबलपुर की कई सौगाते
केंद्र में अटल के नेतृत्व वाली सरकार में शरद यादव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रहते हुए उन्होंने जबलपुर को एफसीआई के केंद्रीय गोदाम की सौगात दी थी। देवगौड़ा सरकार में श्री यादव कपड़ा मंत्री रहे उस दौरान उन्होंने तत्कालीन रेलमंत्री जॉर्ज फर्नाडीज से अपनी निकटता के चलते जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज की शुरुआत कराई थी। जबलपुर बरगी बांध नहर पश्चिम मध्य रेलवे जोन और डुमना हवाई अड्डा सही मायने में शरद यादव के प्रयासों की ही देन हैं। इसके साथ भी उन्होंने जब भी संभव रहा जबलपुर को कोई न कोई सौगात देने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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