Rani durgavati के बलिदान दिवस पर दी गई श्रद्धांजलि, जबलपुर समाधि स्थल पहुंचे वन मंत्री विजय शाह
Jabalpur News: देश की आजादी में आदिवासी जननायकों की जब भी बात आती हैं, तो रानी दुर्गावती का नाम सबसे पहले आता हैं। मुगलों की सेना से डटकर मुकाबला करने वाली रानी का 24 जून को बलिदान दिवस मनाया गया। जबलपुर के नरई नाला स्थित उनके समाधि स्थल पर बड़ा कार्यक्रम हुआ।
सीएम शिवराज सिंह ने दुर्गावती के बलिदान को याद करते हुए इस बार गौरव यात्रा निकालने का निर्णय भी लिया। पांच स्थानों से एक साथ गौरव यात्रा शुरू हुई हैं। रानी की पुण्यतिथि के मौके पर वन मंत्री वनमंत्री कुवर विजय शाह जबलपुर पहुंचे।

इस मुके पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने आदिवासी जननायकों को सम्मानित करने का काम किया है। उन्होंने रानी दुर्गावती, बिरसा मुंडा, टंट्या मामा, भीमा नायक जैसे अनेक आदिवासी जननायकों की प्रतिमा स्थापित कर गौरांवित किया है। जिससे आदिवासी जननायकों के शहीद स्थलों पर शौर्य और स्वाभिमान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विजय शाह ने रानी दुर्गावती की शहीद स्थल में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वीडियो संदेश को भी प्रसारित किया।
वनमंत्री कुवर विजय शाह ने बताया कि भारतीय इतिहास में रानी दुर्गावती और महाराणा प्रताप ने मुगलों से कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए, लेकिन उन्हें इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला है। बोले कि इतिहास को फिर से लिखने की आवश्यकता है, जिससे मातृ भूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जन नायकों को इतिहास में उचित स्थान मिल सके।
शाह ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेज सरकार से आजादी के लिये कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए अंग्रेज सरकार को ललकारा, जिससे अपनी मातृभूमि को स्वतंत्रता मिल सके। अंग्रेज सरकार ने पिता और पुत्र को तोप के मुँह में बांधकर उड़ा दिया। लेकिन इतिहास में उन्हें भी उचित स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने स्वतंत्रता के जननायक सुभाषचन्द्र बोस, चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह, बिरसा मुंडा, भीमा नायक, टंट्या मामा के बारे में भी बताया।












Click it and Unblock the Notifications