10 साल पुरानी गर्लफ्रेंड से शादी करने के लिए आरोपी ने बनाया प्लान, पत्नी को रास्ते से हटाया, बड़ा खुलासा
Jabalpur Crime News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने गर्भवती महिला से लूट और हत्या के मामले में बड़ा खुलासा किया है। दरअसल, मुख्य आरोपी महिला का पति निकला। जिसने अपनी 10 साल पुरानी गर्लफ्रेंड से शादी करने के लिए और अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए पत्नी को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया था।
जबलपुर पुलिस में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी और महिला का पति शुभम चौधरी अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करना चाहता था दोनों के बीच करीब 10 सालों से संबंध थे।

पत्नी रेशमा चौधरी ने 6 महीने पहले इतनी संबंधों को लेकर गोराबाजार थाने में शिकायत की थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति शुभम चौधरी और उसकी प्रेमिका को फटकार लगाई थी।
थाने में फटकार को शुभम ने अपनी बेइज्जती समझ लिया और तभी से अपनी पत्नी रेशमा से बदला लेने की ठान ली। इसके लिए शुभम ने अपने रिश्ते में लगने वाले भाई शिब्बु चौधरी और उसके दोस्तों की मदद ली और उन्हें पैसों का लालच दिया। शुभम ने शिबबू को ₹60 हजार में राजी कर लिया था। मंगलवार को चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पूरा मामला विस्तार से
बरेला इलाके के कजरवारा में निवास करने वाली 28 वर्षीय रेशमा चौधरी का शव शनिवार रात को बोलेरो की फ्रंट सीट पर पाया गया। वह 6 महीने की गर्भवती थी। उनके पति ने पुलिस को बताया कि भोला नगर के पास ब्रिज के नीचे 4-5 बदमाशों ने पत्नी की उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या की। उनके सिर पर पत्थर मारकर उन्हें बेहोशी की स्थिति में छोड़ दिया गया, जिसके बाद वे 20 मिनट तक बेहोश रहे। बदमाशों ने उनकी गहने, कैश, और मोबाइल लूट ली।

शुभम और कजरवारा की लड़की के साथ थे संबंध
पुलिस को जांच से पता चला कि आरोपी शुभम और कजरवारा में निवास करने वाली युवती के बीच पिछले 10 साल से प्रेम संबंध थे। दोनों की शादी करने की इच्छा थी, लेकिन युवती के परिवार इससे सहमत नहीं थे। उनकी शादी कहीं और हो गई थी। 2020 में शुभम और रेशमा की भी शादी हो गई।
शादी के बाद भी वे लगातार मिलते रहे, लेकिन रेशमा ने कई बार शुभम के मोबाइल में मैसेज और चैटिंग देखी। उसे समझाया गया, लेकिन वे नहीं माना। शुरू में शुभम चोरी-छिपे बात करता था। बाद में सामने करने लगा, जब रेशमा ने विरोध किया, तो उसे मारा। शुभम ने कहा कि 'तुम्हारे साथ जबरन शादी करवाई गई है। मैं तो अपनी प्रेमिका से ही विवाह करना चाहता था।'
रेशमा ने छह महीने पहले गोराबाजार थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने शुभम और प्रेमिका को पूछताछ के लिए बुलाया। यहां दोनों को समझाया गया। शुभम ने पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए रेशमा को पीटा। रेशमा नाराज होकर बड़ी बहन के घर चली गई थी। बाद में शुभम के पिता ने उन्हें समझाया। इसके बाद रेशमा घर लौट आई।

पुलिस की डांट को समझा अपमान
थाने में पुलिस ने शुभम और प्रेमिका को डांट लगाई और हिदायत दी कि अगर फिर रेशमा को परेशान किया या मारपीट हुई, तो ठीक नहीं होगा। शुभम ने पुलिस की डांट और अपमान को बेइज्जती समझा। उसी समय से सोच लिया कि कुछ भी हो, रेशमा की हत्या करके इसे रास्ते से हटाना है। शुभम ने छह महीने के दौरान कई बार हत्या का प्लान बनाया, लेकिन सफल नहीं हुआ।
60 हजार रुपए में तय हुआ था हत्या करने का प्लान
रांझी थाना के मोहनिया में रहने वाला आरोपी शिब्बू चौधरी मजदूरी करता है और वह शुभम का भाई लगता है। कई बार शिब्बू ने शुभम से पैसे मांगे। इस पर शुभम ने उसे पैसों के लालच में रुपयों का प्लान बताया। शिब्बू ने एक लाख रुपए मांगे, लेकिन सौदा 60 हजार रुपए में तय हो गया। शिब्बू ने अपने दो दोस्तों अनुराग और प्रह्लाद को भी प्लान में शामिल किया। शिब्बू ने दोनों को 20-20 हजार रुपए देने की बात कही। 1 मई 2024 को शिब्बू ने शुभम को दोनों से मिलवाया और उन्हें 20 हजार रुपए का एडवांस भी दिया। शुभम ने तैयार रहने और जल्दी काम करने की बात कही।
ऐसे पुलिस को गुमराह करने के लिए रची थी झूठी कहानी
तीन-चार दिन से रेशमा बड़ी बहन के यहां जाने की जिद कर रही थी। शुभम को लगा कि यह सही मौका है। वारदात के एक दिन पहले, 3 मई को, शुभम तीनों के साथ रांझी से मोहनिया, झुरझुरु होते हुए रिछाई, बायपास, और फिर कृषि उपज मंडी के पास की श्मशान घाट पहुंचे। यहां तीनों ने हत्या का प्लान बनाया, सोचते हुए कि यहां लूट और हत्या की जगह पुलिस को बताई जा सकती है। उसके बाद शुभम घर वापस चला गया। प्लान के मुताबिक, 4 मई को वारदात को अंजाम दिया गया।
इसके बाद, शव को लेकर लगभग 20 किलोमीटर तक घूमा गया। किसी को शक न हो, इसके लिए पीछे वाली सीट पर शव को बीच में बैठाया गया। एक तरफ शिब्बू था, जबकि दूसरी तरफ अनुराग बैठा था। शुभम गाड़ी चला रहा था। प्रह्लाद बच्चे को संभाल रहा था। मौत की पुष्टि के लिए शुभम गाड़ी को इधर-उधर घुमाता रहा। जब यकीन हो गया कि रेशमा मर चुकी है, तो प्लान के मुताबिक गाड़ी के कांच तोड़े गए। अनुराग ने एक पत्थर शुभम के सिर पर मारा, जिससे खून निकलने लगा। तीनों आरोपी ऑटो से निकल गए, जबकि शुभम ससुराल मदर टेरेसा आ गया और झूठी कहानी बता दी।
घटना के रिक्रिएशन के लिए चारों आरोपियों को घटनास्थल लेकर पहुंची। पुलिस ने अहम सबूत भी इकट्ठे किए। पनागर थाना पुलिस के साथ माढ़ोताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार मंगलवार को आरोपियों को लेकर झुरझुरु पुल के पास पहुंचे। करीब तीन घंटे तक वारदात का रिक्रिएशन किया।












Click it and Unblock the Notifications