Nitin Gadkari in Jabalpur : जानिए MP के 112 किमी के रिंग रोड से जबलपुर समेत महाकौशल की कैसे बदलेगी तस्वीर
आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के विकास के फेहरिस्त में जबलपुर समेत महाकौशल अंचल को मिली सड़क परियोजनाओं की सौगात नया इतिहास रचेगी। विकास से कोसो दूर जबलपुर में अब उम्मीद का नया दीप केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जलाया है। जिसकी रोशनी आसपास के कई जिलों में बिखरेगी। रिंग रोड समेत करोड़ों की बेहद जरुरी घोषणाओं के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि यदि विधानसभा चुनाव के पहले इनमें से कुछ प्रोजेक्ट शुरू हो गए तो इसका सबसे ज्यादा सियासी बीजेपी के खाते में ही पहुंचेगा।

83 गांवों से होकर गुजरेगी रिंगरोड
जबलपुर शहर, की पूर्व दिशा में सैन्य क्षेत्र और वन क्षेत्र होने के कारण शहर विस्तारीकरण में प्रभावित हो रहा था। लेकिन, अब मध्यप्रदेश और केन्द्र सरकार के संयुक्त प्रयास से यह रिंग रोड जबलपुर के 83 गांव से गुजरेगी। जिसका निर्माण भू-अधिग्रहण कर किया जाएगा। रिंग रोड बनने के बाद चारों दिशाओं में जबलपुर शहर एक समान रूप से फैलेगा और विकास के नये आयाम स्थापित करेगा।

6 राष्ट्रीय राजमार्गों से कनेक्टिविटी
जबलपुर शहर अपने सभी दिशाओं में 6 राष्ट्रीय राजमार्गों से घिरा हुआ हैं, और यह सभी 6 राष्ट्रीय राजमार्ग जबलपुर शहर में आकर मिलते हैं। प्रस्तावित 112 किमी. लम्बाई की बाहरी रिंग रोड इन सभी राष्ट्रीय राजमार्गो को इंटर कनेक्टिीविटी प्रदान करते हुये, जबलपुर शहर के अंदर भारी वाहनों के दबाव को कम करेगी। इससे यातायात व्यवस्थित होगा और रोड से गुजरने वाले यात्रियों की यात्रा सरल सुरक्षित होगी।

ऐसे बदलेगी तस्वीर
रिंग रोड़ बनने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेगी, रोजगार के नये अवसर उत्पन्न होंगे। शहर के नजदीक औद्योगिकीकरण और व्यापारिक गतिविधियों के नये अवसर उत्पन्न होंगे। नर्मदा किनारे बसे जबलपुर शहर के चारों ओर रिंग रोड का ड्राइंग में दो पुलों का निर्माण भी होगा। प्रस्तावित दोनों ही पुलों को स्टेट आफ आर्ट टैक्नोलॉली के तहत आइडियल ब्रिज के रूप में प्रस्तावित किया गया है। भेड़ाघाट के नजदीक बनने वाले पुल पर, होटल रोपवे का प्रावधान भी है। जिससे भेड़ाघाट घूमने आने वाले पर्यटकों को पर्यटन की अलग अनुभूति होगी।

गांवों से गुजरते हुए ऐसे संवरेगी रिंग रोड
एक नजर में रिंग रोड पर
- प्रस्तावित परियोजना लगभग 3100 करोड़ की लागत आएगी।
- करीब 550 हेक्ट. भूमिअर्जन, होगा जिसमें 250 करोड़ की लागत आएगी।
- रिंग रोड़ जबलपुर जिले में स्थित 83 ग्रामों से होकर गुजरेगी।
- रिंग रोड़ की भू-अर्जन की प्रक्रिया जिला प्रशासन द्वारा होगी, जिसे जनवरी 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
- इस परियोजना के अंतर्गत सड़क के मध्य और किनारों पर 2 लाख पौधे भी लगाए जाएंगे।
- भू-जल के संधारण के लिये 448 वर्षाजल संग्रहण प्रणाली लगाई जाएंगी।

परियोजना का महाविस्तार
रिंग रोड परियोजना के अंतर्गत, जबलपुर की पहचान भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात से भी है। यहां तक डायरेक्टर कनेक्टिविटी हेतु 2.7 किमी. की दो लेन चौड़ी सड़क का निर्माण भी प्रस्तावित हैं। रीवा-सतना-मण्डला-कटनी-दमोह-सागर-सिवनी से आने वाले यात्रियों को शहर के भीतरी यातायात से निजात दिलाने हेतु, रिंग रोड़ से एयरपोर्ट की सीधी कनेक्टिीविटी भी परियोजना में शामिल की गई हैं।
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