Jabalpur News: नाम True Care लेकिन व्यवस्थाएं केयरलेस, प्रशासन ने हॉस्पिटल का लाइसेंस किया रद्द
एमपी के जबलपुर नियमों को ताक रखकर प्राइवेट अस्पतालों का संचालन जारी हैं। ऐसे ही एक अस्पताल का प्रशासन ने लाइसेंस रद्द कर दिया। नए मरीजों की भर्ती पर भी रोक लगा दी गई है।

Jabalpur True Care Hospital: नाम 'ट्रू केयर' लेकिन इंतजाम केयरलेस। एमपी के जबलपुर में ऐसे ही एक प्राइवेट हॉस्पिटल के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास कटंगी बायपास के ट्रू केयर अस्पताल की बदइंतजामियों की शिकायतें पहुंची थी। जांच टीम ने जब दबिश दी तो हॉस्पिटल संचालित करने की न तो बिल्डिंग परमीशन मिली और न ही सुरक्षा संबंधी जरुरी मापदंड पूरे मिले। अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड करते हुए प्रशासन ने यहां नए मरीजों के भर्ती करने पर रोक लगा दी है।

एमपी के जबलपुर में पिछले साल प्राइवेट हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड से भी दूसरे निजी अस्पताल नहीं चेते और स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर धंधा जारी हैं। कटंगी बायपास के नजदीक कुछ समय पहले ट्रू केयर नाम से एक अस्पताल की ओपनिंग हुई थी। शासन के नियमों के विपरीत यह अस्पताल न सिर्फ संचालित हो रहा है बल्कि कई खतरों के बीच यहां भर्ती मरीजों का इलाज किया जाता है। अव्यवस्थाओं का शिकार कुछ लोगों ने इस अस्पताल की प्रशासन से भी शिकायत की थी। 10 हजार वर्गफीट से भी कम जगह में यह अस्पताल चल रहा है। जिस बिल्डिंग को अस्पताल नुमा बनाया गया, उसका नक्शा सरपंच ने स्वीकृत किया।
जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम जब यहां जांच करने पहुंची तो कई खामियां नजर आई। ज्वाइंट डायरेक्टर हेल्थ डॉ. संजय मिश्रा के मुताबिक वर्तमान में संबंधित अस्पताल में भर्ती मरीजों को अन्यत्र दूसरे अस्पताल में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिल्डिंग परमीशन न होने पर हॉस्पिटल का पंजीयन निरस्त कर दिया गया हैं। इसके अलावा जारी आदेश में कहा गया है कि नए मरीजों को भर्ती न किया जाए। मौजूदा भर्ती मरीजों का उचित उपचार करने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जाए। आपको बता दें कि इसी तरह की कार्रवाई पिछले साल एक निजी अस्पताल में हुए अग्निकांड के बाद कई अस्पतालों के खिलाफ हुई थी।












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