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Jabalpur News: दाने-दाने को मोहताज गरीब, जबलपुर में सड़ गया हजारों क्विंटल गेहूं-धान, बिलबिलाने लगे कीड़े

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मप्र में एक तरफ सरकार गरीबों को सस्ता अनाज मुहैया कराने तरह तरह के जतन कर रही है, किसानों को खुश रखने पहले के मुकाबले समर्थन मूल्य में भी इजाफा किया। वहीं सरकार के अपने ही विभाग जितना जी चाह रहा हैं, उतना चूना लगाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे। ताजा मामला जबलपुर जिले का है जहां हजारों क्विंटल गेहूं-धान सड़ गया और उसमें कीड़े बिलबिलाने लगे। करीब ढाई करोड़ कीमत के बर्बाद हुए इस अनाज की जिम्मेदारी लेने तक विभाग तैयार नहीं है। जिस कैंप में यह बड़ी लापरवाही सामने आई है उसके मैनेजर का कहना है कि सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन को करीब 45 चिट्ठियां लिखी, लेकिन 3 साल में गेहूं धान सुरक्षित जगह नहीं रखवाया गया।

खुले मैदान में पॉली बैग में रखा छोड़ा

खुले मैदान में पॉली बैग में रखा छोड़ा

करीब चार साल पहले 2019 में सरकार द्वारा प्रदेश भर में शुरू हुई गेहूं-धान खरीदी के वक्त जबलपुर के तिलसानी गांव में खरीदी केंद्र बनाया था। वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन ने अस्थाई कैंप में गेहूं-धान पॉली बैग से कवर करके रखवा दिया। उस वक्त जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कुछ दिनों बाद यह अनाज कवर्ड गोदाम में शिफ्ट कर दिया जाएगा। महीनों नहीं सालों बीत गए, लेकिन अफसरों ने यहां की सुध नहीं ली।

करीब 45 चिट्ठियां भेजने के बाद हुई यह दुर्दशा

करीब 45 चिट्ठियां भेजने के बाद हुई यह दुर्दशा

जिस एरिया में हजारों क्विंटल अनाज खुले में सड़ने दिया, उस तिलसानी कैंप के मैनेजर प्रदीप पटले का कहना है कि वह संबंधित अधिकारियों को लगातार सूचना देते रहे है कि अनाज खुली जगह पर रखा है, इससे नुकसान संभावित है। मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन के जिला प्रबंधक को 45 से ज्यादा बार पत्र लिखे, लेकिन गेहूं और धान उठाने की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। जबकि मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन की ही यह जिम्मेदारी होती है।

लगभग ढाई करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान

लगभग ढाई करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान

जानकारी के मुताबिक इस केंद्र में 2019 में लगभग 14 हजार क्विंटल गेहूं और 15 हजार क्विंटल धान की किसानों से खरीद हुई थी। समर्थन मूल्य पर हुई खरीदी के बाद किसानों के खाते में राशि भी जमा हो गई थी। बताया गया कि गेहूं की कीमत लगभग 1 करोड़ और धान की डेढ़ करोड़ रुपए कीमत का रही।

कैंप के निरीक्षण के बाद तय करेंगे जिम्मेदारी

कैंप के निरीक्षण के बाद तय करेंगे जिम्मेदारी

इधर वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के जिला अधिकारी का पहले रहे अफसरों की तरह ही रवैया नजर आ रहा है। मीडिया ने जब जिला प्रबंधक सखाराम निमोदा से इस लापरवाही के बारे में सवाल किया तो उनका कहना था कि निरीक्षण किया जाएगा। उसके बाद जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों का पता चलेगा। फौरी तौर पर उन्होंने किसी के भी खिलाफ कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।

नीलम होगा सड़ा हुआ गेहूं

नीलम होगा सड़ा हुआ गेहूं

कैंप प्रबंधक प्रदीप पटले के मुताबिक धान सड़ने की जानकारी कॉर्पोरेशन को मिल चुकी थी। जिसके बाद नीलामी की प्रक्रिया अपनाई गई। जिसे विभाग द्वारा पूरा कर लिया गया है। ठेकदार द्वारा धान को उठवाया जा रहा है, वहीं सड़े गेहूं के लिए अलग से नीलामी प्रक्रिया अपनाई जा जाएगी। यह मामला मीडिया में आने के बाद भोपाल मुख्यालय से भी जांच के निर्देश दिए गए है।

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English summary
Jabalpur Thousands of quintal wheat paddy rotted Worms started whining in grains of poor
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