जबलपुर, 02 सितंबर: मध्यप्रदेश में के निगम मंडलों में जमीनी कर्मठ कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर कई विधायकों को उपकृत करने के सरकार के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। इस मामले में जबलपुर की ग्रामीण सीट पाटन से विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई सोशल मीडिया पर खुलकर बोले। उन्होंने ट्वीट किया और लिखा कि आरक्षण और अन्य वजहों से पार्टी के जो कार्यकर्ता विधायक नहीं बन पाए, उनकी जगह विधायकों को निगम मंडल में जगह देना अन्याय है।
सूबे में बीजेपी सरकार की सियासत में जबलपुर से विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने एक बार फिर अप्रत्यक्ष रूप से अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है। इस बार विश्नोई ने निगम मंडल की नियुक्तियों पर एतराज जताया है। दरअसल सरकार की ओर से निगम मंडल अध्यक्षों के रूप में कुछ बीजेपी विधायकों की नियुक्तियां की हैं। जिस पर विश्नोई को आपत्ति है। उन्होंने रविवार को एक ट्वीट किया जिसमें लिखा कि -
कार्यकर्ताओ की पार्टी भाजपा में अनेको योग्य कार्यकर्ता आरक्षण अथवा किसी अन्य कारण से विधायक नही बन पाते है। विधायको को निगम मंडल में पद देना, ऐसे कार्यकर्ताओ के साथ अन्याय होगा।
पहले भी देते आए है विश्नोई ऐसे बयान
यह पहला मौका नहीं है, जब अपने बेबाक बयान को लेकर अजय विश्नोई चर्चा में है। इससे पहले भी कई मर्तबा कभी महाकौशल अंचल से मंत्री को लेकर, तो कभी किसानों को बिजली की समस्या को लेकर खुलकर बोलते नजर आए है। कमलनाथ सरकार गिरने के बाद बनी शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल में महाकौशल अंचल के प्रतिनिधित्तिव पर कई सवाल उठाए थे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष के चयन के वक्त भी विश्नोई अपनी आवाज बुलंद करते दिखे। हालांकि गिरीश गौतम के रूप में विंध्य की झोली में यह उपलब्धि में हासिल हुई। कुछ महीनों के ब्रेक के बाद एक बार विश्नोई ने जिस ढंग से अपने मन की बात सार्वजनिक की है, उसके कई मायने निकाले जा रहे है।