ईओडब्ल्यू की कार्रवाई : फर्जी दस्तावेजों से लाखों का मॉर्गेज लोन लेने वाला गिरफ्तार
EOW के हत्थे चढ़े आरोपी योगेश साहनी पर आरोप है कि उसने आशा गौड़ के साथ मिलकर वर्ष 2002 में भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा जबलपुर में आशा गौड़ की अचल संपत्ति बंधक रखवाई। EOW's action: One arrested for taking mortgage loan
जबलपुर, 05 जुलाई: फर्जी दस्तावेजों के सहारे PNB और SBI से लाखों का लोन लेकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को EOW ने दबोंच लिया। गिरफ्तार आरोपी ने बैंकों से 14 लाख 80 हजार रुपए की क्रेडिट लिमिट हासिल कर उसकी अदायगी नही की। काफी वक्त बीतने के बाद संबंधित बैंक ने कोर्ट में अभियोग पत्र पेश किया।

EOW के हत्थे चढ़े आरोपी योगेश साहनी पर आरोप है कि उसने आशा गौड़ के साथ मिलकर वर्ष 2002 में भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा जबलपुर में आशा गौड़ की अचल संपत्ति बंधक रखवाई। फिर सितंबर 2002 को टेंट हाउस के सामान हेतु 5 लाख रुपये केश क्रेडिट लिमिट से ऋण प्राप्त किया । उसके कैश क्रेडिट लिमिट 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये ऋण हेतु हीरा सिंह की अचल सपत्ति को भी बंधक रखकर 10 लाख रुपये लोन लिया गया। उसके बाद किश्तों की जब अदायगी नही हुई तो यह मामला कोर्ट पहुंचा।

बंधक संपत्ति ही बेच दी
EOW के मुताबिक आरोपी ने टेंट के सामान के लिए जिन लोगों को गारंटर बनाया था और उनकी अचल संपत्ति बंधक थी। वह कुछ सालों बाद कूट रचित दस्तावेजों के सहारे बेंच दी। बैंक के कई वसूली नोटिस के बाबजूद जब लोन की रकम अदा नहीं हुई तो इस संबंध में PNB और SBI ने अदालत में एक अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। कोर्ट के आदेश के बाद EOW ने जांच करते हुए आरोपी योगेश को गिरफ्तार कर लिया है। वही यह मामला सामने आने के बाद जिन लोगों ने योगेश के कहने पर बंधक संपत्ति खरीदी, वह परेशान है। अब वह भी कानूनी सलाह ले रहे है ताकि भविष्य में उन्हें कोई परेशानी न हो।












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