Agniveer ट्रेनिंग में बहा पसीना ही युद्ध में खून बचाता है, जबलपुर में बोले लेफ्टिनेंट जनरल एम के दास
सेना के मध्य भारत एरिया में लगभग 10 हजार अग्निवीर ट्रेनिंग ले रहे हैं। जबलपुर के सेंटर्स में प्रशिक्षुओं की हौसला अफजाई करने कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल एम के दास पहुंचे। जिन्होंने फ़ौज की कई बारीकियां बताई।

Agniveer traning: देश के कई हिस्सों में अग्निवीरों की ट्रेनिंग चल रही हैं। चयनित युवाओं को न सिर्फ शारीरिक और मानसिक रूप से बलवान बनाया जा रहा हैं, बल्कि आधुनिक युद्ध से जुड़ी बारीकियां भी बताई जा रही हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी सेना के सेंटर्स में सैकड़ों अग्निवीर प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। उनकी हौसला अफजाई करने सेना के उच्च अफसर भी पहुंच रहे है। इसी कड़ी में मध्य भारत एरिया प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एम के दास पहुंचे। उन्होंने 3 हजार प्रशिक्षुओं को संबोधित किया और कहा कि जो तुफानो में पलते हैं, वे ही दुनिया बदलने का दम रखते हैं।

जबलपुर पहुंचे GOC मध्य भारत एरिया
सेना के मध्य भारत एरिया के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल एम के दास जबलपुर पहुंचे। जबलपुर के प्रशिक्षण केंद्रो 1 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर, जम्मू-कश्मीर रायफल रेजिमेंटल सेंटर और ग्रेनेडियर रेजिमेंटल सेंटर मे ट्रेनिग ले रहे करीब 3 हजार अग्निवीर प्रशिक्षुओं से रु-बरु हुए। जीओसी मध्य भारत एरिया ने प्रशिक्षुओं से कहा कि भारतीय सेना अग्निवीर योजना को सफल बनाने के लिये प्रयासरत है। इसके लिये मध्य भारत एरिया जबलपुर के समस्त प्रशिक्षण केंद्र प्रशिक्षण के लिये पूरी तरह से तैयार है। हमारा मकसद जवानों को आज्ञाकारी, कुशल और स्वेच्छा से कार्य करने वाला सैनिक बनाना हैं I बताया गया कि मध्य भारत एरिया मे करीब 10000 अग्निवीर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

न करें भविष्य की चिंता
लेफ्टिनेंट जनरल दास प्रशिक्षुओं से बोले कि सभी भविष्य में आधुनिक युद्ध की चुनौतियो के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से सदैव तैयार रहे। फौज की बेसिक ट्रेनिंग कभी न भूले। उन्होंने कहा कि सेना की ट्रेनिंग कठिन होती है, प्रशिक्षण के दौरान बहाया गया पसीना ही युद्ध में खून बचाता हैं I हमारा मुख्य उद्देश्य अग्निवीरों ट्रेनिंग देकर सभी को समान स्तर पर लाना हैं I युवाओं को सेना के चयन के फैसले पर बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि यह संस्था आपका आजीवन साथ देती है और हर तरह का पूरा ख्याल रखती हैं। इसलिए भविष्य की चिंता की बजाय ट्रेनिंग पर ध्यान दें।

अग्निवीरों के लिए रोजगार के भी अवसर
सेना का नेतृत्व अग्निवीरों के दूसरे रोजगार हेतु भी लगातार प्रयास कर रही हैं। जिसमें पहला कदम सीमा सुरक्षा बल में 10 प्रतिशत आरक्षण और दूसरी सफलता CAPF असम राइफल्स में आरक्षण का प्रावधान किया गया हैंI हमारा भारत विकासशील देश से विकसित देश की तरफ तेजी से अग्रसर है जिसमे अग्निवीरों का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। लेफ्टिनेंट जनरल दास ने कहा कि इसकी गम्भीरता को समझते हुए इस राष्ट्रीय अभियान का सकारात्मक हिस्सा बनने हमेशा प्रयत्नशील रहेंI बताया गया कि प्रशिक्षण में किसी भी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। नीचे से लेकर ऊपर तक जिस अधिकारी को जो जिम्मेदारी मिली हैं, वह उसके मुताबिक ट्रेनिंग देंगा। आज की जाने वाली मेहनत कल का सुनहरा भविष्य होगा।
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