‘जानवरों की तरफ महसूस कर रहे हैं यूक्रेनी’, जेलेंस्की की NATO को चेतावनी, देखते रहे तो लाखों लोग मरेंगे
वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने बुधवार को चेतावनी दी है, कि अगर नाटो और पश्चिमी देश ने व्लादिमीर पुतिन के ‘बमबारी अभियान’ को रोकने के लिए यूक्रेन पर नो-फ्लाई ज़ोन लागू नहीं किया, को फिर लाखों लोग मारे जा सकते हैं।
कीव, मार्च 10: यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बार फिर से नाटो देशों को चेतावनी जारी की है और कहा है, कि अगर नाटो इसी तरह तीसरे विश्वयुद्ध होने के डर से हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा, तो यूक्रेन में लाखों लोग मारे जाएंगे। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने नाटो से एक बार फिर से अपील की है, कि वो यूक्रेन में 'नो-फ्लाई जोन' लागू करें और रूस को रोकें, नहीं तो लाखों यूक्रेनी नागरिक मारे जाएंगे।

नाटो को जेलेंस्की की चेतावनी
राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने बुधवार को चेतावनी दी है, कि अगर नाटो और पश्चिमी देश ने व्लादिमीर पुतिन के 'बमबारी अभियान' को रोकने के लिए यूक्रेन पर नो-फ्लाई ज़ोन लागू नहीं किया, को फिर लाखों लोग मारे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि, नाटो तीसरा विश्व युद्ध ना शुरू हो, इसलिए प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन नाटो की प्रतिक्षा की वजह से 'लाखों' यूक्रेनियन मर सकते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी, कि रूस चाहता है कि यूक्रेनियन 'जानवरों की तरह महसूस करें' और रूस की सेना उनकी मातृभूमि पर चौतरफा हमला कर रही है। इसके साथ ही जेलेंस्की ने कहा कि, यूक्रेन पर हमला करेना वाले पुतिन सीधे 'नर्क' जाएंगे।

‘जानवरों की तरह करवाना चाहते महसूस’
स्काई न्यूज को दिए गये एक इंटरव्यू के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि, "वे (पुतिन) चाहते हैं कि हम जानवरों की तरह महसूस करेंस क्योंकि उन्होंने हमारे शहरों, यूक्रेन के सबसे बड़े शहरों को घेर कर रखा है और उन्होंने शहरों को बंद कर दिया है। वो नहीं चाहते कि हमारे लोगों को कुछ खाना या पानी मिले।" यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि, ''यह सब हम अकेले नहीं रोक सकते। पूरी दुनिया यूक्रेन के इर्द-गिर्द एकजुट होना होगा।' उन्होंने कहा कि, ''आप मेरे हजार बार या लाखों बार कहने का इंतजार ना करें, कि यूक्रेन में 'नो फ्लाई जोन' लागू करें, आपको हमें फोन करना होगा, या हमारे उन लोगों के लिए, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है, या फिर कल के लिए जब आप हमें कहें, 'सॉरी, हमने कल आपके लिए ऐसा नहीं किया'।

‘भविष्य में बहुत देर हो जाएगी’
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि, 'दुनिया ने कुछ नहीं किया। मुझे खेद है, लेकिन यह सच है। भविष्य में बहुत देर हो जाएगी। वे (नाटो) नो फ्लाई जोन बनाएंगे, लेकिन इंतजार करने में उससे पहले लाखों लोगों को खो देंगे।' आपको बता दें कि, पश्चिमी सरकारों ने अब तक यूक्रेन के ऊपर नो-फ्लाई ज़ोन घोषित करने के लिए ज़ेलेंस्की की हताश अपील का विरोध किया है। पश्चिमी देशों को डर है, कि अगर यूक्रेन में 'नो फ्लाई जोन' घोषित किया जाता है, तो फिर विश्वयुद्ध और परमाणु बमों का इस्तेमाल हो सकता है। फिर भी, पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को हथियारों के साथ मदद की है और ब्रिटेन ने कहा कि, वह अब तक भेजे गए 3,000 से अधिक टैंक-विरोधी हथियारों के अलावा, यूक्रेन की मदद के लिए और अधिक पोर्टेबल मिसाइल सिस्टम भेजने की तैयारी कर रहा है।

क्या होता है ‘नो फ्लाई जोन’?
आपको बता दें कि, नो फ्लाई जोन वह विशेष क्षेत्र होता है जहां कुछ प्रकार की उड़ानें प्रतिबंधित होती हैं। यूक्रेन में मुख्य रुप से रूसी सैन्य विमानों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की बात की जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि, नो-फ्लाई जोन एक निर्दिष्ट भौगोलिक स्थान है, जहां कुछ उड़ानें प्रतिबंधित की जाती हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का कहना है कि, यूक्रेन को नो-फ्लाई जोन घोषित करना आसान नहीं है। इसके लिए रूसी हवाई सुरक्षा को नष्ट करने की आवश्यकता होगी, जो यूक्रेन में नाटो जेट तक पहुंच सकती है। देश के ऊपर रूसी विमानों को मार गिराने की धमकी दे सकते हैं। वहीं, अगर पश्चिमी देश ऐसा करते हैं, तो फिर उनकी रूस से सीधी लड़ाई शुरू हो जाएगी, जो वो नहीं चाहते हैं।

अस्पतालों पर हो रहे हैं हमले- जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के ऊपर यूक्रेनी अस्पतालों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए रूस को 'युद्ध का मुजरिम' ठहराया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने दक्षिणपूर्वी शहर मारियुपोल में बच्चों के एक अस्पताल पर हुए हमले को "युद्ध अपराध" की श्रेणी में रखा है। अस्पताल पर रूसी हमले की अंतरराष्ट्रीय निंदा की जा रही है। जेलेंस्की ने कहा कि, "हमने डोनेट्स्क या लुहान्स्क क्षेत्रों, या किसी भी क्षेत्र के किसी भी शहर में इस युद्ध अपराध की तरह कुछ भी नहीं किया है और कभी नहीं करेंगे... क्योंकि हम इंसान हैं। लेकिन क्या तुम हो?" ज़ेलेंस्की ने अपनी बात रखने के लिए रूसी की ओर रुख करते हुए रूस को 'युद्ध अपराधी' के तौर पर जिम्मेदार ठहराने की मांग की है। आपको बता दें कि, यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने कहा है कि, यूक्रेन युद्ध में अभी तक कम से कम 37 बच्चे मारे गए हैं और 50 घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि, "दो सप्ताह से भी कम समय में", 10 लाख से अधिक बच्चों को पलायन करने के लिए मजबूर किया गया।

रूस ने आरोपों को ठुकराया
वहीं, रूस ने यूक्रेनी राष्ट्रपति के आरोपों को ठुकरा दिया है। रूस ने यूक्रेनी राष्ट्रपति के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें जेलेंस्की ने कहा था, कि रूसी सेना ने बच्चों के अस्पताल पर बमबारी की थी। रूस ने कहा है कि, यूक्रेनी राष्ट्रपति फर्जी खबर प्रसारित कर रहे हैं। रूस ने कहा है कि. ये एक पूर्व प्रसूति अस्पताल था, जिसे युद्ध की शुरूआत में ही रूस ने कब्जा कर लिया था। संयुक्त राष्ट्र में रूस के पहले उप स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोलांस्की ने ट्विटर पर कहा, "इस तरह से फर्जी खबरें पैदा होती हैं।" पॉलींस्की ने कहा कि, रूस ने 7 मार्च को चेतावनी दी थी, कि अस्पताल को एक मिलिट्री ऑब्जेक्ट में बदल दिया गया था, जिससे यूक्रेनियन सेना गोलीबारी कर रही थी।












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