बोलीं तसलीमा नसरीन-'तुमने मुझे चौथी बार मारा लेकिन मैं मरी नहीं', जानिए क्या है मामला?
ढाका, 10 जनवरी। अपने विवादित बयानों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहने वाली लेखिका तसलीमा नसरीन एक बार फिर से अपने एक ट्वीट के कारण चर्चा में हैं। दरअसल तस्लीमा नसरीन का फेसबुक अकाउंट Remembering हो गया है, जिस पर तस्लीमा भड़क गई हैं। मालूम हो कि किसी भी व्यक्ति का फेसबुक अकाउंट तब रिमेंबरिंग होता है, जब वो व्यक्ति दुनिया में नहीं होता है।

'तुमने मुझे चौथी बार मारा लेकिन मैं मरी नहीं
इसलिए तस्लीमा ने गुस्से में ट्वीट किया है, जो कि वायरल हो गया है। उन्होंने लिखा है कि 'मेरा अकाउंट एक बार फिर memorialized कर दिया है,ऐसा चौथी बार हुआ है, जब आपने मुझे मारा है,आप ऐसा करके क्या जिहादियों को खुश करने की कोशिश कर रहे हो? मैं अभी मरी नहीं हूं, कृपया मुझे मेरा फेसबुक अकाउंट वापस कर दें'।

फेसबुक अकाउंट तीन बार पहले भी सस्पेंड हो चुके हैं
आपको बता दें कि तसलीमा नसरीन के इस ट्वीट पर कमेंट की बहार आ गई है। मालूम हो कि तसलीमा लगातार इस्लामिलक कट्टरवाद के खिलाफ लिखती रहती हैं इसलिए उनके फेसबुक अकाउंट तीन बार पहले भी सस्पेंड हो चुके हैं।

'हिजाब या बुर्का पहनना महिला की च्वाइस है...'
उन्होंने इसके बाद हिजाब को लेकर हो रहे विवाद पर भी कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने हिजाब की वकालत करने वालों की जमकर क्लास लगाई है। उन्होंने लिखा है कि 'हिजाब या बुर्का पहनना महिला की च्वाइस बताने वाले लोग आने वाले समय में कहेंगे कि चार पत्नी रखना भी महिला की ही पसंद हैं। मुस्लिम महिला जींस अपनी पसंद से पहनती है लेकिन हिजाब उसे परिवार के दवाब में आकर पहननना पड़ता है। लोगों ने अपने मतलब को साधने के लिए इस मसले को तूल दे दिया है।'
अगर बुर्का इतना ही आरामादायक है तो...
उन्होंने आगे लिखा है कि 'बुर्का हो या घूंघट इस बारे में पहले भी बात हुई है। विद्यासागर और राजा राम मोहन रॉय ने महिलाओं को धार्मिक अंधकार से मुक्त करने के लिए मार्च कियाा था। अगर बुर्का इतना ही आरामदायक और फैशनेबल है तो फिर तो इसे मुस्लिम पुरुषों, सभी आदमी, औरतों, बच्चों को भी पहनना चाहिए।
क्या है विवाद?
आपको बता दें कि में मुस्कान नाम की एक लड़की कर्नाटक के मांडया के एक स्कूल में बुर्का पहनकर अपने कॉलेज गई थी लेकिन कुछ शरारती लोगों ने उसे स्कूल के अंदर नहीं जाने दिया और क्योंकि उसने बुर्का पहना हुआ था। उन लोगों का कहना था कि पहले बुर्का उतारो फिर अंदर जाओ।
'जय श्री राम' के नारे के बदले 'अल्लाहू अकबर'
मुस्कान ने बताया था कि 'उन लोगों ने मुझे घेर लिया था और 'जय श्री राम' के नारे लगाने लगे थे, इसके जवाब में मैनें भी 'अल्लाहू अकबर का नारा' लगाया था।' वह बताती है कि 'मेरे टीचर और प्रिंसिपल ने मेरा सपोर्ट किया, उन लोगों ने मुझे भीड़ से बचाया था। मैं क्लास में हिजाब पहनती हूं और आज तक किसी ने मुझे कुछ नहीं कहा, जो कुछ भी हुआ वो बाहर हुआ और बाहरवालों ने किया।' इस घटना के सामने आने के बाद इस मसले पर राजनीति गर्माई हुई है। कई दिग्गज नेताओं ने इस घटना की निंदा की है।












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