पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कम खुजली क्यों होती है हैं? रिसर्च में महत्वपूर्ण बात का पता चला

शोधकर्ताओं की टीम ने कंडीशनल नॉकआउट चूहों (cko चूहों) का परीक्षण किया, जिसका अर्थ है कि विशिष्ट जीन वाले चूहों को इस परीक्षण से हटा दिया गया था या निष्क्रिय कर दिया गया था।

नई दिल्ली, जून 27: हालांकि ये सवाल काफी अटपटा हो सकता है, लेकिन ये भी बात सही है, कि लोग खुजली से काफी परेशान होते हैं और बाजार में खजली कंट्रोल करने के लिए कई तरह की दवाइयां मौजूद हैं। लेकिन, वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है, कि पुरूषों के मुकालबे महिलाओं को कम खुजली होती है और इसके पीछे की वजह का भी शोध में खुलासा किया गया है।

महिलाओं में कम सोरायसिस

महिलाओं में कम सोरायसिस

पुरुषों की तुलना में, महिलाओं में गंभीर सोरायसिस की घटना काफी कम होती है। सोरायसिस इंसानों के त्वचा की एक स्थिति है, जो चकत्ते का कारण बनती है और फिर लोगों को खुजली होना शुरू हो जाता है। हालांकि, सोरायसिस लिंग भेद क्यों कर रहा है और इससे महिलाओं के मुकाबले पुरूष ज्यादा संवेदनशील क्यों हैं, इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया था, लेकिन इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब वैज्ञानिकों ने इसके पीछे की वजह का खुलासा कर दिया है।

सोरायसिस को लेकर शोध

सोरायसिस को लेकर शोध

शोधकर्ताओं की एक टीम ने पाया है कि, मादा हार्मोन एस्ट्राडियोल सोरायसिस को दबा देता है। क्योटो विश्वविद्यालय ने इसको लेकर एक प्रेस रीलिज जारी किया है, जिसमें इसको लेकर सारी जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि, हार्मोन की सुरक्षात्मक भूमिका ने इसकी चिकित्सीय क्षमता के लिए एक आधार प्रदान किया है। यह अध्ययन जर्नल ऑफ एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। क्योटो यूनिवर्सिटी, जिसे पहले हमामात्सू यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन कहा जाता था, उसने टेटसूया होंडा के हवाले से विज्ञप्ति में कहा है कि, 'हमारे परिणामों ने न केवल सोरायसिस में लिंग अंतर के आणविक तंत्र का खुलासा किया है, बल्कि एस्ट्राडियोल की शारीरिक भूमिका के बारे में हमारी समझ पर भी नई रोशनी डाली है।"

चूहों पर किया गया परीक्षण

चूहों पर किया गया परीक्षण

शोधकर्ताओं की टीम ने कंडीशनल नॉकआउट चूहों (cko चूहों) का परीक्षण किया, जिसका अर्थ है कि विशिष्ट जीन वाले चूहों को इस परीक्षण से हटा दिया गया था या निष्क्रिय कर दिया गया था। यहां, चूहों के अंडाशय को हटा दिया गया था, जिन्हें एस्ट्राडियोल छर्रों के साथ पूरक किया गया था। जंगली प्रकार के चूहों के विपरीत, प्राकृतिक डिम्बग्रंथि हार्मोन एस्ट्राडियोल के बिना cko चूहों में त्वचा की गंभीर सूजन के लक्षण दिखाई दिए। एक बार जब इन चूहों को एस्ट्राडियोल दिया गया, तो प्रतिरक्षा कोशिकाओं में साइटोकिन्स का उत्पादन उलट गया, जिससे सूजन कम हो गई। यह प्रभाव मानव कोशिकाओं में इन विट्रो में भी देखा गया था। प्रमुख शोधकर्ता ने कहा कि, 'इन परिणामों से संकेत मिलता है कि एस्ट्राडियोल न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज कोशिकाओं को विनियमित करके सोरियाटिक सूजन को दबा देता है'।

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