यूक्रेन ने क्यों फैलाई रूस के पत्रकार की हत्या की झूठी खबर?
कीव। रूस के खोजी पत्रकार आर्काडी बाबचेंको के मौत की खबर झूठी निकली है, जिसे यूक्रेन ने फैलाई थी। यूक्रेन ने कहा था कि बाबचेंको को कीव में गोली मारकर हत्या कर दी है, जिसके बाद पत्रकार ने खुद मीडिया के सामने आकर इस खबर को झूठ बताया। पत्रकार की मौत को लेकर झूठी खबर फैलाने के लिए यूक्रेन की कड़ी आलोचना हो रही है। बताया जा रहा है कि यूक्रेन ने एक साजिश के तहत इस झूठ को फैलाया था।

41 साल के पत्रकार बाबचेंको मंगलवार को खुद मीडिया के सामने आए और कहा कि 'मैं अभी जिंदा हूं'। एक दिन पहले यह खबर आई थी कि बाबचेंको की यूक्रेन की राजधानी कीव में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस खबर में बताया गया था कि बाबचेंको की पत्नी ने गोली चलने की आवाज सुनी और जब वो बाहर आईं तो अपने पति को खून में लथपथ पाया।
इस खबर के मुताबिक, बाबचेंको की पीठ पर गोलियां लगी थीं और अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई। यूक्रेन के अनुसार, बाबचोंक क्रेमलिन और रूस सरकार की अक्सर आलोचना करते रहे, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई।
हालांकि, बाबचेंको ने स्वंय बाहर इस खबर को झूठ साबित कर दिया। वहीं, यूक्रेन का कहना है कि उन्होंने रूस के एजेंटों का भांडा फोड़ने के लिए पत्रकार की हत्या की झूठी खबर फैलाई थी। रूस के ऊपरी संसद हेड कोन्सटांटिन कोसचेव ने कहा कि जिस तरह ब्रिटेन नर्व एजेंट अटैक का आरोप लगाकर रूस के बदनाम करने की कोशिश की, कुछ इस तरह की हरकत यूक्रेन ने भई की है। रूस ने कहा कि सिर्फ हमें बदनाम करने के लिए यूक्रेन ने साजिश रची है।












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