भारत आने से इनकार करने वाले रूसी राष्ट्रपति जाएंगे चीन, व्लादिमीर पुतिन ने बीजिंग दौरे के लिए क्यों भरी हामी?
Vladimir Putin China Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत में अगले महीने होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में आने से असमर्थता जताई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति अक्टूबर में 'बेल्ट एंड रोड फोरम' के लिए चीन की यात्रा पर जाएंगे।
लिहाजा, सवाल उठ रहे हैं, कि आखिर भारत आने से इनकार करने वाले व्लादिमीर पुतिन ने चीन दौरे के लिए क्यों हामी भरी है?
मामले से परिचित लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर ब्लूमबर्ग को बताया है, कि शी जिनपिंग ने पुतिन को चीन आने का निमंत्रण दिया है और क्रेमलिन फिलहाल पुतिन की चीन यात्रा को लेकर काम कर रहा है।

ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से कहा है, कि पुतिन केवल उन्हीं देशों का दौरा करना चाहते हैं, जहां उनकी सुरक्षा सेवाएं उनकी सुरक्षा की 'पूरी तरह से गारंटी' दे सकें।
यूक्रेन में कथित युद्ध अपराधों को लेकर मार्च में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) द्वारा उनकी गिरफ्तारी का वारंट जारी करने के बाद से पुतिन ने विदेश यात्रा नहीं की है। लिहाजा, सवाल उठ रहे हैं, कि क्या व्लादिमीर पुतिन को भारत आने से डर लगता है और क्या वो चीन को सुरक्षित मानते हैं?
शीर्ष रूसी अधिकारी मारिया अलेक्सयेवना लवोवा-बेलोवा के खिलाफ भी गिरफ्तार वारंट जारी किया गया है।
हेग स्थित अदालत ने वारंट जारी करते हुए कहा, कि यूक्रेन में रूसी सेना द्वारा किए गए कथित युद्ध अपराधों के लिए पुतिन जिम्मेदार हैं।
हालांकि, मॉस्को ने गिरफ्तारी वारंट को 'अर्थहीन' बताते हुए खारिज कर दिया और कहा, कि रूस 2016 में ही आईसीसी की मेंबरशिप से हट गया था। क्रेमलिन ने कहा, कि "रूस अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के रोम क़ानून का सदस्य नहीं है और इसके तहत रूस का आईसीसी को लेकर कोई दायित्व नहीं है। रूस इस निकाय के साथ सहयोग नहीं करता है, और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय से गिरफ्तारी के लिए संभावित [दिखावा] हमारे लिए कानूनी रूप से अमान्य होगा।"
हालांकि, रूस ने इस वारंट को अर्थहीन बताया है, लेकिन वारंट जारी होने के बाद से पुतिन ने विदेश यात्रा करनी बंद कर दी है और सिर्फ उन्हीं क्षेत्रों में जा रहे हैं, जहां पर रूस का कब्जा है। व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी भाग लेने के लिए नहीं गये थे।
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, पुतिन को अब आईसीसी के चार्टर के पक्षकार 123 देशों में से किसी में भी गिरफ्तार किए जाने का जोखिम है, जो वर्तमान में यूक्रेन में कथित अपराधों की जांच कर रहा है।
हालांकि, भारत भी आईसीसी का सदस्य नहीं है, फिर भी व्लादिमीर पुतिन भारत नहीं आ रहे हैं, जबकि एक्सपर्ट्स का कहना है, कि भारत में पुतिन की गिरफ्तारी होनी नामुमकिन है। भारत ऐसा सोच भी नहीं सकता है।
वहीं, चीन भी आईसीसी का सदस्य नहीं है।
लेकिन, रूसी राष्ट्रपति का मानना है, कि चीन उन कुछ स्थानों में से एक है, जहां वो अभी भी स्वतंत्र रूप से यात्रा कर सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि भारत भी रोम संविधि पर हस्ताक्षरकर्ता नहीं है, इसलिए अगर पुतिन ने दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का फैसला करते, तो उन्हें गिरफ्तारी का डर नहीं होगा।
लेकिन, पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर बताया, कि वह सोमवार को जी20 में शामिल नहीं हो पाएंगे। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति यूक्रेन में 'विशेष सैन्य अभियान' पर ध्यान केंद्रित करने के कारण जी20 में भाग लेने में असमर्थ हैं।












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