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फिलिस्तीनी PM ने इस्तीफा क्यों दिया? हमास-फतह मिलकर बनाएगी सरकार या अमेरिकी दबाव, वजह क्या है?

इजराइल के साथ जंग के बीच फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह समेत पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया है। पीएम मोहम्मद शतायेह ने इस इस्तीफे की वजह गाजा में इजराइली हमले को बताया है। उन्होंने कहा कि गाजा में फिलिस्तीनी भूख से तड़प रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति महमूद अब्बास को सौंप दिया है।

अल जजीरा के मुताबिक, मोहम्मद शतायेह का इस्तीफा ऐसे वक्त में हुआ है जब अमेरिका फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास पर फिलिस्तीन में नया पॉलिटिकल स्ट्रक्चर बनाने का दबाव बना रहा है।

Mohammad Shtayyeh Resisgns

मोहम्मद शतायेह ने इस्तीफा देते हुए कहा कि अगले चरण में नई सरकार और राजनीतिक व्यवस्था की जरूरत होगी जो गाजा पट्टी में उभरती वास्तविकता, राष्ट्रीय एकता पर बातचीत को ध्यान में रखे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल-हमास जंग खत्म होने के बाद फिलिस्तीन राज्य की स्थापना पर विचार चल रहा है। हालांकि इजराइल इसके पक्ष में नहीं है। इजराइल गाजा-वेस्ट बैंक इलाकों का नियंत्रण भी अपने पास रखना चाहता है।

वहीं युद्ध समाप्त होने के बाद फिलिस्तीनी राज्य पर किसका शासन होगा, अमेरिका इसको लेकर इजराइल और फिलिस्तीनी अथॉरिटी से बात कर रहा है। अमेरिका का कहना है कि यहां शासन के लिए नया पॉलिटिकल स्ट्रक्चर बनाया जाना चाहिए।

फिलिस्तीन अथॉरिटी का कार्यभार फतह पार्टी के हाथों में है लेकिन इजराइल के साथ जंग के बीच देखा जा रहा है कि फतह और हमास दोनों ही दल आम सहमति बनाने पर बातचीत कर रहे हैं और मिलकर सरकार बनाने पर विचार कर रहे हैं।

इसके लिए अगली मीटिंग बुधवार को रूस की राजधानी मॉस्को में रखी गई है। इस बैठक की पुष्टि खुद मोहम्मद शतायेह ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में की थी। उन्होंने इसे फिलिस्तीनी एकता की जरूरत बताया था। हालांकि पश्चिमी देश नहीं चाहते कि हमास को एक बार फिर से फिलिस्तीन पर शासन करने में कोई भूमिका दी जाए।

आपको बता दें कि फिलिस्तीन में फतह और हमास दो विरोधी पार्टियां रही हैं। फतह ने इजराइल को मान्यता दी हुई है जबकि हमास यहूदी राज्य के विरोध में है। हमास एक हथियारबंद संगठन है और 2007 से हमास गाजा पट्टी में शासन कर रहा है। वहीं, फतह की अगुवाई वाले फिलिस्तीन अथॉरिटी का वेस्ट बैंक और यरुशलम में शासन है। इसे ही अतंरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन हासिल है।

फिलिस्तीन अथॉरिटी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलिस्तीनियों का प्रतिनिधित्व करता है। फिलिस्तीन में राजनीतिक व्यवस्था फिलिस्तीनी अथॉरिटी के तहत चलती है। फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) और इजराइल के बीच ओस्लो समझौते के बाद 1994 में फिलिस्तीन अथॉरिटी को एक अंतरिम प्रशासनिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया था।

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