सूडान में जानलेवा वायरस से भरी लैब पर लड़ाकों का कब्जा, WHO ने कहा- बीमारी फैली तो तबाही मचेगी
सूडान में WHO की प्रतिनिधि सईद आबिद नीमा ने कहा, 'यह सबसे बड़ी चिंता है, टेक्नीशियन लैब तक जाने और जैविक सामग्री को सुरक्षित करने में असमर्थ हैं।' हालांकि नीमा ने ये नहीं बताया कि किस पक्ष ने लैब पर कब्जा किया है।

सूडान में 15 अप्रैल से शुरू हुई हिंसा अब तक जारी है। इसमें अबतक 450 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इस बीच खबर है कि राष्ट्रीय सार्वजनिक प्रयोगशाला पर लड़ाकों का कब्जा हो गया है। इस लैब में पोलियो और खसरे सहित गंभीर बीमारियों के नमूने रखे हुए हैं।
इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंगलवार को चेतावनी जारी की है। WHO ने दावा किया कि सूडान में जारी जंग के दौरान लड़ाके सेंट्रल पब्लिक लैब में घुस गए हैं और उस पर कब्जा कर लिया है। इस लैब में हैजा, पोलियो और खसरे सहित कई गंभीर बीमारियों के नमूने रखे हुए हैं।
WHO ने जोर देकर कहा कि इस घटना से बेहद खतरनाक हालात पैदा हो गए हैं। सूडान में WHO की प्रतिनिधि नीमा सईद आबिद ने वीडियो-लिंक के जरिए से जिनेवा में पत्रकारों को जानकारी दी कि केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला पर लड़ाकों का कब्जा चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि जंग को नहीं रोका गया तो स्थिति भयावह हो सकती है।
नीमा सईद आबिद ने कहा कि सामग्री को सुरक्षित करने के लिए टैक्नीशियन लैब तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रयोगशाला को कब्जे में लेने के बाद यहां किसी तरह की अनावश्यक छेड़छाड़ नहीं होगी, नहीं तो ये मानवता के लिए खतरनाक हो सकता है।
नीमा ने कहा कि उन्हें सोमवार को सूडान की राजधानी खार्तूम में राष्ट्रीय प्रयोगशाला प्रमुख का फोन आया था। हालांकि नीमा ने यह साफ नहीं किया कि किस पक्ष ने लैब पर कब्जा किया है। आपको बता दें कि सूडान में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच जंग चल रही है।
सूडान की सेना के जनरल अब्देल-फतह बुरहान और अर्धसैनिक बल के चीफ जनरल मोहम्मद हमदान दगालो के बीच वर्चस्व को लेकर ये जंग चल रही है। इस जंग ने अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं को ठप्प कर दिया है। कई लोग खाने और पानी की तेजी से घटती आपूर्ति के साथ अपने घरों में फंसे हुए हैं।












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