कोरोना वायरस की उत्पत्ति पर WHO कनफ्यूज क्यों है? कभी चीन को दोषी तो कभी बताता है बेदाग
WHO वैज्ञानिकों ने एक बार फिर से कोरोना वायरस को लेकर चीन को क्लीनचिट दिया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि उनके हाथ ऐसे सबूत नहीं मिले हैं, जिससे चीन को दोषी ठहराया जा सके।
वाशिंगटन: कोरोना वायरस पर चीन को क्लीनचिट देना है या फिर चीन को दोषी ठहराना है, लगता है इसका फैसला WHO अभी तक नहीं कर पाया है। ऐसा इसलिए क्योंकि डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिक ने अपने ताजा बयान में कहा है कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे पता चल सके कि चीन में हो कोरोना वायरस की उत्पत्ति हुई थी। डब्ल्यूएचओ वैज्ञानिक के इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर डब्ल्यूएचओ के बयान में बार बार अंतर क्यों आ रहा है?
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चीन को क्लीनचिट
चीन के वुहान जाकर कोरोना वायरस की जांच करने वाले डब्ल्यूएचओ के चार वैज्ञानिकों ने अपने ताजा बयान में कहा है कि चीन से उनके हाथ ऐसे एक भी पुख्ता सबूत नहीं लगे हैं, जिसके बिनाह पर चीन को दोषी ठहराया जा सके। डब्ल्यूएचओ के चार वैज्ञानिकों ने कहा है कि अभी तक की जांच के आधार पर 'चीन की साजिश' या चीन के किसी प्रयोगशाला से कोरोना वायरस बाहर आया है, इस बात का पता नहीं चल पाया है। डब्ल्यूएचओ के चार वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा संभव हो सकता है कि कोरोना वायरस संक्रमण जानवरों से इंसानों में फैला हो।
चाथम हाउस थिंक टैंक वर्चुअल समिट में बोलते हुए डब्ल्यूएचओ के चारों वैज्ञानिकों ने कहा कि 'उन्हें इस बात के सबूत तो मिले हैं कि चीन के वुहान के वेट मार्केट और कोरोना वायरस का संबंध है, जहां से पहली बार कोरोना वायरस इंसानों में फैला और फिर दूसरे देशों में'। यानि, डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिक ये तो बताते हैं कि वुहान से कोरोना फैलने का लिंक मिला है लेकिन इससे आगे वैज्ञानिक कुछ खुलासा नहीं कर रहे हैं।
चीन पर सिर्फ शंका
डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिक डॉ. पीटर ने कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा है कि 'वुहान के चमगादड़ों में कोरोना वायरस फैमिली के कुछ वायरस पाए गये हैं, जिसके आधार पर शंका है कि वुहान के चमगादड़ों में कोरोना वायरस मौजूद हों और वहीं से इंसानों में फैला हो। ये हो सकता है कि वुहान में चमगादड़ के जरिए कोरोना वायरस पहले दूसरे जानवरों में और फिर दूसरे जानवरों के संपर्क में आने से कोरोना वायरस इंसानों में फैल गया हो'। वहीं डब्ल्यूएचओ की दूसरी वैज्ञानिक कूपमैन्स ने कहा कि उन्होंने वुहान में मौजूद तीन प्रयोगशालाओं का दौरा किया और उन्हें जांच के दौरान ऐसे एक भी सबूत नहीं मिले, जिससे पता चलता हो कि चीनी प्रयोगशाला में किसी तरह का एक्सपेरीमेंट चल रहा हो और किसी हादसे से कोरोना वायरस इंसानों में आ गया हो।












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