Shabana Mahmood UK New PM: शबाना महमूद कौन? बन सकती हैं ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री
Shabana Mahmood First Muslim PM of UK: ब्रिटेन की राजनीति में इस समय 'एपस्टीन फाइल्स' विवाद ने ऐसा भूचाल ला दिया है कि प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। इस राजनीतिक संकट के बीच 45 वर्षीय गृह मंत्री शबाना महमूद का नाम अगले संभावित प्रधानमंत्री के रूप में तेजी से उभर रहा है।
अगर शबाना महमूद इस पद तक पहुंचती हैं, तो वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच देंगी। ऑक्सफोर्ड से पढ़ी बैरिस्टर शबाना को लेबर पार्टी का एक बेहद सख्त और प्रभावशाली चेहरा माना जाता है, जो फिलहाल गृह मंत्रालय की कमान संभाल रही हैं।

Who is Shabana Mahmood: बर्मिंघम से गृह मंत्रालय तक का सफर
शबाना महमूद का जन्म बर्मिंघम में हुआ और उनका पारिवारिक संबंध पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर के मीरपुर से है। उन्होंने दुनिया की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और बतौर बैरिस्टर अपने करियर की शुरुआत की। साल 2010 में उन्होंने ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला सांसदों में से एक बनकर इतिहास रचा था। आज वह कीर स्टारमर की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिनी जाती हैं और 2025 से देश की आंतरिक सुरक्षा और इमिग्रेशन जैसे सबसे चुनौतीपूर्ण विभागों को संभाल रही हैं।
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इमिग्रेशन पर कड़ा रुख: पार्टी के भीतर ही मचा घमासान
शबाना महमूद अपनी सख्त नीतियों के लिए जानी जाती हैं, खासकर इमिग्रेशन के मुद्दे पर। उन्होंने हाल ही में स्थायी निवास (ILR) की अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 10 साल करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे लेकर उनकी अपनी ही पार्टी के 40 सांसद विरोध में खड़े हो गए हैं। शबाना का मानना है कि ब्रिटेन में बसना कोई अधिकार नहीं बल्कि एक 'विशेषाधिकार' है। उनके इस कड़े तेवर ने उन्हें दक्षिणपंथी गुटों में लोकप्रिय बनाया है, लेकिन स्वास्थ्य और स्किल्ड सेक्टर के जानकार इसे अर्थव्यवस्था के लिए खतरा मान रहे हैं।
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Keir Starmer Epstein Files: एपस्टीन विवाद और डगमगाती कुर्सी
प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मुश्किलें 'जेफरी एपस्टीन' फाइल्स में ब्रिटेन के कई बड़े नेताओं के नाम आने के बाद बढ़ गई हैं। पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति और चीफ ऑफ स्टाफ के इस्तीफे ने आग में घी डालने का काम किया है। जनमत सर्वेक्षणों में गिरती लोकप्रियता और पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष ने स्टारमर के भविष्य पर 50-50 का सस्पेंस बना दिया है। ऐसे में लेबर पार्टी के सांसद अब एक नए और मजबूत नेतृत्व की तलाश कर रहे हैं, जो इस संकट से पार्टी को बाहर निकाल सके।
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क्या पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन पाएंगी शबाना?
ब्रिटेन के सट्टा बाजार (Bookmakers) में शबाना की जीत की संभावना फिलहाल 10 प्रतिशत के आसपास है, लेकिन उन्हें राजनीतिक गलियारों में एक 'डार्क हॉर्स' माना जा रहा है। उनकी सबसे बड़ी ताकत मुस्लिम वोटर्स और पार्टी के दक्षिणपंथी गुट के बीच संतुलन बनाने की क्षमता है। हालांकि, पीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए उन्हें कम से कम 81 लेबर सांसदों का समर्थन जुटाना होगा। ब्रिटेन के इस ऐतिहासिक बदलाव पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।












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