कौन है गाजा पट्टी का 'लादेन' याह्या सिनवार, जिसने मोसाद की आंखों में धूल झोंककर इजराइल को दहला दिया...
Yahya Sinwar News: गाजा पट्टी पर नियंत्रण रखने वाले हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल के खिलाफ ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड चलाया था, जिसमें हमास के आतंकी हवाई मार्ग, जल मार्ग और जमीन के रास्ते दक्षिणी इजराइल में घुस आए और भारी तबाही मचाई। जब हमास का तूफान थमा, तब तक 1200 से ज्यादा इजराइली नागरिक मारे जा चुके थे, जबकि 240 से ज्यादा इजराइली नागरिकों को हमास के आतंकी बंधक बनाकर ले जा चुके थे।
इज़रायली अधिकारियों का कहना है, कि गाजा में हमास के नेता और 2013 से इसके पोलित ब्यूरो के सदस्य याह्या सिनवार ही वो शख्स है, जो इस हमले के पीछे का मास्टरमाइंड था। इजराइल का मानना है, कि याह्या सिनवार के अलावा हमास की सैन्य शाखा क़सम ब्रिगेड के कमांडर मोहम्मद डेफ़ और डेफ़ के डिप्टी मारवान इस्सा भी इस हमले की साजिश रचने में शामिल थे।

लिहाजा, इजराइल के निशाने पर ये तीनों हैं और इजराइल, हर हाल में इन तीनों को मार गिराना चाहता है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने याह्या सिनवार को 'चलता हुआ मरा आदमी' कहा है, यानि, उन्होंने ऐलान कर दिया है, कि याह्या सिनवार के गिनती के ही दिन बचे हैं। इजराइल की खुफिया एजेंसियों ने याह्या सिनवार की तलाश के लिए दिन-रात एक कर रखी है और पिछले हफ्ते मोसाद के चीफ ने कुछ इस्लामिक देशों का भी दौरा किया था और माना जा रहा है, कि इसका मकसद याह्या सिनवार को ही पकड़ना था।
याह्या को क्यों कहा जाता है रहस्यमयी आदमी?
याह्या सिनवार, जिसे अबू इब्राहिम के नाम से भी जाना जाता है, उसके बारे में असंख्य कहानियां हैं, जिनमें से ज्यादातर कहानियां इस विचार को को आगे बढ़ाती हैं, कि वह एक करीब करीब एक रहस्यमय खलनायक है।
इजरायली सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेचट ने सिनवार को "बुराई का चेहरा" कहा है, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कथित तौर पर सिनवार के इजराइल पर किए गए हमले को "सरासर बुराई" बताया है।
इस बीच, इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है, कि अगर हमास को नहीं हराया गया, तो "यूरोप अगला निशाना होगा और कोई भी सुरक्षित नहीं होगा" और उन्होंने हमास को आईएसआईएल (आईएसआईएस) से भी जोड़ा है।
"बुराई का चेहरा" के रूप में बताए गये याह्या सिनवार का जन्म 1962 में दक्षिणी गाजा के खान यूनिस के एक शरणार्थी शिविर में एक ऐसे परिवार में हुआ था, जो 1948 की पहले नकबा यानि इजराइल-फिलीस्तीन के बीच के पहले युद्ध के दौरान विस्थापित हो गया था। वो फिलीस्तीन के अल-मजदल गांव का रहने वाला था, जो उस लड़ाई में पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था।
20 साल के होने से पहले, 1982 में, सिनवार को पहली बार इजरायली अधिकारियों ने "इस्लामिक आतंकी गतिविधियों" के आरोप में गिरफ्तार किया था। 1985 में उसे फिर से गिरफ्तार किया गया, और जेल में इस दूसरे कार्यकाल के दौरान इसकी मुलाकात हमास के संस्थापक शेख अहमद यासीन से हुई और वह उसका चेला बन गया।
सिनवार, हमास के प्रति काफी आकर्षित था और 25 साल की उम्र में, उसने समूह के आंतरिक सुरक्षा संगठन अल-मजद की स्थापना में मदद की, जिससे उसे इज़राइल के साथ सहयोग करने वाले फिलिस्तीनियों से निपटने के नाम पर काफी पसंद किया गया।
जब मुखबिर के भाई को जिंदा दफनाया
इजराइल के एक पूर्व अधिकारी ने एक इंटरव्यू में कहा था, कि याह्या सिनवार काफी खतरनाक है और 1980 के दशक के शुरूआत में उसने मुखबिरी के शख में एक शख्स के भाई को जिंदा जमीन में दफना दिया था।
1988 में, 26 साल की उम्र में, सिनवार को दो इजरायली सैनिकों की हत्या की साजिश रचने और 12 फिलिस्तीनियों की हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उसे चार आजीवन कारावास की सज़ा दी गई।
जेल में अगले 22 सालों के दौरान, सिनवार सख्ती से अनुशासित रहा और इस दौरान उसने धाराप्रवाह हिब्रू बोलना और पढ़ना सीख लिया। फिर वो इजराइली जेल में बंद फिलीस्तीनी कैदियों के बीच एक नेता और जेल कर्मचारियों के साथ बातचीत का केंद्र बिंदु बन गए। बीबीसी के अनुसार, जेल में बिताए समय के दौरान इजरायली सरकार के आकलन में सिनवार को करिश्माई, क्रूर, चालाकी करने वाला, थोड़े से संतुष्ट रहने वाला, चालाक और गुप्त शख्स बताया गया है।
वाशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी के फेलो एहुद यारी, जिन्होंने जेल में सिनवार का चार बार इंटरव्यू लिया है, उन्होंने बीबीसी को बताया, कि सिनवार एक मनोरोगी है। लेकिन सिनवार के बारे में सिर्फ यह कहना कि 'सिनवार सिर्फ एक मनोरोगी है, एक गलती होगी।"
हमास में टॉप पर कैसे पहुंचा सिनवार
18 अक्टूबर 2011 को, इज़राइल ने गिलाद शालित के लिए 1,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी कैदियों का आदान-प्रदान किया, जब हमास ने एक इजरायली सैनिक का अपहरण कर लिया गया था। इस दौरान कैदियों की अदला-बदली के दौरान इजराइल को याह्या सिनवार को भी छोड़ना पड़ा था।
जेल के बाहर आने के बाद याह्या सिनवार तेजी से हमास के अंदर बढ़ता चला गया और फिर वो इजराइल के मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी शामिल हो गया। हालांकि, इजरायली प्रधान मंत्री ने कथित तौर पर कई मौकों पर सिनवार को मारने की योजना को खारिज कर दिया।
याह्या सिनवार को साल 013 में गाजा पट्टी में हमास के पोलित ब्यूरो के सदस्य के रूप में चुना गया था, 2017 में गाजा में आंदोलन के नेता बनने से पहले, उसने हमास के प्रमुख इस्माइल हनियेह की जगह ली थी।
अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट में सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के वरिष्ठ साथी डैनियल बायमन ने कहा, कि "सिनवार ने खुद को एक कुशल नेता दिखाया है और इज़राइल के लिए राजनीतिक दांव और भी ऊंचे हैं, क्योंकि उन्हें याह्या सिनवार को छोड़ना पड़ा था।"
14 दिसंबर 2022 को इजराइल में बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार बनने के बाद याह्या सिनवार ने इजराइल से खुले टकराव की धमकी दी थी और बाद में साल 2023 की शुरूआत में उसने अपनी धमकियों को दोहराया भी था। और वो अपनी धमकियों को अंजाम देने में कामयाब भी रहा।
फिलहाल, इजराइली खुफिया एजेंसियां इस शख्स की चप्पे-चप्पे पर चलाश कर रही है और पकड़े जाने पर इसका मारा जाना करीब करीब तय माना जा रहा है।












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