मोहम्मद अली जिन्ना शिया थे या सुन्नी?
25 दिसंबर पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली ज़िन्ना की जयंती है.
25 दिसंबर 1876 को कराची में जन्मे जिन्ना ने अविभाजित भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था मगर एक समय के बाद उन्होंने अलग देश की हिमायत की और आख़िरकार बँटवारा हुआ.
पाकिस्तान में उन्हें क़ायदे आज़म कहा जाता है, यानी महान नेता.
जिन्ना की जयंती पर एक बार पुनः पढ़िए ये विशेष लेख.
पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना शिया थे या सुन्नी? जिन्ना के शिया और सु्न्नी होने पर उनकी मौत के वक़्त विवाद हुआ था.
हालांकि जिन्ना के बारे में कहा जाता है कि धर्म का दखल उनके जीवन में ने के बराबर था, लेकिन जिन्ना मूलतः इस्माइली थे. इस्माइली आग़ा खां के फॉलोवर्स होते हैं.
मोहम्मद अली जिन्ना का 1948 में निधन हुआ था. जब उनकी मौत हुई तो सवाल उठा कि उन्हें दफ़्न शियाओं के तौर-तरीक़ों से किया जाए या सुन्नियों के रीति-रिवाज़ से.
हालांकि इस पर सवाल उठने जैसी कोई बात नहीं थी क्योंकि उनके शिया होने को लेकर कोई भ्रम नहीं था.
- 15 अगस्त, 1947 को क्या कहा था मोहम्मद अली जिन्ना ने
- जब जिन्ना ने तिलक का पुरज़ोर बचाव किया था
- 'जिन्ना का बंगला गंगाजल से धुलवाया गया था'
मौत के बाद शिया या सुन्नी होने पर विवाद
पाकिस्तान के इतिहासकार मुबारक अली ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ''दफ़्न के वक़्त मुस्लीम लीग से जुड़े शब्बीर अहमद उस्मानी नाम के एक मौलवी थे. उन्होंने ज़िद कर दी कि क़ायद-ए-आजम की अंत्येष्टि सुन्नी तौर-तरीक़ों से होनी चाहिए. विवाद की स्थिति में उनकी अंत्येष्टि में शिया और सुन्नी दोनों तौर-तरीक़ों को अपनाया गया था.''
मुबारक अली कहते हैं, ''जिन्ना साहब इस्माइली से शिया बन गए थे. इस्माइली 6 इमामों को मानते हैं जबकि शिया 12 इमामों को मानते हैं. मेरा निजी तौर पर मानना है कि वो भले ही धार्मिक नहीं थे लेकिन उनमें पर्सनल इगो काफ़ी था. दरअसल इस्माइली आग़ा खां को फॉलो करते हैं लेकिन जिन्ना उन्हें इमाम के तौर पर फॉलो नहीं करना चाहते थे. ऐसे में उन्होंने ख़ुद को शिया बना लिया.''
धर्म का दखल नहीं
मुबारक अली ने जिन्ना से जुड़े के एक दिलचस्प प्रसंग भी बीबीसी से साझा किया. उन्होंने कहा, ''एक बार उनकी बेगम लंच लेकर आईं. उस वक़्त वहां मौजूद लोगों ने कहा कि आपको पता है न कि जिन्ना साहब अब 12 इमामों को मानते हैं. इस पर उनकी पत्नी जो कि मूल रूप से पारसी थीं, उन्होंने कहा कि जिन्ना साहब जब जो होते हैं मैं भी वैसी ही हो जाती हूं.''
मुबारक अली बताते है कि जिन्ना के निजी जीवन में धर्म का बहुत महत्व नहीं था. भारत के मशहूर इतिहासकार हरबंश मुखिया ने भी बीबीसी से बातचीत में कहा कि वह मूलतः इस्माइली थे.
उन्होंने कहा कि जन्म को छोड़ दें तो जिन्ना के निजी जीवन में मजहब बहुत था नहीं.
हरबंश मुखिया ने कहा, ''जिन्ना ने कभी क़ुरान नहीं पढ़ा. वो शराब पीते थे, सिगार पीते थे और सुअर का मांस खाते थे. वो वैसे भी रहन-सहन में मुस्लिम नहीं थे लेकिन नेता मुसलमानों के थे.''
पाकिस्तान बनाने वाले शिया और अहमदिया
हरबंश मुखिया कहते हैं, ''पाकिस्तान के साथ दो दिलचस्प बाते हैं. जिन्होंने पाकिस्तान की लकीर खींची यानी कहां से कहां तक पाकिस्तान होगा उसकी रूपरेखा पर मुहर लगाने वाले अहमदी थे. आज की तारीख़ में अहमदी को पाकिस्तान में ग़ैर-मुस्लिम करार दिया गया है. पाकिस्तान के संस्थापक शिया थे और जिन्होंने सीमा खिंचवाई वो अहमदी थे. आज की तारीख़ में दोनों पाकिस्तान में ठीक स्थिति में नहीं हैं.''
उन्होंने कहा कि जब जिन्ना अविभाजित भारत में थे तब शिया और सु्न्नी जैसा कोई मुद्दा नहीं था. मुखिया ने कहा कि उस वक़्त हिन्दू बनाम मुस्लिम की बात थी इसलिए लोग जिन्ना के पीछे एक हो गए थे.
जिन्ना कुछ भी छुपकर नहीं करते थे
हरबंश मुखिया ने कहा, ''पाकिस्तान बनने के बाद भी शिया और सुन्नियों का झगड़ा लंबे वक़्त तक नहीं हुआ. यह झगड़ा 1958 और 59 में शुरू हुआ था. जिन्ना कुछ भी छुपकर नहीं करते थे. वो शराब पीते थे या पोर्क खाते थे, ये बातें पूरी तरह से सार्वजनिक थीं.''
उन्होंने कहा, ''14 अगस्त 1947 को जिस दिन पाकिस्तान बना तब रमज़ान का महीना चल रहा था. जिन्ना ने कहा कि ग्रैंड लंच होना चाहिए. लोगों ने उन्हें बताया कि ये रमज़ान का महीना है कैसे लंच का आयोजन करेंगे. जिन्ना तो ऐसे आदमी थे.''
(ये लेख इससे पूर्व 15 सितंबर 2017 को प्रकाशित हुआ था)
-
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’












Click it and Unblock the Notifications