US presidential election: आयोवा कॉकस क्या है? डोनाल्ड ट्रंप को मिली जीत के क्या मायने हैं?
US presidential election: संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आयोवा कॉकस में निर्णायक रूप से जीत हासिल कर ली है, और 2024 में व्हाइट हाउस की रेस में फिर से जीतने के लिए रिपब्लिकन पार्टी के अंदर अपनी उम्मीदवारी को और भी ज्यादा मजबूत कर लिया है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को यूनाइटेड नेशंस में पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली और फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस को आसानी से हरा दिया, जिससे वह राष्ट्रपति पद के लिए लगातार तीसरी बार नामांकन हासिल करने के करीब पहुंच गए हैं।

आयोवा कॉकस को एकतरफा जीतने का मतलब ये हुआ, कि डोनाल्ड ट्रंप जैसा लोकप्रिय कैंकिडेट रिपब्लिकन पार्टी के अंदर कोई और नहीं है।
आयोवा कॉकस के आखिरी नतीजे
आयोवा कॉकस में मतदान करने के लिए भारी संख्या में रिपब्लिकन पार्टी के वोटर्स जुटे थे। और आखिरी आंकड़ों के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप को 55 हजार 838 वोट हासिल हुए, जिसके आधार पर उन्होंने 20 डेलिगेट्स को जीता।
वहीं, रॉन डिसेंटिस को 23 हजार 175 वोट मिले और उन्होंने 8 डेलिगेट्स को जीता।
जबकि, निक्की हेली तीसरे स्थान पर रहीं और उन्होंने 20 हजार 809 वोटों के साथ 7 डेलिगेट्स को जीता।
विवेक रामास्वामी, जिन्होंने काफी आक्रामकता के साथ अपना चुनावी अभियान चलाया था, उन्हें आयोवा कॉकस में 8 हजार 359 वोट मिले और उन्होंने तीन डेलिगेट्स को जीता।
बायोटेक स्टार्टअप के संस्थापक विवेक रामास्वामी, जिन्होंने तीन डेलिगेट्स को जीता, उन्होंने नतीजे आते ही घोषणा की, कि वह अपना राष्ट्रपति चुनाव कैम्पेन सस्पेंड कर रहे हैं और अब वो डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन करेंगे।
ट्रम्प की शानदार जीत रिपब्लिकन पार्टी पर उनके निरंतर प्रभुत्व की ओर इशारा करती है, भले ही उन्हें चार आपराधिक अभियोगों सहित बढ़ते कानूनी संकट का सामना करना पड़ रहा हो।
मंगलवार को डोनाल्ड ट्रम्प के न्यूयॉर्क में अदालत में पेश होने की उम्मीद है क्योंकि जूरी इस बात पर विचार कर रही है, कि क्या उन्हें उस लेखक को अतिरिक्त हर्जाना देना चाहिए, जिसने यौन उत्पीड़न और मानहानि के लिए उनके खिलाफ 5 मिलियन डॉलर का जूरी पुरस्कार जीता था।
लेकिन, आयोवा कॉकस से साबित हो गया है, कि ट्रम्प की कानूनी चुनौतियों ने रिपब्लिकन पार्टी के बीच उनके समर्थन को कम नहीं किया है, और ज्यादातर रिपब्लिकन उनके खिलाफ मामलों को राजनीति से प्रेरित मानते हैं।
हालांकि, इन सबके बाद भी आयोवा राज्य रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के लिए अच्छा नहीं रहा है। आयोवा राज्य जीतने वाले आखिरी राष्ट्रपति उम्मीदवार जॉर्ज डब्ल्यू बुश थे, जिन्होंने साल 2000 में आयोवा राज्य में जीत हासिल की थी।
आयोवा कॉकस से पहले ही सर्वेक्षण रिपोर्टों से साफ हो रहा था, कि डोनाल्ड ट्रंप काफी ज्यादा मजबूत स्थिति में हैं और अपने प्रतिद्वंदियों से काफी आगे चल रहे हैं।
आयोवा में कई रिपब्लिकन मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था, दक्षिणी सीमा पर शरणार्थियों और प्रवासियों के रिकॉर्ड स्तर के आगमन और वैश्विक अस्थिरता के बारे में अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए ट्रम्प को सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार के रूप में चुना है।

आयोवा कॉकस क्या है?
कॉकस और प्राइमरीज़ दो तरीके हैं जिनसे रिपब्लिकन और गवर्निंग डेमोक्रेट अपने उम्मीदवारों को चुनते हैं। ज्यादातर अमेरिकी राज्यों में प्राइमरीज़ होती हैं, जबकि आयोवा जैसे कुछ पारंपरिक रिपब्लिकन राज्यों में प्रतिनिधियों का चुनाव करने के लिए कॉकस आयोजित होते हैं। कॉकस और प्राइमरीज़ में चुने गए प्रतिनिधि सम्मेलन में मतदान करते हैं।
आयोवा कॉकस, आयोवा राज्य में प्रत्येक पार्टी के मतदाताओं के बीच व्यक्तिगत बैठकें हैं। वे प्राइमरीज़ के समान हैं, सिवाय इसके, कि वे राज्य के बजाय पार्टियों द्वारा चलाए जाते हैं।
समर्थन जुटाने के लिए उम्मीदवारों की ओर से सार्वजनिक भाषण दिये जाते हैं। रजिस्टर्ड रिपब्लिकन कार्यकर्ता सीक्रेट बैलेट पेपर के माध्यम से अपना वोट डाला। डाक से वोट डालने की इजाजत नहीं होती है। फिर वोटों का मिलान किया जाता है और कुछ ही घंटों में विजेताओं की घोषणा कर दी जाती है।
पंजीकृत रिपब्लिकन मतदाता, जो आयोवा के कानूनी निवासी होते हैं, कॉकस के शुरू होने से दो घंटे पहले कॉकस परिसर में इकट्ठा होते हैं। आयोवा में कुल मिलाकर 1600 ऐसे स्थान हैं, जहां पर रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ता वोटिंग करते हैं। ये स्थान सार्वजनिक सामुदायिक केन्द्र, चर्च और स्कूल के भवन होते हैं।
जो लोग पंजीकृत मतदाता या पंजीकृत रिपब्लिकन नहीं हैं, वे भी कॉकस में भाग ले सकते हैं, लेकिन उन्हें अपने परिसर में व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण कराना होगा।
आयोवा कॉकस कितना महत्वपूर्ण है?
अगर सिर्फ संख्या के लिहाज से देखा जाए, तो आयोवा कॉकस से यह तय नहीं होता है, कि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उम्मीदवार कौन होगा, क्योंकि आयोवा कॉकस को सिर्फ 40 डेलिगेट्स ही आवंटित किए गये हैं, जो कुल डेलिगेट्स का सिर्फ 1.6 प्रतिशत है। लेकिन, आयोवा कॉकस इसलिए महत्वपूर्ण बन जाता है, क्योंकि इसका प्रभाव दूसरे राज्यों में काफी होता है और यहां जीते हुए उम्मीदवार को एक बेहतनीर स्टार्ट मिल जाता है।
2008 में माइक हुकाबी, 2012 में रॉन पॉल और 2016 में टेड क्रूज़ ने रिपब्लिकन कॉकस जीता था। लेकिन, उनमें से किसी ने भी पार्टी की प्राथमिक दौड़ नहीं जीती, उन वर्षों में राष्ट्रपति चुनावों में जॉन मैक्केन, मिट रोमनी और डोनाल्ड ट्रम्प ने जीओपी का प्रतिनिधित्व किया था।
वहीं, 2020 में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से पीट बटिगिएग ने आयोवा कॉकस जीता था, लेकिन अंत में जो बाइडेन ने पार्टी की तरफ से नामांकन रेस जीता था।












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