क्या है '996 वर्क कल्चर'? जिसे लेकर चीन के कर्मचारियों में भरा पड़ा है गुस्सा, शुरू हुआ अभियान
बीजिंग, 15 अक्टूबर। इन दिनों सोशल मीडिया और खबरों में एक शब्द बहुत चर्चा में है, '996 वर्क कल्चर'। शायद आपने भी चीन से सामने आए इस शब्द के बारे में सुना हो या कहीं पढ़ा हो। चीन में '996' वर्क कल्चर या ऑफिस कल्चर को लेकर बड़ा बवाल मचा हुआ है। लोग सोशल मीडिया पर एक अभियान चला रहे हैं, अब तक इसमें 5000 से अधिक लोग शामिल हो चुके हैं। आज हम आपको '996 वर्क कल्चर' के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, जिसे लेकर चीन के कर्मचारियों में गुस्सा भरा पड़ा है।
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क्या है '996 वर्क कल्चर' ?
इससे पहले भी चीन से कई बार निजी कंपनियों द्वारा किए जा रहे कर्मचारियों के शोषण की खबरें सामने आ चुकी हैं। वहां की कंपनियों अपने कर्मचारियों से 12-12 घंटे काम कराती हैं, जबकि सप्ताह में सिर्फ एक छुट्टी दी जाती है। '996 वर्क कल्चर' इसी शोषण को लेकर सामने आया कर्मचारियों का गुस्सा है। '996' के खिलाफ चीन में 'वर्कर लाइव्स मैटर' नामक एक ऑनलाइन अभियान चलाया जा रहा है।

'996' को लेकर चीन में मचा बवाल
दरअसल, चीन में कार्य अवधि को '996' कहा जाता है क्योंकि कर्मचारी अक्सर सप्ताह में 6-दिन सुबह 9 से रात 9 बजे तक काम करते हैं। इसके खिलाफ शुरू हुए अभियान में कर्मचारी ऑनलाइन एक स्प्रेडशीट पर अपना वर्किंग टाइम शेयर कर रहे हैं। '996' ऑफिस कल्चर के लोकर सालों से चीन में विवाद रहा है। निजी कंपनियों में कर्मचारियों को एक सप्ताह में 72 घंटे काम करना पड़ता है, जो कि अमानवीय है।

चीन में 8 घंटे काम कराने का कानून
हालांकि चीन सरकार भी निजी कंपनियों को कई बार चेतावनी दे चुकी है, बावजूद इसके आज भी कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। बीते दिन चीन से एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें कहा गया था कि मजदूरों से ओवरटाइम के नाम पर घंटों काम कराया जा रहा है। भारत की तरह ही चीन में भी श्रम कानूनों के मुताबिक एक दिन में 8 घंटे काम कराने का प्रावधान है, इस कानून के तहत कोई भी कंपनी एक सप्ताह में अपने कर्मचारियों से अधिकतम 44 घंटे ही काम करा सकती है।

आत्महत्या और मौत के आंकड़े बढ़े
किसी भी कर्मचारी के जीवन में कार्य अवधि महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक टॉक्सिक ऑफिस कल्चर के चलते किसी भी इंसान के विकास और मानसिक स्थिति को नुकसान पहुंचा सकता है। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के एक अध्ययन के अनुसार लगभग चीन में आधे कर्मचारी ऐसे हैं जो अनचाहे ऑफिस कल्चर में काम कर रहे हैं। द हॉन्ग कॉन्ग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक '996' की वजह से चीन में श्रमिकों के आत्महत्या और मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

'996.ICU' के नाम से शुरू किया गया सर्वे
2019 की शुरुआत की मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए पोस्ट में कहा गया कि एक एक्टिविस्ट ग्रुप ने गीथहब पर '996.ICU' नाम से एक सर्वे की शुरुआत की थी। इसमें 996 वर्क कल्चर के खिलाफ 'अनुचित ओवरटाइम और ब्लैकलिस्टेड उद्यमों' की एक सूची तैयार की गई थी। इन कंपनियों पर कर्मचारियों से 12 घंटे काम करने का आरोप लगा था। 31 वर्षीय ली चुआंग ने दो साल पहले '996' की वजह से अपनी नौकरी छोड़ दी थी।

मशीन की तरह कराया जाता है काम
जॉब छोड़ने के बाद ली चुआंग वुडांग पर्वत पर एक भिक्षु बन गए थे, हालांकि अपने शहर वापल लौटने के बाद जॉब करने की हिम्मत कभी नहीं हुई, अब वह अपनी छोटी सी दुकान चलाते हैं। एक इंटरव्यू में चुआंग ने कहा था, 'एक मशीन की तरह इतने लंबे समय तक काम करने के बाद मैने हार मान ली।' चुआंग अब दूसरों को भी प्ररित कर रहे हैं। अब यह देखना बाकी है कि चीन में क्या इस बार 'वर्कर लाइव्स मैटर' अभियान से कोई बदलाव आएगा या नहीं?
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