Weird World: China: 100 बच्चों का बाप बना चीनी बिजनेसमैन, आगे और कितने करने का प्लान? क्या है मकसद?
Weird World: चीनी अरबपति जू बो इन दिनों एक ऐसी खबर को लेकर चर्चा में हैं, जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाए। मोबाइल गेमिंग कंपनी डुओयी नेटवर्क के संस्थापक जू बो अपनी कारोबारी सफलता से ज्यादा अपने बच्चों की संख्या और भविष्य की अजीब रणनीति की वजह से सुर्खियों में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जू बो सरोगेसी के जरिए पहले ही 100 से ज्यादा बच्चों के पिता बन चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर बच्चों का जन्म अमेरिका में हुआ है।
सेंचुरी पर नहीं रुकना चाहते जू बो
खबरों के अनुसार, जू बो की योजना यहीं खत्म नहीं होती। वे कम से कम 20 और अमेरिकी-जन्मे बच्चे चाहते हैं। उनका मानना है कि अमेरिका में जन्मे बच्चे आगे चलकर उनके विशाल कारोबारी साम्राज्य को संभालेंगे और एक तरह से उनका "फैमिली एम्पायर" आगे बढ़ाएंगे।

अमेरिकी कोर्ट में पहुंचा मामला
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से सियोल इकोनॉमिक डेली ने बताया कि साल 2023 में जू बो ने लॉस एंजेलिस की फैमिली कोर्ट में सरोगेसी से जन्मे चार बच्चों के पैतृक अधिकार के लिए आवेदन किया था। हालांकि, कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी। जांच में सामने आया कि वह पहले ही आठ से ज्यादा बच्चों के पिता बन चुके थे या प्रक्रिया में थे।
20 अमेरिकी बेटे चाहिए, लड़कियों से क्यों परहेज?
कोर्ट की बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान जू बो वीडियो लिंक से पेश हुए। दुभाषिए के जरिए उन्होंने कहा कि वह भविष्य में बिजनेस संभालने के लिए करीब 20 अमेरिकी-जन्मे बच्चे चाहते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे लड़कियों के बजाय लड़कों को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि उनके मुताबिक लड़के "श्रेष्ठ" होते हैं।
काम में इतने बिजी कि बच्चों से भी नहीं मिल पाए
जू बो ने अदालत को यह भी बताया कि बिजनेस में ज्यादा व्यस्त रहने की वजह से वह अभी तक अपने कई बच्चों से मिले भी नहीं हैं। उनके कुछ बच्चे दाइयों की देखरेख में रह रहे हैं और चीन ले जाने के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
ऑनलाइन भड़का गुस्सा, बयान बना विवाद की वजह
लड़कों को लड़कियों से "बेहतर" बताने वाले उनके बयान ने सोशल मीडिया पर जमकर नाराजगी पैदा की। लोगों ने इसे जेंडर भेदभाव और अमीरों की अजीब सोच का उदाहरण बताया।
जू बो अकेले नहीं, और भी अमीर इसी रास्ते पर
हालांकि जू बो अकेले ऐसे चीनी अरबपति नहीं हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल और दूसरी रिपोर्ट्स बताती हैं कि कई अन्य चीनी कारोबारी भी अमेरिका में अंडा दाताओं और सरोगेट्स के जरिए बड़े परिवार बना रहे हैं।
वांग हुइवू का अलग प्लान: बेटियां और ग्लोबल नेटवर्क
उदाहरण के तौर पर शिक्षा उद्योग से जुड़े वांग हुइवू को लें। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अमेरिकी अंडा दाताओं की मदद से सरोगेसी के जरिए करीब 10 बेटियों का पितृत्व लिया। उनका मकसद था कि ये बेटियां आगे चलकर शक्तिशाली वैश्विक परिवारों में शादी कर सकें।
बच्चों को शतरंज की तरह देखने की सोच
जू बो का बेटों के जरिए बिजनेस संभालने का प्लान और वांग हुइवू का बेटियों के जरिए नेटवर्क बनाने का सपना दिखाता है कि कुछ बेहद अमीर लोग परिवार और बच्चों को आम परवरिश की तरह नहीं, बल्कि रणनीतिक चालों की तरह देखते हैं। यह सोच आज की जेन Z के लिए जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही बहस को जन्म देने वाली भी है। लोगों ने उनकी इस मानसिकता को घटिया बताया है।
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