पुतिन और जेलेंस्की की मुलाकात पर सस्पेंस जारी, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अब तारीख को लेकर दिया बड़ा अपडेट
यूक्रेनी प्रेसिडेंशियल प्रेस सर्विस के हवाले से जारी बयान में राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ब्लदमिर पुतिन (Vladimir Putin) से मुलाकात की अभी कोई तारीख तय नहीं है। लेकिन उन्होंने दोहराया कि केवल नेताओं के स्तर पर हुई बातचीत ही स्थायी शांति का रास्ता बना सकती है।
उनका यह संदेश ऐसे वक्त आया है जब वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, यूरोपीय नेताओं और जेलेंस्की की बातचीत के बाद रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए नई उम्मीदें जगी हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि, 'नहीं, हमारे पास (राष्ट्रपति पुतिन से बैठक की) कोई तारीखें नहीं हैं। हमने पुष्टि की है कि हम त्रिपक्षीय बैठक के लिए तैयार हैं, और अगर रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक का प्रस्ताव देता है, तो हम उस द्विपक्षीय बैठक के परिणाम को देखेंगे। उसके बाद हम त्रिपक्षीय बैठक के लिए जा सकते हैं। यूक्रेन शांति के मार्ग पर कभी नहीं रुकेगा, और हम किसी भी तरह के फॉर्मेट के लिए तैयार हैं, लेकिन नेताओं के स्तर पर।'

ट्रंप-पुतिन शिखर वार्ता में यूरोपीय नेताओं को नहीं किया शामिल
इससे पहले सोमवार, 18 अगस्त 2025 को जेलेंस्की यूरोपीय नेताओं के एक बड़े दल के साथ वॉशिंगटन पहुंचे थे। उनका मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह दिखाना था कि यूरोप एकजुट होकर यूक्रेन के साथ खड़ा है। दरअसल, पिछले हफ्ते अलास्का में हुई ट्रंप-पुतिन शिखर वार्ता में यूरोपीय नेताओं को शामिल नहीं किया गया था, जिससे उनमें नाराजगी थी। अब वे चाहते हैं कि यूक्रेन और यूरोप को रूस की किसी भी नई आक्रामकता से बचाने के लिए ठोस सुरक्षा गारंटी दी जाए।
वॉशिंगटन में जेलेंस्की के साथ यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, इटली की प्रीमियर जॉर्जिया मेलोनी, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर स्टब और नाटो महासचिव मार्क रुटे भी मौजूद थे। चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि यूक्रेन को ऐसी NATO-जैसी सुरक्षा गारंटी दी जाए जो किसी भी शांति समझौते को स्थायी और भरोसेमंद बना सके।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन के बीच हुई पिछली बैठक से संकेत मिला कि दोनों देश यूक्रेन के लिए मजबूत सुरक्षा गारंटी पर सहमत हो सकते हैं। हालांकि, पुतिन की शर्तों में डोनेट्स्क और लुहान्स्क (यूक्रेन के पूर्वी इलाके) से यूक्रेनी सेना की पूरी तरह वापसी शामिल है, जबकि वे खेरसॉन और जापोरिज़्ज़िया में मौजूदा मोर्चों को 'फ्रीज' करने की बात कर रहे हैं। इन प्रस्तावों को लेकर कीव के लिए फैसला करना आसान नहीं माना जा रहा।
आखिर क्या है पूरा मामला?
रूस-यूक्रेन युद्ध की जड़ 2014 से जुड़ी है, जब रूस ने क्रीमिया (Crimea) पर कब्जा कर लिया और पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित विद्रोहियों को मदद दी। रूस चाहता है कि यूक्रेन नाटो (NATO) में शामिल न हो, क्योंकि उसे लगता है कि इससे पश्चिमी ताकतें उसकी सीमा तक पहुंच जाएंगी। दूसरी ओर, अमेरिका और यूरोप यूक्रेन को लोकतांत्रिक और स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में सपोर्ट कर रहे हैं। यही टकराव बड़े युद्ध में बदल गया और अब भी जारी है। अमेरिका और उसके सहयोगी लगातार हथियार और आर्थिक मदद दे रहे हैं, जबकि रूस मानता है कि यह उसके खिलाफ पश्चिम की चाल है।
अब रूस, यूक्रेन और अमेरिका के लीडर बातचीत क्यों कर रहे हैं?
लगातार युद्ध से रूस और यूक्रेन दोनों की आर्थिक और मानवीय स्थिति बिगड़ चुकी है, जबकि अमेरिका और यूरोप पर भी भारी आर्थिक बोझ और वैश्विक दबाव बढ़ रहा है। रूस चाहता है कि उसे अपने कब्जे वाले इलाकों पर मान्यता मिल जाए, जबकि यूक्रेन चाहता है कि उसकी संप्रभुता और सुरक्षा की गारंटी मिले। अमेरिका इस प्रक्रिया में इसलिए एक्टिव है क्योंकि वह न केवल यूक्रेन का सबसे बड़ा समर्थक है बल्कि चाहता है कि यूरोप में स्थिरता बनी रहे और रूस का प्रभाव सीमित हो। इसी वजह से अब त्रिपक्षीय (रूस-यूक्रेन-अमेरिका) बातचीत की कोशिशें तेज हो गई हैं, ताकि किसी समझौते से युद्ध को खत्म करने का रास्ता निकले।
-
Hormuz China ships: ईरान ने चीन को दिया बड़ा झटका, होर्मुज में 2 बड़े चीनी जहाजों को खदेड़ा, टूट गई दोस्ती? -
Trump Iran War: 'समझौते की भीख मांग रहा है ईरान' मिडिल ईस्ट जंग के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, क्या खत्म होगी जंग? -
Middle East War: ट्रंप बनने वाले थे ईरान के सुप्रीम लीडर? ईरान ने दिया डोज, हो गए अरमान ठंडे -
Trump China Visit: युद्ध के माहौल में चीन दौरे पर जा रहे हैं ट्रंप, 14-15 मई को बीजिंग में 'ग्रैंड डील' -
Donald Trump के हस्ताक्षर से चलेगी पूरी दुनिया? 165 साल का इतिहास खत्म! डॉलर पर होंगे राष्ट्रपति ट्रंप के साइन -
'Monalisa झूठी है', महाकुंभ वायरल गर्ल की मां का बड़ा दावा, पिता जय सिंह ने सबके सामने रखा बेटी का ऐसा सच -
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच?












Click it and Unblock the Notifications