Putin India visit: एक साल में दूसरी बार भारत आ रहे हैं पुतिन, पश्चिमी देशों की उड़ी नींद
Vladimir Putin India visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल भारत में होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं। रूसी न्यूज एजेंसी TASS के मुताबिक, क्रेमलिन ने इस खबर की पुष्टि कर दी है।
हालांकि अभी तक समिट की तारीखों का आधिकारिक एलान नहीं हुआ है, लेकिन पुतिन का आना तय है। यह दौरा भारत और रूस के बीच मजबूत होते रिश्तों की एक और बड़ी कड़ी साबित होने वाला है।

BRICS Summit 2026 India: ब्रिक्स समिट की खास बातें
इस साल ब्रिक्स सम्मेलन की कमान भारत के हाथों में है। इस बार की थीम 'रिजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी' पर आधारित रखी गई है। यह विजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विचार को आगे बढ़ाता है, जिसमें उन्होंने इंसानियत और आम लोगों को केंद्र में रखने की बात कही थी। इससे पहले 2021 में भी भारत ने डिजिटल माध्यम से इस बड़े सम्मेलन की सफल मेजबानी की थी।
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Putin-Modi meeting: पुतिन की दूसरी भारत यात्रा
हैरानी की बात यह है कि एक साल के भीतर पुतिन दूसरी बार भारत आ रहे हैं। इससे पहले वे दिसंबर 2025 में वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए आए थे। इतनी जल्दी दोबारा भारत आना यह दिखाता है कि रूस के लिए भारत के साथ दोस्ती कितनी अहम है। दोनों देशों के बीच अक्सर व्यापार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है, जिसे इस यात्रा से और बल मिलेगा।
पुराने समझौतों पर नज़र
पुतिन की पिछली यात्रा के दौरान भारत और रूस ने कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें मुख्य रूप से शिपिंग और पोर्ट (बंदरगाह) क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना शामिल था। दोनों देशों ने मिलकर ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने पर भी सहमति जताई थी, ताकि व्यापार करना आसान और सस्ता हो सके। इस बार की मीटिंग में इन पुराने वादों की प्रगति की समीक्षा भी की जा सकती है।
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रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत
भारत और रूस के बीच की दोस्ती काफी पुरानी और भरोसेमंद रही है। पुतिन की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच 'रणनीतिक साझेदारी' को और मजबूती मिलेगी। दुनिया भर के बदलते हालातों के बीच भारत और रूस का एक साथ बैठना वैश्विक राजनीति के लिए भी बड़ा संदेश है। ब्रिक्स देशों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए मोदी और पुतिन की यह मुलाकात बेहद खास रहने वाली है।












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