वजाइना की दिक्कतें, ठीक होने के बजाय बढ़ गईं, 700 महिलाएं पहुंची कोर्ट
योनि की सर्जरी में गड़बड़ी पर 700 महिलाएं पहुंची कोर्ट, मांगा मुआवजा
नई दिल्ली। 700 महिलाओं के योनि की कसाव के लिए भ्रामक प्रचार और इस उपचार के के बाद लगातार इससे हुई भयंकर परेशानियों के लेकर सिडनी फेडरल कोर्ट में मेडिकल कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर चल रहे मुकदमें मे कंपनी के वकीलों ने कंपनी का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि इन ऑपरेशनों में कंपनी की गलती नहीं है और उनको परेशानी के दूसरे कारण हैं।


क्या है मामला?
मेडिकल कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने महिलाओं के 'वेजिनल मेस इंप्लीमेंट' (एक प्रकार की सर्जरी जो योनि को रिशेप करने, बच्चे के जन्म के बाद और दूसरी समस्याओं के बाद योनि में कसाव के लिए की उपयोग जाती है) के लिए प्रचार किया। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं ने ये इप्लीमेंट कराया लेकिन इसके बाद इन महिलाओं की जिंदगी दूभर हो गई और उन्हें लगातार एक दर्द से गुजरना पड़ रहा है।

मुआवजे की मांग
इस मामले को लेकर इंप्लीमेंट कराने वाली 700 महिलाएं सिडनी के फेडरल कोर्ट पहुंची है। 4 जुलाई से फिर से कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई है। महिलाओं ने इंप्लीमेंट से हुए नुकसान की बात कहते हुए हजारों डॉलर के मुआवजे की मांग की है। अगर कोर्ट में उनकी बात साबित हुई तो कंपनी को ये पैसा देना पड़ सकता है।

हजारों महिलाओं की जिंदगी बर्बाद हुई
कोर्ट में महिलाओं की ओर से वकीलों ने अपनी दलीलों में बताया है कि कैसे कंपनी ने वजाइना के इस इंप्लीमेंट के लिए भ्रामक प्रचार किया और फिर बिना सही तैयारी के इसे अंजाम दिया। जिससे हजारों महिलाएं दर्द से जूझ रही हैं।












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