कैप्टन ने परमाणु पनडुब्बी से मारी पहाड़ में टक्कर, बाल-बाल बचा था चीन! यूएस नेवी ने उठाया ये कदम

साउथ चायनी सी में यूएस नेवी की परमाणु पनडुब्बी ने पहाड़ को टक्कर मार थी थी, जिसके बाद अब अमेरिका ने अपने तीन अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है।

वॉशिंगटन, नवंबर 05: यूएस नेवी ने उन तीन अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है, जिन्होंने चीन के पास समुद्र में एक पहाड़ा से परमाणु पनडुब्बी टकरा दी थी। ये तीनों अधिकारी परमाणु पनडुब्बी पर सवार थे और 2 अक्टूबर को हुई इस घटना के बाद अमेरिका का परमाणु पनडुब्बि क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं, चीन लगातार अमेरिका से घटना की विस्तारपूर्वक जानकारी मांग रहा था और अब अमेरिकन नेवी ने अपने अधिकरियों को बर्खास्त कर दिया है।

पहाड़ से हुई थी टक्कर

पहाड़ से हुई थी टक्कर

यूएस नेवी ने कार्रवाई करते हुए जिन अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है, उनमें कमांडर कैमरन अलजिलानी, लेफ्टिनेंट कमांडर पैट्रिक कैशिन और मास्टर चीफ सोनार टेक्निशियन कोरी रॉजर्स शामिल हैं। यूएस 7वें फ्लीट के कमांडर वाइस एडमिरल कार्ल थॉमस ने इन्हें बर्खास्त करने का फैसला लिया है। यूएस नेवी के इस परमाणु पनडुब्बी की कीमत 3.1 अरब अमेरिकी डॉलर था। यूएस नेवी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि, अक्टूबर को परमाणु पनडुब्बी की सामाउंट नाम के एक पहाड़ से टक्कर हो गई थी, जिसमें 11 जवान घायल हो गये थे। बयान में कहा गया है कि, लापरवाही की वजह से ये हादसा हुआ है और अगर नेविगेशन को सही तरीके से फॉलो किया जाता, तो इस घटना को रोका जा सकता था।

चीन के साथ बढ़ गया था तनाव

चीन के साथ बढ़ गया था तनाव

रिपोर्ट के मुताबिक, 2 अक्टूबर को, जिस दिन यूएसएस कनेक्टिकट नाम के परमाणु पनडुब्बी की पानी के नीचे के पहाड़ से टक्कर हुई थी, उस दिन चीन के साथ अमेरिका का तनाव काफी बढ़ गया था और उसी दिन चीन के 39 युद्धक विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश की थी और 24 घंटे के अंदर चीन ने रिकॉर्ड 56 विमानों को ताइउवान की सीमा में भेज दिया था। वहीं, आपको बता दें कि, जिन परमाणु पनडुब्बी की पहाड़ से टक्कर हुई थी, वो यूएस नेवी का सातवां बेड़ा पनडुब्बी है, जिसकी अभी तक जांच चल रही है कि, क्या पनडुब्बी में कोई गड़बड़ है या नहीं। आपको बता दें कि, साउथ चायना सी काफी ज्यादा विवादित समुद्री इलाका है, जिसपर चीन अपने कब्जे का दावा करता है, जबकि वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया और ब्रूनेई जैस देश भी साउथ चायना सी के अलग अलग हिस्सों पर अपना दावा करते हैं, लिहाजा इस क्षेत्र में हमेशा तनाव बना रहता है।

अब तक आग बबूला है चीन

अब तक आग बबूला है चीन

वहीं, 2 अक्टूबर को टक्कर के बाद अमेरिका की तरफ से कहा गया था कि, समुद्र के अंदर किसी अज्ञात वस्तु से परमाणु पनडुब्बी की टक्कर हुई है, लेकिन चीन की तरफ से लगातार घटना को लेकर सबूत मांगे जा रहे थे। चूंकी ये पनडुब्बी परमाणु हथियारों से संपन्न थी, लिहाजा चीन काफी बौखलाया हुआ था, क्योंकि इस टक्कर का नतीजा काफी खतरनाक भी हो सकता था। हालांकि, अब जाकर अमेरिका ने कहा है कि, पानी के अंदर पनडुब्बी ने पहाड़ को ही टक्कर मार दी थी। वहीं, पिछले महीने ताइवान की राष्ट्रपति ने भी पहली बार पुष्टि करते हुए कहा था कि, अमेरिकी सैनिक द्वीप पर तैनात थे और अमेरिका ने भी कहा था कि, अगर चीन ताइवान के ऊपर हमला करता है, तो अमेरिका अपने सैनिकों को चीन के खिलाफ उतार देगा।

दक्षिण चीन सागर में भारी तनाव

दक्षिण चीन सागर में भारी तनाव

पिछले महीने ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने बताया था कि अमेरिकी सैनिकों को ताइवान की रक्षा के लिए तैनात किया गया था। वहीं, कई ऐसे रिपोर्ट्स आ चुके हैं, जिसमें दावा किया गया है कि, अमेरिका लगातार साउथ चायना सी में ट्रेनिंग मिशन चला रहा है और यूएस मरीन की कई टुकड़ियां साउथ चायना सी में पिछले कम से कम एक साल से मौजूद है। इससे पहले ताइवान को बचाने के इरादे से अमेरिका पिछले कई सालों से साउथ चायना सी में अपनी उपस्थिति बनाए हुआ है। हालांकि कहा जाता है कि वर्तमान में द्वीप पर तीन दर्जन से भी कम सैनिक तैनात हैं, लेकिन सांकेतिक इशारा महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक है, क्योंकि यह संकेत देता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन लोकतांत्रिक देश ताइवान की रक्षा करेगा और चीनी आक्रमण का सामना करेगा।

साउथ चायना सी में यूएस बनाम चीन

साउथ चायना सी में यूएस बनाम चीन

पिछले महीने पनडुब्बी दुर्घटना की पुष्टि अमेरिकी नौसेना ने घटना के करीब एक हफ्ते बाद की थी। उस समय उन्होंने केवल इस बात की पुष्टि की थी कि, कनेक्टिकट ने 'पानी के अंदर किसी चीज को टक्कर मार दी थी''। वहीं, बीजिंग ने वाशिंगटन पर घटना को लेकर विस्तृत जानकारी प्रदान करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। चीन ने अमेरिका पर 'पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी' की शिकायत की। वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि, चीन अमेरिका से जहाज के 'नेविगेशनल इरादों, दुर्घटना के विशिष्ट स्थान, चाहे वह विशेष आर्थिक क्षेत्र में था या किसी देश के क्षेत्रीय जल में था, और क्या इससे कोई परमाणु रिसाव हुआ, का स्पष्टीकरण देने का आग्रह करता है। क्योंकि, इससे पर्यावरण के नुकसान का भी खतरा है''।

अमेरिका को चीन की चेतावनी

अमेरिका को चीन की चेतावनी

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग ने चेतावनी देते हुए कहा कि, वाशिंगटन को 'युद्धपोतों और सैन्य विमानों को परेशानी भड़काने और शक्ति प्रदर्शन करने के लिए भेजना बंद कर देना चाहिए''। उन्होंने चेतावनी दी कि ''अगर अमेरिका अपने एक्शन में बदलाव नहीं करता है, तो इस तरह की घटना फिर हो सकती है''। जबकि, अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि, जिम्मेदारों पर जरूरी कार्रवाई कर दी गई है। वहीं, अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि, टक्कर के बाद जहाज के परमाणु संयंत्र को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 353 फुट के जहाज को 1998 में यूएस नेवी में कमीशन किया गया था और ये 116 अधिकारियों सहित चालक दल के साथ रवाना हुआ था। यूएस नेवी के इस पनडुब्बी से 40 टॉरपीडो या मिसाइलों को ऑपरेट किया जा सकता है।

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