ड्रैगन का दावा, अमेरिकी युद्धपोत को खदेड़ा, US बोला, झूठा है चीन
समुद्री क्षेत्र में क्षेत्रीय संप्रभुता के चीनी दावों को चुनौती देते हुए, दक्षिण चीन सागर में विवादित द्वीपों के पास रवाना हुए एक अमेरिकी निर्देशित-मिसाइल विध्वंसक की निगरानी के लिए चीन द्वारा युद्धपोतों और जेट विमानों क
वाशिंगटन, 13 जुलाई : चीनी सेना ने कहा कि उसने दक्षिण चीन सागर (south china sea) से एक अमेरिकी युद्धपोत को खदेड़ा है। इस जहाज ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया था। चीनी सेना (The People Liberation Army) ने बयान जारी कर कहा- 'अमेरिकी पोत विवादित पैरासेल द्वीप समूह के पास था। वह अवैध रूप से चीनी जलक्षेत्र में घुस गया था। हमने उसे खदेड़ दिया।' अमेरिकी नौसेना ने जहाज को पैरासेल क्षेत्र में भेजने की इजाजत नहीं ली थी। यह चीन की संप्रभुता का उल्लंघन है। इससे दक्षिण चीन सागर में स्थिरता कम हुई है।

चीन-अमेरिका आमने-सामने
बता दें कि, चीन और अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर तनाव चल रहा है। जिसमें से चीन की विस्तारवादी नीति सबसे उपर है। एक बार फिर से दोनों ताकतवर देशों के बीच तनाव का बीज उत्पन्न होता दिख रहा है। खबर है कि चीन ने अमेरिकी पोत की निगरानी के लिए समुद्री क्षेत्र में अपने विमानों और युद्धपोतों को तैनात कर दिया है। खबर है कि, अमेरिका ने चीन सागर में स्थित विवादित द्वीप से अपने युद्धपोत को ले जा रहा था। इससे चीन तिलमिला गया है और उसने पीछे से अमेरिका पर नजर रखने के लिए युद्धपोत और जेट विमानों को तैनात कर दिया है। चीन की इस हरकत से अमेरिका भी नाराज हो गया है। अब इससे दोनों देशों के बीच की दुश्मनी और भी गहरी होने के आसार नजर आ रहे हैं।

चीन ने कहा हमने अमेरिका को खदेड़ दिया
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के दक्षिणी थिएटर कमांड ने कहा कि उसके बलों ने दक्षिण चीन सागर (एससीएस) के उस क्षेत्र से अमेरिकी जंगी बेड़ों को खदेड़ दिया है ,जहां वह घुसने का प्रयास कर रहा था। चीन के इस बयान का अमेरिकी नौसेना के 7वें फ्लिट ने खंडन किया है।

चीन का दावा झूठा है
वहीं, अमेरिकी नौसेना ने एक बयान में कहा कि यूएसएस बेनफोल्ड ने 'अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, पैरासेल द्वीप समूह के पास दक्षिण चीन सागर में नौवहन अधिकारों और स्वतंत्रता पर जोर दिया।' वहीं, दूसरी तरफ चीन ने अमेरिकी जहाज के विवादित इलाके से गुजरने को लेकर नाराज है। उसका कहना है कि, अमेरिकी युद्धपोत चीनी सरकार की मंजूरी के बगैर अवैध रूप से चीन के जल क्षेत्र में प्रवेश किया है। अमेरिका का मानना है कि, उनके नौसेना को पैरासेल द्वीप क्षेत्र में जाने का अधिकार है। चीन का दावा झूठा है। चीन हमें नहीं रोक सकता। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार हमारे जहाज विभिन्न जल क्षेत्र में दाखिल होंगे, विमान उड़ान भरेंगे। हम जमीन पर गतिविधियां संचालित करेंगे।

पैरासेल द्वीप समूह को चीन में जिक्क्षा कहा जाता है
पैरासेल द्वीप समूह को चीन में जिक्क्षा कहा जाता है। यहां सैकड़ों द्वीप हैं। चीन इस द्वीप समूह पर अपना दावा करता है। जबकि वियतनाम, ताइवान, फिलीपींस, मलेशिया और ब्रूनेई चीन के दावे का विरोध करते हैं। चीन ने इस क्षेत्र में नौ सीमा रेखाएं (नाइन डैश लाइन) खींच रखी हैं। चीन कहता है कि ऐतिहासिक तौर पर इन सीमा रेखाओं के दायरे में आने वाला क्षेत्र उसका है। अमेरिका सहित अन्य देश नाइन डैश लाइन को मान्यता नहीं देते। चीन ने 1970 के दशक से पैरासेल द्वीप समूहों पर कब्जा कर रखा है। यह पूर्वी वियतनाम तक करीब 400 किमी और दक्षिण-पूर्व हैनान द्वीप तक 350 किमी के दायरे में फैला है। वियतनाम इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है। वह इस क्षेत्र को हॉन्ग सा कहता है।

2016 का अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का फैसला भी चीन नहीं मानता
बता दें कि, हेग में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने 12 जुलाई 2016 को चीन की 'नाइन-डैश लाइन' को खारिज किया था। कोर्ट ने फैसले में कहा था कि साउथ चाइना सागर पर चीन का कोई ऐतिहासिक अधिकार नहीं है। फिर भी चीन ने इस क्षेत्र में फिलीपींस के पारंपरिक मछली पकड़ने के अधिकारों में हस्तक्षेप किया। चीन ने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का यह फैसला कभी स्वीकार नहीं किया। चीन दक्षिण चीन सागर में अपना विस्तार जारी रखे हुए है।













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