भारत के घड़ियाल और मगरमच्छ चाहता है अमेरिका, जानिए इन दोनों में क्या है अंतर?
एरिजोना स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सरीसृप बैंक ने तमिलनाडु से छह घड़ियाल और इतने ही मगरमच्छों को भारत से आयात करने के लिए संघीय सरकार को आवेदन दिया है। सरीसृप बैंक ने कहा है कि इससे उन्हें इन लुप्तप्राय प्रजातियों को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
लुप्तप्राय प्रजाति अधिनियम (ESA) के तहत 17 जुलाई को जारी एक संघीय अधिसूचना के अनुसार, फीनिक्स हर्पेटोलॉजिकल सोसायटी ने अमेरिकी मछली और वन्यजीव सेवा से अनुमति के लिए आवेदन किया है।

अधिसूचना के मुताबिक एरिजोना स्थित सरीसृप बैंक फीनिक्स हर्पेटोलॉजिकल सोसायटी दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु से छह घड़ियाल और इतनी ही संख्या में मगर मगरमच्छ आयात करना चाहता है।
बता दें, अमेरिकी मत्स्य और वन्यजीव सेवा विभाग संयुक्त राज्य संघीय एजेंसी है, जिसका काम राष्ट्रीय वन्यजीवों के रहने, लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा, प्रवासी पक्षियों का प्रबंधन करना है।
संघीय अधिसूचना के अनुसार, एरिजोना की फीनिक्स हर्पेटोलॉजिकल सोसायटी ने तमिलनाडु में मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट से तीन नर और तीन मादा घड़ियाल (गेवियलिस गैंगेटिकस) और तीन नर और तीन मादा मगर मगरमच्छ (क्रोकोडायलस पलुस्ट्रिस किम्बुला और क्रोकोडायलस पलुस्ट्रिस पलुस्ट्रिस) को आयात करने की अनुमति का अनुरोध किया है।
सरीसृप बैंक की मांग के बाद अमेरिकी सरकार ने इस संबंध में सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं। यह प्रजातियों के प्रसार या अस्तित्व को बढ़ाने के उद्देश्य से है। इसमें कहा गया है कि यह अधिसूचना सिर्फ एक बार आयात के लिए है। इसमें आम जनता से 16 अगस्त तक अपनी टिप्पणियां भेजने को कहा गया है।
घड़ियाल-मगरमच्छ-एलिगेटर में क्या अंतर है?

घड़ियाल
घड़ियाल सभी मगरमच्छ प्रजातियों में से सबसे अलग प्रजातियों में से एक है। नर घड़ियाल की लंबाई 16 से 20 फीट (5 से 6 मीटर) तक होती है। मादाओं की लंबाई आमतौर पर 11.5 से 15 फीट (3.5 से 4.5 मीटर) तक होती है। इसके चेहरा बेहद थीखी नोक वाला होता है। घड़ियाल मीठे पानी का जीव है।

यह भारत के अलावा बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल और पाकिस्तान की नदियों में पाया जाता है। घड़ियाल बाकी मगरमच्छों की तुलना में बहुपत्नी वाले होते हैं। एक नर घड़ियाल कई मादाओं के संग रहना पसंद करते हैं। एक ग्रुप में एक नर घड़ियाल होता है जो बाकियों की रक्षा करता है। घड़ियाल अपने कई सारे दांतों के लिए जाना जाता है।
मगरमच्छ
मगरमच्छ पृथ्वी पर सबसे मजबूत जीवों में से एक है। इसकी लंबाई 5-6 मीटर तक होती है। कहीं कहीं ये 7 मीटर भी पाए जाते हैं। मगरमच्छ अपने दांतो से एक स्क्वॉयर इंच के हिस्से में 5,000 पाउंड से भी ज्यादा का दबाव ड़ाल सकते हैं। इसके चेहरे का आकार अंग्रेजी के V आकार का होता है। यह बेहद गुस्सैल जीवों में से एक है।

मगरमच्छ आमतौर पर खारा पानी पसंद करते हैं, जो थोड़ा मटमैला हो। भारी भरकम होने के बावजूद भी यह तेज रफ्तार से चल सकते हैं। यह बहुत तेजी से हमला करते हैं, जिससे शिकार को भागने का मौका न मिल सके। मगरमच्छ मध्य अमेरिका, अफ्रीका, एशिया और ओशिनिया में पाए जाते हैं।
एलिगेटर

एलिगेटर भारतीय महाद्वीप में नहीं पाए जाते हैं। इसलिए इसका भारतीय नामांकरण संभव नहीं हो पाया। एलिगेटर और मगरमच्छ में अंतर कर पाना काफी मुश्किल है। एलिगेटर का चेहरा अंग्रेजी के U अक्षर जैसा होता है। यह मगरमच्छ से थोड़ा छोटा होता है। एलिगेटर मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका और चीन में पाए जाते हैं। अमेरिका में आपका सामना दोनों से हो सकता है।












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