US elections 2024: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का आया मौसम , जानें व्हाइट हाउस की रेस में कितने दावेदार?
2020 का राष्ट्रपति चुनाव अमेरिकी इतिहास का सबसे विवादित राष्ट्रपति चुनाव रहा, जब ट्रंप ने अपनी हार के लिए धांधली का आरोप लगाया। 6 जनवरी 2021 को ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल हिल पर हमला भी कर दिया था।

US elections 2024: बहुत उम्मीद है, कि इस हफ्ते डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जो बाइडेन, राष्ट्रपति चुनाव 2024 के लिए अपनी दावेदारी का ऐलान कर देंगे और इसके साथ ही अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की रेस भी शुरू हो जाएगी।
डोनाल्ड ट्रंप पिछले साल नवंबर में ही औपचारिक तौर पर अपना चुनावी अभियान शुरू कर चुके हैं, जो 2020 से ही पिछले राष्ट्रपति चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर बाइडेन पर आक्रामक रहे हैं।
यानि, रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से जो बाइडेन की दावेदारी के साथ ही राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी तेज हो जाएगी। वहीं, अमेरिका के दोनों मुख्य राजनीतिक दल, व्हाइट हाउस के लिए औपचारिक रूप से 2024 के उम्मीदवार को चुनने के लिए अगले साल एक प्रक्रिया शुरू करेंगे।
अभी तक बाइडेन को चुनौती देने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से सिर्फ दो ही 'बड़े' उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी का ऐलान किया है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती देने के लिए उनकी रिपब्लिकन पार्टी में लाइन लग गई है। लिहाजा, डोनाल्ड ट्रंप को पार्टी से टिकट हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा।
ऐसे में आईये जानते हैं, कि अमेरिका में 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी से कितने उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारियां जताई हैं।

जो बाइडेन (डेमोक्रेटिक पार्टी)
2020 के चुनाव में ट्रम्प को हराने वाले बाइडेन 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उतरने की अपनी इच्छा जता चुके हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से उन्हें संभावित उम्मीदवार माना भी जा रहा है। हालांकि उन्होंने अभी तक औपचारिक रूप से अपनी फिर से चुनावी बोली की घोषणा नहीं की है।
पिछले हफ्ते जारी एसोसिएटेड प्रेस-एनओआरसी पोल ने दिखाया है, कि लगभग आधे डेमोक्रेटिक मतदाता बाइडेन को फिर से राष्ट्रपति बनते हुए देखना चाहते हैं। लगभग 80 प्रतिशत डेमोक्रेटिक वोटर्स ने कहा, कि डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ वो जो बाइडेन का समर्थन करेंगे।
हालांकि, जो बाइडेन अपनी उम्र को लेकर चिंता से परेशान रहे हैं। अगर वह 2024 का चुनाव जीतते हैं, तो वह अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में 82 साल के हो जाएंगे। कुछ आलोचकों ने सवाल उठाया है, कि क्या उनमें अगले चार साल तक शीर्ष पद पर बने रहने की क्षमता होगी?

मैरिएन विलियमसन (डेमोक्रेटिक पार्टी)
मैरिएन विलियमसन, जो एक लेखिका भी हैं, उन्होंने साल 2020 में भी अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर दावेदारी जताई थी, लेकिन बाइडेन के सामने वो असफल रही थीं। वहीं, इस साल भी उन्होंने अपनी दावेदारी का ऐलान किया है, लेकिन इस साल मार्च की शुरुआत में मॉर्निंग कंसल्टिंग सर्वे में एक बार फिर से बाइडेन के मुकाबले काफी कमजोर पाया गया है। सर्वे में मैरिएन विलियमसन, बाइडेन के मुकाबले 73 प्रतिशत डेमोक्रेट्स के वोटों से पिछड़ रही हैं।
विलियमसन ने आर्थिक और नस्लीय न्याय के विषयों को अपने चुनावी कैम्पेन में अपनाया है और उन्होंने सामाजिक सुरक्षा के संरक्षण का आह्वान करते हुए, श्रमिक संघों के लिए ज्यादा मजबूत समर्थन और ब्लैक अमेरिकन्स के लिए गुलामी का मुद्दा फिर से उठाया है। विलियमसन ने अपनी वेबसाइट पर कहा, कि "पिछले पचास वर्षों के दौरान सिस्टम में धांधली हुई है।" उन्होंने अपने चुनावी कैम्पेन में अमेरिका की अर्थव्यवस्था में लगे धक्के को भी उठाया है।

रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर (डेमोक्रेटिक पार्टी)
रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर , अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के भतीजे हैं, जिनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर ने आधिकारिक तौर पर इसी महीने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की है।
इसी महीने यूएसए टुडे/सफोल्क यूनिवर्सिटी सर्वे के मुताबिक, उन्होंने लगभग 14 प्रतिशत डेमोक्रेटिक प्राथमिक मतदाताओं का समर्थन प्राप्त किया है।
अमेरिकी राजनीति में सबसे प्रसिद्ध परिवारों में से एक, रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर, रॉबर्ट कैनेडी के बेटे, जिनकी 1968 में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए प्रचार करते समय हत्या कर दी गई थी। अमेरिका में कोविड टीकाकरण विरोधी आंदोलन में रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर एक प्रमुख आवाज बन गये हैं।
उन्होंने 2021 में व्हाइट हाउस के पूर्व COVID-19 सलाहकार एंथोनी फौसी पर "पश्चिमी लोकतंत्र के खिलाफ एक ऐतिहासिक तख्तापलट" का आरोप लगाते हुए एक किताब भी लिखी थी। केनेडी ने निर्वाचित होने पर "राज्य और कॉर्पोरेट ताकतों के बीच के भ्रष्टाचार" के खिलाफ आवाज उठाने और कार्रवाई करने का वादा किया है।

डोनाल्ड ट्रम्प (रिपब्लिकन पार्टी)
डोनाल्ड ट्रम्प, जिन्होंने 2016 में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को हराने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में एक कार्यकाल पूरा किया, उन्होंने औपचारिक रूप से नवंबर में अपना अभियान शुरू कर दिया है।
2020 में बाइडेन से चुनावी हार मिलने के बाद झूठा प्रचार किया, कि चुनाव में धांधली की गई है। इसके साथ ही उनपर तख्तापलट का भी आरोप लगाया गया है। आलचकों का कहना है, ट्रंप ने बार बार झूठ बोलकर अपने समर्थकों को अमेरिकी संसद पर हमला करने के लिए उकसाया और ट्रंप के उकसाने के बाद ही 6 जनवरी 2021 को ट्रंप समर्थकों ने अमेरिकी संसद कैपिटल हिल पर हमला कर दिया था।
ट्रम्प को बाद में दंगा भड़काने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा महाभियोग लगाया गया था, जो असफल रहा था।
डोनाल्ड ट्रंप इस साल अमेरिकी इतिहास के पहले ऐसे राष्ट्रपति/पूर्व राष्ट्रपति बन गये हैं, जिनके खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मुकदमा चलाने को मंजूरी दी गई है। उन्होंने अपने चुनावी कैम्पेन की शुरूआत एक बार फिर से 'अमेरिका फर्स्ट' के नारे से किया है। हालांकि, उनके आलोचना में काफी तीखे आर्टिकिल लिखे जा रहे हैं, लेकिन इस असलियत को नकारा नहीं जा सकता है, कि अमेरिका में एक बहुत बड़ा हिस्सा, ट्रंप को फिर से राष्ट्रपति देखना चाहता है।
अमेरिकी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब वोटों का ध्रुवीकरण होता दिख रहा है और ट्रंप को लेकर अमेरिकी समाज टुकड़ों में बंट गया है।

रॉन डीसांटिस (रिपब्लिकन पार्टी)
फ़्लोरिडा के गवर्नर डेसांटिस ने अभी तक औपचारिक रूप से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की है, लेकिन व्यापक रूप से 2024 के नामांकन के लिए ट्रम्प के टॉप चैलेंजर माने जा रहे हैं। गर्भपात, शिक्षा और COVID-19 शमन उपायों सहित कई मुद्दों पर उन्होंने सुर्खियां बटोरी हैं और अपनी दक्षिणपंथी राजनीति की वजह से वो काफी प्रसिद्ध हैं।
रॉन डीसांटिस को डोनाल्ड ट्रंप अपने रास्ते का सबसे बड़ा खतरा मानते हैं। हालांकि, अप्रैल महीने में रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच करवाए गये रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे में उन्हें ट्रंप के 58 प्रतिशत के मुकाबले 21 प्रतिशत ही वोट मिले।
मार्च महीने में, डिसांटिस ने यूक्रेन में युद्ध को एक "क्षेत्रीय विवाद" बताया था, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा हित में नहीं है। वहीं, रॉन डीसांटिस अगर राष्ट्रपति चुनाव में खड़ा होते हैं और अगर जीत हासिल करते हैं, तो जियो-पॉलिटिक्स में जबरदस्त बदलाव आने की संभावना देखी जा रही है और उनकी जीत के बाद यूक्रेन को रूस के खिलाफ कितना समर्थन मिल पाएगा, इसको लेकर काफी शंकाएं हैं।

माइक पेंस (रिपब्लिकन पार्टी)
माइक पेंस, जिन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान उप-राष्ट्रपति के रूप में काम किया है, उन्होंने कहा है, कि वह 2024 के राष्ट्रपति पद के लिए विचार कर रहे हैं।
पेंस, जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में अपने ईसाई धर्म को केंद्र में रखा है, वो डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर समर्थक थे, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के साथ उस वक्त उनका मनमुटाव शुरू हो गया, जब उन्होंने चुनाव में धांधली होने के ट्रंप के आरोपों को गलत बता दिया। इसके साथ ही, उन्होंने ट्रंप के उस आदेश को भी मानने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्हें ट्रंप ने कहा था, कि वो 2020 के चुनाव परिणामों को पलटने के लिए, कांग्रेस में चुनावी कॉलेज की गिनती की देखरेख में अपनी औपचारिक भूमिका का उपयोग करे, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
उपराष्ट्रपति बनने से पहले माइक पेंस इंडियाना के गवर्नर थे। उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भी काम किया है। वह रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बीच यूक्रेन को अमेरिकी सहायता के सबसे मुखर समर्थकों में से एक रहे हैं।

निक्की हेली (रिपब्लिकन पार्टी)
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने फरवरी महीने में रिपब्लिकन पार्टी के अंदर अपनी दावेदारी की घोषणा कर दी थी। उन्होंने कहा था, कि वो अपनी पार्टी के अंदर राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने के लिए नामांकन करेंगी।
निक्की हेली भारतीय मूल की हैं। वहीं, अप्रैल के मध्य में जारी मॉर्निंग कंसल्ट के एक सर्वेक्षण में उन्हें अपनी पार्टी के अंदर लगभग चार प्रतिशत लोगों का ही समर्थन मिल पाया है। निक्ली हेली को रिपब्लिकन पार्टी के अंदर ट्रंप विरोधी चेहरे के तौर पर पहचान है और उन्होंने अपनी दावेदरी की घोषणा पर कहा था, कि यह रिपब्लिकन नेताओं की "नई पीढ़ी के लिए समय" है।
निक्की हेली के माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे हैं और निक्की ने खुद की बदौलत अमेरिकी राजनीति में अपनी पहचान बनाई और 2011 से 2017 तक वो दक्षिण कैरोलिना राज्य के गवर्नर के रूप में काम किया।
ट्रम्प प्रशासन के दौरान वो संयुक्त राष्ट्र में वाशिंगटन की राजदूत थी और इस दौरान उन्होंने, ईरान के प्रति टकराव का रुख अपनाने की वकालत की और इस क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों, विशेष रूप से इज़राइल और सऊदी अरब का खुलकर समर्थन किया।

विवेक रामास्वामी (रिपब्लिकन पार्टी)
विवेक रामास्वामी एक कारोबारी और लेखक हैं, जिन्होंने "वोकिज्म" के खिलाफ एक योद्धा के रूप में एक प्रतिष्ठा बनाई है। विवेक रामास्वामी अपनी रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से दावेदारी का ऐलान कर चुके हैं। हालांकि, अमेरिकी राजनीति पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है, कि आने वाले सालों में विवेक रामास्वामी अमेरिका के राष्ट्रपति पद के गंभीर दावेदार होंगे और हो सकता है, कि वो देश के राष्ट्रपति भी बने।
इसी महीने अप्रैल में मॉर्निंग कंसल्ट पोल ने रिपब्लिकन प्राइमरी वोटर्स के बीच रामास्वामी को लगभग तीन प्रतिशत मतदान मिलता दिखाया गया है। रामास्वामी का जन्म ओहियो राज्य में हुआ था और हेज फंड में काम करने और एक दवा कंपनी शुरू करने से पहले उन्होंने येल लॉ स्कूल से स्नातक किया था।












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