दुश्मन तो छोड़िए, दोस्तों की जासूसी के लिए भी कुख्यात है अमेरिका, क्या बाइडेन ने तोड़ा भारत का भरोसा?

US-India Relation: खालिस्तानियों को लेकर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जब भारत पर गंभीर आरोप लगाए, तो एकबारगी लगा, कि सिर्फ अमेरिका के साथ ही संबंध खराब हुए हैं, लेकिन जैसे जैसे ये मामला आगे बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे पता चल रहा है, कि अमेरिका इस पूरे विवाद का मास्टरमाइंड है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट में खुलासा किया है, कि अमेरिका ने ही कनाडा को हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जानकारी दी थी और इसके लिए उसने भारतीय अधिकारियों की जासूसी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, एफबीआई के अधिकारियों ने हरदीप सिंह निज्जर के मारे जाने के बाद खालिस्तान समर्थक नेताओं से मुलाकात की थी और उनकी जान को खतरा बताया था।

US-India Relation

पिछले एक साल से कनाडा के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका में खालिस्तानी लगातार सिर उठा रहे हैं और ताज्जुब की बात ये है, कि ये सभी देश, खुद को भारत का दोस्त बताते हैं। लिहाजा, सवाल ये उठ रहे हैं, कि अगर ये दोस्त हैं, तो फिर इससे अच्छा तो दुश्मन चीन ही सही है, जिसके बारे में भारत को पता तो है, कि ये दुश्मन है और भारत उससे निपटने के लिए खुद को मजबूत कर रहा है, लेकिन इन आस्तीन के सांपों का क्या किया जाए, ये एक बड़ा सवाल है।

जासूसी के लिए कुख्यात है अमेरिका

ये पहली बार नहीं है, जब अमेरिका पर भारत की जासूसी करने के आरोप लगे हैं, बल्कि अमेरिका के ऊपर दुश्मनों के साथ साथ दोस्त देशों की जासूसी करने के भी आरोप लग चुके हैं। लेकिन, कनाडा मामले पर संप्रभुता का राग अलापने वाले अमेरिका पर कैसे भारत की जासूसी के आरोप इसी साल अप्रैल महीने में लगे थे, आइये समझते हैं।

दरअसल, अप्रैल महीने में अमेरिका एक जवान ने देश की सीक्रेट जानकारियां लीक कर दी थीं, जिससे पता चला था, कि अमेरिका सिर्फ दुश्मन देशों की ही नहीं, बल्कि अपने दोस्त और सहयोगी देशों की भी जासूसी करता है।

अप्रैल महीने में साउथ एशिया इंडेक्स ने दावा किया था, कि अमेरिका ने भारत की भी जासूसी की है और भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल ने रूस के नेशनल सिक्योरिटी एटवाइजर से यूक्रेन युद्ध को लेकर क्या बात की थी, वो भी अमेरिका के लीक हुए खुफिया दस्तावेजों में दर्ज है।

साउथ एशिया इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल और उनके रूसी समकक्ष निकोले पेत्रुशेव के बीच बातचीत हुई थी।

लीक दस्तावेज़ के अनुसार, भारतीय अधिकारी अजीत डोभाल अमेरिका और रूस के बीच किसी एक का पक्ष लेने को लेकर अनिच्छुक लग रहे थे।

लीक दस्तावेज़ से पता चला था, कि अजीत डोभाल ने रूस के एनएसए पत्रुशेव को बहुपक्षीय प्लेटफॉर्म्स में रूस के लिए भारत के समर्थन का आश्वासन दिया था। हालांकि, उन्होंने माना था, कि भारत के ऊपर पश्चिम का काफी दबाव है, लेकिन "काफी दबाव" के बावजूद, भारत की अध्यक्षता में 20 के समूह की बैठक के दौरान यूक्रेन संघर्ष को एक मुद्दा बनने से रोकने के लिए उन्होंने काम करने की बात कही थी।

अमेरिका के लीक दस्तावेज से पता चला था, कि अजीत डोभाल ने रूस के एनएसए से कहा था, कि यूनाइटेड नेशंस में अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रस्ताव को लेकर भारत विचलित नहीं होगा और भारत वही फैसला करेगा, जो भारत का आधिकारिक रूख रहा है।

यानि, लीक दस्तावेजों से पता चलता है, कि अमेरिका पहले ही जान गया था, कि यूनाइटेड नेशंस में उसके लाए गये प्रस्ताव पर भारत का रूख क्या होने वाला है।

लीक दस्तावेजों से पता चला था, कि अमेरिका ने अपने सहयोगी देश दक्षिण कोरिया, ईरान और यूके सहित विभिन्न देशों में गहराई से जासूसी की है। डब्ल्यूएसजे ने बताया, कि दक्षिण कोरिया, इज़राइल, यूक्रेन और यूनाइटेड किंगडम उन सहयोगियों में शामिल हैं जिन पर अमेरिका की गहरी नजर होती है।

उस दौरान वहीं, यूरोपीय देश के वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने कहा था, कि टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स के लीक होने से अमेरिका को लेकर भरोसा टूटा है और भविष्य में अमेरिका के साथ खुफिया जानकारियां साझा करने पर रोक लग सकता है।

उन्होंने कहा, कि गोपनीय सूचनाओं का आदान प्रदान में विश्वास सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।

वहीं, अब जब खालिस्तान के मुद्दे पर अमेरिका को लेकर कई खुलासे हुए हैं, तो एक्सपर्ट्स का कहना है, कि भारत और अमेरिका के बीच बन रहे विश्वास के रिश्ते को बहुत बड़ा झटका लगा है और भारत, जो पहले से ही अमेरिका को लेकर सतर्क रहा है, वो अमेरिका को और ज्यादा संदिग्ध नजरों से देखेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+