US Presidential Election: चुनावों से एक हफ्ते पहले हैक हुई डोनाल्ड ट्रंप की कैंपेन वेबसाइट
वॉशिंगटन। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैंपेन वेबसाइट को किप्टोकरेंसी स्कैमर्स ने हैक कर लिया। इस वेबसाइट पर करीब 30 मिनट तक हैकर्स का कब्जा रहा। वेबसाइट हैक हो गई है, सबसे पहले ट्विटर यूजर गैब्रिएल लोरेंन्जो ग्रेशस्केलर ने इस बात को नोटिस किया। उन्होंने ट्रंप की हैक्ड वेबसाइट का स्क्रीन शॉट लेकर पोस्ट किया था। तीन नवंबर को अमेरिका में चुनाव होने हैं। फाइनल वोटिंग से पहले जारी अर्ली वोटिंग में ट्रंप और डेमोक्रेट जो बाइडने के बीच कड़ी टक्कर देखी जा सकती है।

क्या लिखा था हैकर्स ने
गैब्रिएल ने अपनी ट्वीट में लिखा है कि वह क्लाइमेट चेंज पर एक आर्टिकल तलाश रहे थे जब उनकी नजर ट्रंप की हैक्छ वेबसाइट पर पड़ी। जो पोस्ट वेबसाइट donaldjtrump.com. पर पोस्ट किया गया था, उसमें लिखा था, 'दुनिया अब राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप की तरफ से फैलाई जा रही फेक न्यूज से त्रस्त हो चुकी है। अब समय आ गया है जब दुनिया को सच से रूबरू करवाया जाए।' वेबसाइट के मुताबिक इस बात के पर्याप्त सुबूत हैं कि ट्रंप को साल 2020 में राष्ट्रपति चुनाव नहीं जीतना चाहिए। अमेरिकी नागरिकों के पास और कोई विकल्प भी नहीं बचा है। वेबसाइट जल्द ही ऑफलाइन हो गई और इसे बाद में हैकर्स के मैसेज के बिना रि-स्टोर कर लिया गया।

एजेंसियों ने शुरू की मामले की जांच
इस हैकिंग पर ट्रंप कैंपेन के प्रवक्ता टिम मर्टाव ने कहा कि वेबसाइट हैक होने के बाद अब एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और मामले की जांच जारी है। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि इस हमले के पीछे कौन जिम्मेदार था। उन्होंने इस बात का भरोसा दिलाया है कि किसी भी तरह से संवेदनशील डाटा पर कोई आंच नहीं आ सकी है और न ही इस तरह का कोई डाटा वेबसाइट पर सेव था। वेबसाइट को बहाल कर लिया गया है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप को इस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इससे पहले एक डच सिक्योरिटी रिसर्चर ने दावा किया था कि उनके पास ट्रंप के ट्विटर अकाउंट का एक्सेस है और इसका पासवर्ड तक उन्होंने जारी कर दिया था।












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