अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने की जेलेंस्की से बात, जानिए क्या हुई चर्चा?
वाशिंगटन, 12 मार्च: रूस और य्रूकेन के बीच 16 दिनों के जंग चल रही है। इतने दिनों बाद भी युद्ध खत्म होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। रूसी सैनिकों ने यूक्रेन के कई शहरों पर धावा बोलते हुए तबाही मचा रखी है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की को यूक्रेनियनों के लिए चल रही सुरक्षा, मानवीय और आर्थिक सहायता पर चर्चा करने के लिए फोन किया।

नाटो और रूस के बीच सीधा टकराव तृतीय विश्व युद्ध
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हम नाटो के एक-एक इंच क्षेत्र की पूरी ताकत से रक्षा करेंगे। लेकिन हम यूक्रेन में रूस के खिलाफ युद्ध नहीं लड़ेंगे। नाटो और रूस के बीच सीधा टकराव तृतीय विश्व युद्ध है, जिसे रोकने के लिए हमें प्रयास करना चाहिए।

बाइडेन ने पुतिन को कहा हमलावर
वहीं राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी , 'मैंने उन्हें यूक्रेन पर अपने हमले के लिए रूस पर लागत बढ़ाने के लिए जी 7 और यूरोपीय संघ के साथ समन्वय में जो कार्रवाई कर रहे हैं, उसके बारे में उन्हें अपडेट किया।" इससे बाइडेन ने रूसी राष्ट्रपति को हमलावर कहा था। अपने बयान में नए प्रतिबंध लगाने के साथ कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक हमलावर हैं और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। वहीं अमेरिका की तरफ से रूसी शराब, समुद्री खाना और डायमंड के आयात पर भी प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया।

यूक्रेन के पास बायोलॉजिकल वेपन प्रोग्राम नहीं: यूएस
इधर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में अमेरिका ने बताया कि यूक्रेन के पास बायोलॉजिकल वेपन प्रोग्राम नहीं है। साथ ही कहा कि अमेरिका किसी भी इस तरह की यूक्रेनी बायोलॉजिकल वेपन लैबोरेटरी का समर्थन नहीं कर रहा। साथ ही कहा कि ऐसा ना तो रूस के बॉर्डर के पास हैं और ना ही दुनिया में कहीं और।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का जवाब
वहीं संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस त्रिमूर्ति ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रही सीधी बातचीत से शत्रुता समाप्त हो जाएगी। कूटनीति और संवाद के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। गंभीर मानवीय स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।












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