ट्रंप ने भारत को बताया सबसे गंदे देशों में से एक, ना शुद्ध हवा-ना पानी
वॉशिंगटन: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को प्रदूषण के लिए भारत, चीन और रूस को दोषी ठहराया है। ट्रंप ने दावा किया कि उनके अपने देश में मतलब अमेरिका में 'सबसे स्वच्छ जलवायु' है। ट्रंप ने कहा कि भारत, रूस और चीन देशों में अच्छी हवा और पानी तक नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण को लेकर ये देश चिंतित भी नहीं हैं और ना ही ये अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और न ही इनको अपनी जिम्मेदारी का कोई अहसास है।

ट्रम्प बोले-कुछ शहरों में तो सांस भी नहीं ले सकते हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि चीन, भारत, रूस जैसे कई अन्य देशों के बहुत अच्छी हवा नहीं है। बहुत अच्छा पानी नहीं है। और ना ही प्रदूषण और स्वच्छता को लेकर कोई भावना है। आईटीवी के गुड मॉर्निंग ब्रिटेन शो में कहा कि यदि आप कुछ शहरों में जाते हैं, मैं उन शहरों का नाम नहीं ले रहा हूं, लेकिन मैं-आप वहां सांस भी नहीं ले सकते हैं, और वो हवा उपर ऊपर जा रही है, वे जिम्मेदारी नहीं लेते हैं।

तीन दिन की राजकीय यात्रा पर आए हैं ट्रम्प
बता दें कि ट्रम्प की यह टिप्पणी यूनाइटेड किंगडम की यात्रा के आखिरी दिन की। आयरलैंड से जाने से पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो और पोर्ट्समाउथ के अन्य लोगों से मुलाकात की। प्रिंस चार्ल्स के साथ 90 मिनट की मुलाकात में ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने जलवायु परिवर्तन के बारे में बात की।
ट्रम्प ने प्रिंस चार्ल्स की सराहना की
अपने इंटरव्यू में ट्रम्प ने बताया कि वह (प्रिंस चार्ल्स) वास्तव में जलवायु परिवर्तन को लेकर गंभीर हैं, मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा है। ट्रम्प ने कहा कि वो (प्रिंस चार्ल्स) वो ये चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियों के पास अच्छी जलवायु और वातावरण हो। जिससे मैं सहमत हूं। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने प्रिंस चाल्स को बताया कि अमेरिका के पास सभी आंकड़ों के आधार पर सबसे साफ जलवायु है। जो कि लगातार बेहतर भी हो रहा है। मैं इस बात से सहमत हूं कि हम सभी का स्वच्छ पानी चाहिए, उन्होंने कहा कि यह क्रिस्टल साफ है, क्रिस्टल को साफ होना चाहिए।












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