यूक्रेन जंग को लेकर रूस और अमेरिका के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बातचीत.. तो क्या WAR को होगा The End?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन से वार्ता के द्वार खोले हैं लेकिन यह अभी बहुत शुरुआती चरण में है। हालांकि, यूक्रेन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
यूक्रेन जंग (Russia-Ukraine conflict) के आठ महीने गुजर जाने के बाद अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन (Lloyd Austin) अपने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगु (Sergei Shoigu)के साथ टेलीफोन पर वार्ता की। यह खबर वाकई में लोगों को चौंका देने के लिए काफी है क्योंकि रूस और अमेरिका एक दूसरे को देखना नहीं चाहते हैं और जंग के इस पड़ाव में दोनों रक्षा सचिव आपस में वार्ता कर रहे हैं। खबर है कि, ऑस्टिन और शोइगु ने यूक्रेन जंग पर महत्वपूर्ण वार्ता की है।

रूस और अमेरिका वार्ता
दोनों देशों (अमेरिका-रूस) के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यूक्रेन की ताजा स्थितियों पर अमेरिका के रक्षा मंत्री लायड आस्टिन ने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगू से टेलीफोन पर बात की है। दोनों देशों ने आपसी संवाद कायम रखने पर जोर दिया है। वहीं, पेंटागन ने यह कहने से इनकार कर दिया था कि, शुक्रवार को ऑस्टिन ने यूक्रेन में युद्ध के बीच बातचीत बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

रक्षा मंत्री लायड आस्टिन की रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगू से टेलीफोन पर बात
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन से वार्ता के द्वार खोले हैं लेकिन यह अभी बहुत शुरुआती चरण में है। हालांकि, यूक्रेन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। यह बात रूसी राष्ट्रपति के क्रेमलिन कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को संवाददाताओं के प्रश्नों के उत्तर में कही। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू और उनके अमेरिकी समकक्ष लायड ऑस्टिन के बीच यूक्रेन की स्थिति समेत अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सामयिक मुद्दों पर चर्चा की गई।

जंग का चेहरा, आठ महीना गुजर गया
बता दें कि, युद्ध के आठ महीने गुजर जाने के बाद रूस और यूक्रेन में वार्ता का यह दूसरा दौर शुरू हुआ है। इससे पहले मार्च-अप्रैल में दोनों देशों के बीच अधिकारी स्तर की वार्ता हुई थी लेकिन कुछ समय चलने के बाद वह रुक गई थी। वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने कहा है कि यूक्रेन को लेकर पुतिन के रुख में थोड़ी नरमी आई है और बातचीत के लिए वह तैयार होते दिख रहे हैं। इसलिए हमें बातचीत से यूक्रेन युद्ध की समाप्ति की उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।

अमेरिका और रूस के बीच वार्ता का क्या मतलब हो सकता है?
24 फरवरी के बाद से यह दूसरी बार है जब अमेरिकी रक्षा मंत्री ने रूसी समकक्ष के साथ जंग को लेकर बातचीत की है। इससे पहले मई में ऑस्टिन ने मॉस्को से तत्काल युद्धविराम लागू करने का आग्रह किया था। बता दें कि, रूस और यूक्रेन जंग में काफी आगे निकल चुके हैं। यूक्रेन के शहर रूसी मिसाइलों से तबाह और बर्बाद होते जा रहे हैं। वहीं यूक्रेन रूस को युद्ध में कड़ी टक्कर दे रहा है। कीव ने अब तक रूसी सेना को खारकीव समेत कई क्षेत्रों से निकाल बाहर किया है। वहीं अमेरिका समेत कई यूरोपीय देश खुलकर यूक्रेन को सपोर्ट कर रहे हैं। अमेरिका यूक्रेन को समय-समय पर घातक सैन्य हथियारों से लैस करता जा रहा है ताकि रूस को कमजोर किया जा सके। वहीं, रूस ने भी अपनी युद्ध नीतियों में परिवर्तन करते हुए, सैन्य लामबंदी की घोषणा के तहत नए लोगों को जंग में भेजा जा रहा है।












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