PM मोदी भारत से आ रहे हैं, हमने क्या किया है... US सांसदों ने भारतीयों को वीजा मिलने में देरी का मुद्दा उठाया
US Visa wait time भारत के लोगों को अभी अमेरिका का वीजा लेने में साल भर से ज्यादा का इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि, अमेरिका का कहना है, कि इस साल भी सबसे ज्यादा भारतीयों को वीजा जारी किया गया है।

PM Modi US Visit: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस महीने होने वाला अमेरिका दौरा, इस दशक का सबसे बड़ा आर्थिक, राजनीतिक, जियो-पॉलिटिकल घटना माना जा रहा है।
अमेरिकी मीडिया का कहना है, कि पीएम मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के बाद दुनिया एक नये जियो-पॉलिटिकल दिशा में मुड़ती दिखाई दे सकती है, क्योंकि भारत और अमेरिका, जो दुनिया की पहली और पांचवीं अर्थव्यवस्थाएं हैं, उनके बीच चीन को काउंटर करने के लिए कई ऐतिहासिक समझौते हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जून को अमेरिका में होंगे और व्हाइट हाउस में उनके सम्मान में डिनर कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, लेकिन पीएम मोदी की यात्रा से पहले अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने भारतीयों को वीजा मिलने में देरी का मुद्दा उठाया है।
भारतीयों को क्यों मिलता है देरी से वीजा?
अमेरिका के सांसदों ने भारत को एक महत्वपूर्ण भागीदार बताते हुए भारतीय लोगों को वीजा मिलने में अत्यधिक होने वाली देरी को हल करने का आग्रह किया है।
सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर बॉब मेनेंडेज़ और हाउस इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष माइकल वाल्ट्ज ने कॉन्सुलर मामलों के बजट पर कांग्रेस की दो अलग-अलग सुनवाई के दौरान, विदेश विभाग के शीर्ष अधिकारियों से पूछा, कि भारत में लोग 'वीजा प्रतीक्षा समय' का सामना क्यों कर रहे हैं।
आपको बता दें, कि इस वक्त अमेरिका जाने के लिए भारतीय लोगों को वीजा हासिल करने में 600-600 दिनों का इंतजार करना पड़ता है।
सीनेटर बॉब मेनेंडेज़ ने अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से पूछा, कि "संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ लोगों से लोगों के बीच मजबूत संबंधों का आनंद लेता है। भारत अब QUAD का हिस्सा है। हम इसे अपने भू-रणनीतिक हितों में लगातार शामिल कर रहे हैं। न्यू जर्सी बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिकियों और उनके परिवारों का घर है। मैं भारत में पहली बार बी1-बी2 वीजा आवेदकों के लिए प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए विदेश विभाग ने जो ध्यान दिया है, मैं उसकी सराहना करता हूं।"
लेकिन, सीनेटर बॉब मेनेंडेज़ ने विदेश विभाग के अधिकारियों से आगे पूछा, कि "पिछले साल इस दिशा में काम करने के बाद भी भारत के लोगों को बी1-बी2 वीजा लेने में 450 से 600 दिनों तक इंतजार क्यों करना पड़ रहा है"?
उन्होंने कहा, कि "वीजा मिलने का ये प्रतीक्षा समय विश्व में सबसे ज्यादा हो गया है और क्या आप बता सकते हैं, कि ऐसा क्यों हो रहा है? वीजा देने के फैसले में 600 दिन तक का समय क्यों लगता है?"
मेनेंडेज़ ने आगे कहा, कि भारत-अमेरिका संबंध 21वीं सदी में हमारे सबसे अधिक परिणामी आर्थिक राजनयिक सुरक्षा संबंधों में से एक है।
विदेश संबंध समिति से पूछे गये सवाल
अमेरिका के सांसदों ने ये सवाल अमेरिकी विदेश विभाग की संबंध समिति की सुनवाई के दौरान पूछी है। इस दौरान हाउस इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष माइकल वाल्ट्ज, जो सांसद हैं, उन्होंने भी भारतीयों को वीजा मिलने में हो रही परेशानी को उठाया।
उन्होंने कहा, कि "मैं यूएस इंडिया कॉकस का सह-अध्यक्ष हूं। मुझे लगता है कि भारत के साथ, 21वीं सदी में हमारे सबसे अधिक परिणामी आर्थिक राजनयिक सुरक्षा संबंधों में से एक है। लेकिन, भारतीय अमेरिकियों और हमारे भारतीय सहयोगियों से मुझे जो लगातार और दर्दनाक शिकायतें मिलती हैं, उनमें से एक वीजा मिलने में देरी का मुद्दा है, इस तथ्य के बावजूद कि भारत में, मेरा मानना है कि आपके पास दूसरे या तीसरे सबसे कांसुलर मामलों के अधिकारी हैं।"
उन्होंने कहा, कि "मेरे पास जो डेटा हैं, वह यह है कि भारतीय शहर मुंबई के लोगों के लिए औसत प्रतीक्षा अवधि 587 कैलेंडर दिन थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ परिणामी संबंधों के साथ 150 अरब अमरीकी डालर से अधिक के हमारे व्यापार के साथ इस महीने राजकीय रात्रिभोज और यात्रा के लिए आ रहे हैं, तो हम वीजा मिलने में हो रही देरी को ठीक करने के लिए क्या कर रहे हैं? क्या आपने किसी भारत विशिष्ट नीति के फास्ट ट्रैक या मुद्दों पर ध्यान दिया है?"
'वीजा देरी से रिश्ते होंगे प्रभावित'
उन्होंने कहा कि वीजा में देरी से कारोबारी रिश्ते प्रभावित होंगे।
सांसद वाल्ट्ज ने अमेरिकी विदेश विभाग की समिति से आगे पूछा, कि "क्या आपने इस तरह ध्यान दिया है, कि भारत, जो क्वाड का सदस्य है, उसके साथ व्यापारिक रिश्ते के क्या मायने हैं?"
उन्होंने आगे कहा, कि "मेरा गृहराज्य फ्लोरिडा है और सिर्फ फ्लोरिडा से भारत के साथ 8 अरब डॉलर का कारोबार होता है और क्या आपको पता है, कि फ्लोरिडा में भारतीयों के होने वाले व्यापारिक सम्मेलनों, कार्यक्रमों और भारतीय आगंतुकों की वजह से कितनी नौकरियां मिलती हैं? वीजा मिलने में हो रही देरी से 2 लाख 50 हजार नौकरियां प्रभावित हुई हैं और आप बताएं, कि वीजा मिलने में हो रही देरी को ठीक करने के लिए आप क्या कर रहे हैं।"
विदेश विभाग समिति ने क्या जवाब दिया?
कांसुलर मामलों की सहायक विदेश मंत्री रीना बिटर ने कांग्रेस की दो अलग-अलग सुनवाईयों के दौरान सांसदों से कहा, कि विदेश विभाग इस पर कड़ी मेहनत कर रहा है और इस मुद्दे के समाधान के लिए कई कदम उठाए हैं।
रीना बिटर ने कहा, कि "भारत एक ऐसी जगह है, जहां ऐतिहासिक रूप से वीजा की मांग बहुत अधिक रही है और इस मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है। भारत के बारे में एक बात यह है, कि हर पोस्ट अद्वितीय है, लेकिन उनका कोविड-19 के साथ वास्तव में विनाशकारी मुकाबला काफी देर से हुआ और इसलिए उनकी दबी हुई मांग को पूरा करने की क्षमता काफी लंबे समय तक चली।"
हालांकि, उन्होंने ये भी कहा, कि अब वीजा वेटिंग टाइम घटकर दो तिहाई कम हो गया है।
उन्होंने कहा, कि "हमने भारतीय नागरिकों के लिए नियुक्तियां खोली हैं, विशिष्ट नियुक्तियों के लिए अन्य पदों पर और अन्य सभी श्रेणियों में समर्पित नियुक्तियां की हैं। मुझे यकीन है कि आप इसके बारे में जानते हैं और आपने इसका उल्लेख किया है और वेटिंग टाइम, कोविड महामारी आने से पहले के समय के मुकाबले अब बेहतर स्थिति में है।"
इसके साथ ही रीना बिटर ने अमेरिकी सांसदों को बताया, कि "अमेरिका इस साल करीब 10 लाख भारतीय लोगों को अमेरिका का वीजा देने वाला है और वहां हमारी प्रोडक्टिविटी असाधारण रूप से ज्यादा है।"












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