America Vs Iran: ईरान के पलटवार से दहला अमेरिका, एक साथ कई सैन्य बेसों को बनाया निशाना, खतरे में शांति वार्ता!
America Vs Iran: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। सीजफायर के बावजूद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नए हमले किए हैं। अमेरिका ने दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे एक ऑयल टैंकर पर ड्रोन अटैक के बाद उसने ईरान के 10 मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया।
इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेस पर मिसाइल और ड्रोन अटैक करने का दावा किया। इस ताजा टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में फिर से बड़े युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है। हालांकि दोनों देश अभी भी शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी रखने की बात कह रहे हैं।

ऑयल टैंकर पर हमले के बाद अमेरिका का बड़ा एक्शन
अमेरिका के सेंट्रल कमांड के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे 'किकू' नाम के ऑयल टैंकर पर ईरान समर्थित ड्रोन से हमला किया गया। जहाज में 20 लाख से ज्यादा बैरल कच्चा तेल था। इसके बाद अमेरिकी एयरफोर्स ने ईरान के 10 मिलिट्री टारगेट पर एयर स्ट्राइक की। इनमें रडार सिस्टम, एयर डिफेंस, ड्रोन स्टोरेज, कम्युनिकेशन नेटवर्क और माइन बिछाने वाली यूनिट्स शामिल थीं। अमेरिका ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ने का फैसला खुद किया।
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ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को फिर से बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करना पड़ा तो ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने सीजफायर एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सिर्फ जवाबी कार्रवाई की है, लेकिन अगर हालात नहीं सुधरे तो अगला कदम कहीं ज्यादा बड़ा और खतरनाक हो सकता है।
ईरान का पलटवार, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी बेस निशाने पर
अमेरिकी हमले के कुछ घंटे बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया। ईरान ने कहा कि उसने कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट बेस समेत कुल आठ अहम अमेरिकी ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। ईरान ने साफ कहा कि अगर अमेरिका ने आगे कोई हमला किया तो उसका जवाब पहले से भी ज्यादा सख्त और नुकसान पहुंचाने वाला होगा।
हॉर्मुज पर बढ़ा तनाव, दुनिया की नजरें टिकीं
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में दुनिया का तेल गुजरता है। ईरान ने कहा है कि इस इलाके में समुद्री आवाजाही पर वह पहले से ज्यादा सख्ती करेगा। उसने चेतावनी दी कि किसी भी दुश्मन देश की आक्रामक गतिविधि का तुरंत जवाब दिया जाएगा। ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें इस समुद्री रूट पर टिकी हैं क्योंकि यहां तनाव बढ़ने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
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बातचीत जारी, लेकिन खतरा अभी टला नहीं
तनाव के बीच राहत की बात यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत अभी भी जारी है। दोनों देश स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही, ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और हाई एनरिच्ड यूरेनियम के भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं। अंतरिम समझौते के तहत दोनों पक्षों के पास फाइनल डील तैयार करने के लिए 60 दिन का समय है। लेकिन ताजा हमलों ने साफ कर दिया है कि हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं।












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