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हेट क्राइम के शिकार श्रीनिवास कुचीभोतला की पत्‍नी की वजह से ग्रीन कार्ड पर पास हुआ बड़ा बिल

वॉशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस में ग्रीन कार्ड पर लगी सात प्रतिशत की लिमिट को खत्‍म करने से जुड़ा अहम बिल बुधवार को पास कर दिया गया। इस बिल के पास होने से यहां पर बसे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्‍स को सबसे ज्‍यादा फायदा होगा। भारतीयों को फायदा पहुंचाने वाले इस बिल के लिए एक भारतीय महिला ने आंदोलन की शुरुआत की थी। यह महिला कोई और नहीं बल्कि श्रीनिवास कुचीभोतला की पत्‍नी सुनयना दुमाला हैं। सुनयना के पति श्रीनिवास फरवरी 2017 में हेट क्राइम का शिकार हो गए थे। कंसास के एक बार में उनकी हत्‍या कर दी गई थी और उस मामले ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

सुनयना की मुहिम को मिला बहुमत

सुनयना की मुहिम को मिला बहुमत

जो अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की ओर से पास किया गया उसे फेयरनेस ऑफ हाई स्किल्‍ड इमीग्रेंट्स एक्‍ट 2019 या फिर एचआर 1044 का टाइटल दिया गया है। बिल को 435 सदस्‍यों वाली प्रतिनिधि सभा की ओर से मंजूरी दी गई। सबसे अहम बात है कि बिल को सभा में बहुमत हासिल हुआ। इस बिल के पक्ष में 365 वोट्स पड़े तो विरोध में सिर्फ 35 ही वोट दर्ज किए गए। अब बिल सीनेट के पास जाएगा। अमेरिका के वर्तमान सिस्‍टम में सुनयना और उनकी तरह दूसरे अप्रवासियों को अस्‍थायी वर्क परमिट के बाद अमेरिका में रहने को मजबूर होना पड़ रहा।

पति की मौत के बाद मुश्किल हुआ रहना

पति की मौत के बाद मुश्किल हुआ रहना

सुनयना के पति की मृत्‍यु के बाद उनका खुद का इमीग्रेशन स्‍टेटस खतरे में पड़ गया था। अमेरिकी अखबार कंसास सिटी के मुताबिक सुनयना को तुरंत ही वर्क वीजा मिल गया था और वह अमेरिका में रहने के लिए योग्‍य हो गई थीं। सुनयना ने बुधवार को बिल पास होने के बाद कहा, 'आज मेरे जैसे कई लोगों के बड़ा महत्‍वपूर्ण दिन है। जिस पल का हम बरसों से इंतजार कर रहे थे वह आ गया। आखिरकार हमारी कड़ी मेहनत और अथक प्रयासों को आज जीत मिलर है।' सुनयना ने बताया कि उनके पिता की अकस्‍मात मौत के बाद, अमेरिका में रहने की उनकी योग्‍यता खत्‍म हो चुकी थी। अपनी तकलीफ को पीछे छोड़कर उन्‍होंने अप्रवासन के लिए संघर्ष किया। उन्‍होंने कहा कि आज जब एचआर 1044 पास हो चुका है तो उन्‍हें शांति मिली है और इस खुशी को बयां करने के लिए उनके पास शब्‍द नहीं हैं।

वॉशिंगटन के लगाए कई चक्‍कर

वॉशिंगटन के लगाए कई चक्‍कर

दुमला को वॉशिंगटन के कई चक्‍कर लगाने पड़े थे और तब जाकर उन्‍हें वीजा हासिल हो पाया। समर्थकों का कहना है कि वीजा, 'फर्स्‍ट कम, फर्स्‍ट सर्व' के सिस्‍टम पर आधारित है और यह हर देश के नागरिकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकेगा। अमेरिकी नागरिकता की वैधता के लिए लड़ने वाले ग्रुप इमीग्रेशन व्‍यॉइस के को-फाउंडर और प्रेसीडेंट अमन कपूर का कहना है कि बिल पास होने के बाद उच्‍च-कौशन वाले अप्रवासियों को ग्रीन कार्ड मिल सकेगा और फिर वह अमेरिका में अपनी खुद की कंपनी शुरू कर सकते हैं।

क्‍या होगा इस बिल का फायदा

क्‍या होगा इस बिल का फायदा

अमेरिका में ग्रीन कार्ड के वर्तमान सिस्‍टम के तहत अप्रवासी वीजा के तहत यहां आने वाले परिवारों में से सिर्फ कुछ ही लोगों को ग्रीन कार्ड हासिल हो पाता है। इस तरह के वीजा की अधिकतम सीमा सात प्रतिशत है। बिल के बाद हर देश के लिए सीमा को सात प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इसी तरह से रोजगार के लिए मिलने वाले वीजा पर आने वालों के लिए भी सात प्रतिशत की सीमा को खत्‍म किया जाएगा। इस बिल से चीन के नागरिकों को भी इससे फायदा पहुंचेगा। ग्रीन कार्ड किसी भी व्‍यक्ति को अमेरिका में स्‍थायी तौर पर बसने और काम करने की मंजूरी देता है।

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