ट्रंप ने H-1B Visa वाले फरमान के बाद Microsoft और JP Morgan ने लिए कड़े फैसले, कहा- कल वापस लौटें
America में H-1B Visa धारकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। Microsoft और JP Morngan जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को अमेरिका में ही रुकने की सलाह दी है। रॉयटर्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट ने एक इंटरनल ईमेल में साफ लिखा है कि H-1B और H-4 वीज़ा धारक तुरंत अमेरिका लौट आएं, क्योंकि नया नियम कल से लागू हो जाएगा।
ट्रंप का नया नियम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि अब H-1B वीज़ा आवेदन पर $100,000 (लगभग 83 लाख रुपये) की फीस लगेगी। यह नियम 21 सितंबर 2025 से अगले 12 महीनों तक लागू रहेगा। जेपी मॉर्गन के बाहरी इमिग्रेशन वकील ने भी कर्मचारियों को अमेरिका से बाहर यात्रा न करने और फिलहाल अमेरिका में ही रहने की सलाह दी है।

IT कंपनियों पर बड़ा असर
ट्रंप ने कहा कि IT कंपनियां H-1B वीज़ा का दुरुपयोग कर रही हैं, जिससे अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी में नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रोग्राम टेम्परेरी तौर अमेरिका में रहने वाले हाई स्किल्ड विदेशी कर्मचारियों को लाने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल सस्ते एम्प्लॉई से अमेरिकी एम्प्लॉई को बदलने के लिए हो रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंता
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि H-1B प्रोग्राम का गलत इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। अमेरिकी एजेंसियों ने वीज़ा धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल कई आउटसोर्सिंग कंपनियों पर जांच शुरू की है।
भारतीय समुदाय पर सबसे ज्यादा असर
चौंकाने वाली बात यह है कि H-1B वीज़ा धारकों में 70% से ज्यादा भारतीय हैं। ऐसे में यह नया नियम भारतीय समुदाय और भारतीय IT कंपनियों पर सीधा असर डालेगा। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेज़न जैसी कंपनियां भारतीय टैलेंट पर सबसे ज्यादा निर्भर रहती हैं। अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने कहा कि इस कदम से अमेरिकी कंपनियां ज्यादा से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों को रोजगार देंगी और कम मूल्य वाले विदेशी श्रमिकों पर निर्भरता घटेगी।
क्या आगे बढ़ सकता है नियम?
यह आदेश एक साल के लिए है लेकिन ट्रंप प्रशासन इसे आगे बढ़ाने का विकल्प भी रखता है। ट्रंप अपने पहले कार्यकाल से ही H-1B पर सख्त रुख अपनाते रहे हैं।
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