US Elections 2024: मिशिगन के मुसलमानों ने कमला हैरिस को दिया जोर का झटका! जानें कैसे बिगड़ा खेल?
US Elections 2024 Voting: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024 में मिशिगन के मुस्लिम समुदाय ने कमला हैरिस के बजाय ग्रीन पार्टी की उम्मीदवार जिल स्टीन को अपना समर्थन देना शुरू कर दिया है, जिससे डेमोक्रेटिक पार्टी को झटका लग सकता है। हैरिस और ट्रंप के बीच मुकाबला कड़ा है, और इस बीच स्टीन का समर्थन बढ़ने से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
खास बात यह है कि फाइनल फेज की मतदान शुरु होने से कुछ घंटे पहले ही, कमला हैरिस ने मिशिगन में रैली निकाली थी। इस दौरान उन्होंने गाजा में चल रहे युद्ध को समाप्त करने, बंधकों को वापस लाने और इजराइल की सुरक्षा और फिलिस्तीनी लोगों के सम्मान और आत्मनिर्णय के अधिकार को सुनिश्चित करने की कसम खाई थी।

जिल स्टीन का उभार और उनका एजेंडा
जिल स्टीन एक वामपंथी पर्यावरणवादी नेता हैं, जिन्होंने 2023 में ग्रीन पार्टी के टिकट पर अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। उनकी नीतियां मुख्य रूप से पर्यावरणवाद, सामाजिक न्याय, और युद्ध विरोध पर आधारित हैं। वे गाजा और लेबनान में इजराइली हमलों का विरोध कर रही हैं और फिलिस्तीनी अधिकारों के समर्थन में हैं। स्टीन नाटो को खत्म करने और एक समावेशी सुरक्षा ढांचे का समर्थन करने की भी बात करती हैं, जिससे वे मुस्लिम और अरब-अमेरिकी समुदाय का समर्थन पाने में सफल रही हैं।
मुस्लिम मतदाताओं का असंतोष और स्टीन की ओर रुझान
गाजा में चल रहे संघर्ष में अमेरिकी सरकार के इजराइल को समर्थन देने से मुस्लिम मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी से नाराज हैं। काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस (CAIR) के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 42.3% मुस्लिम मतदाता स्टीन का समर्थन कर रहे हैं, जबकि हैरिस को केवल 41% का समर्थन प्राप्त हुआ है। मिशिगन जैसे स्विंग स्टेट में मुस्लिम समुदाय का झुकाव डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।
स्टीन का प्रभाव: क्या है चुनावी परिणामों पर असर?
मिशिगन, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन जैसे राज्यों में वोटों का थोड़ा भी बदलाव पूरे चुनाव को प्रभावित कर सकता है। 2016 में, जिल स्टीन ने इन राज्यों में 132,000 वोट हासिल किए थे, जो हिलेरी क्लिंटन की हार का एक बड़ा कारण माना गया। मिशिगन में मुस्लिम समुदाय के वोट हैरिस और ट्रंप के बीच के अंतर को कम या बढ़ा सकते हैं, जिससे स्टीन का प्रभाव निर्णायक बन सकता है।
क्या स्टीन से डेमोक्रेट्स को खतरा है?
डेमोक्रेटिक पार्टी को स्टीन के कारण अपने वोट बैंक में सेंध लगने का डर है। चुनाव के नजदीक, डेमोक्रेट्स ने 500,000 डॉलर का विज्ञापन अभियान शुरू किया है, ताकि तीसरे पक्ष के उम्मीदवारों के समर्थकों को हैरिस की ओर आकर्षित किया जा सके। डेमोक्रेट्स का मानना है कि स्टीन को मिला वोट दरअसल ट्रंप की जीत का रास्ता बना सकता है।
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ट्रंप और स्टीन: तीसरे पक्ष के उम्मीदवारों के प्रति समर्थन
अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कई मौकों पर स्टीन का समर्थन किया है, यह कहते हुए कि उनके वोट डेमोक्रेट्स के वोटों में सेंध लगा सकते हैं। हाल ही में एक रैली में ट्रंप ने कहा, "जिल स्टीन? मुझे वह बहुत पसंद हैं, क्योंकि वह उनसे 100% वोट लेती हैं।" यह रणनीति ट्रंप के चुनावी फायदे के लिए कारगर साबित हो सकती है।
क्या है एक्सपर्ट्स का नजरिया?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि चुनावी परिणाम इतने करीबी हो सकते हैं कि स्टीन का 1-2% वोट भी निर्णायक साबित हो सकता है। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नूरा सेदिक कहती हैं कि अगर मुस्लिम समुदाय का एक तिहाई हिस्सा स्टीन का समर्थन करता है, तो यह वोटों का बड़ा अंतर बना सकता है और डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
जिल स्टीन का उभरना और मुस्लिम मतदाताओं का उनके प्रति रुझान, खासकर मिशिगन जैसे राज्यों में, डेमोक्रेट्स के लिए गंभीर चुनौती है। चुनाव का नतीजा करीबी होने की संभावना है, और यदि स्टीन को मिले वोट काफी संख्या में होते हैं, तो यह ट्रंप की जीत में सहायक साबित हो सकता है।
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