यमन में गरजा अमेरिका का B-2 बॉम्बर, हूतियों के हथियारों का जखीरा किया तबाह
अमेरिका ने यमन में ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों की प्रमुख भूमिगत हथियार भंडारण स्थलों (Underground Weapons Storage) पर एक बड़ा हवाई हमला किया। ये हमले बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर्स द्वारा किए गए, जो पहली बार यमन संघर्ष में हौथी लक्ष्यों पर इस्तेमाल हुए।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया कि इन हमलों में हौथियों के पांच भूमिगत हथियार भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया, जिनमें उन्नत हथियार रखे गए थे।

क्या था हमले के पीछे का मकसद?
अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि इन सुविधाओं का उपयोग हौथी विद्रोही लाल सागर और अदन की खाड़ी में नागरिक और सैन्य जहाजों पर हमले के लिए करते थे। इन हथियारों से दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों पर खतरा मंडरा रहा था। बी-2 बॉम्बर, अपनी स्टील्थ तकनीक और भारी पेलोड क्षमता के कारण, ऐसे गहरे और सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम है।
राष्ट्रपति बाइडेन का निर्देश
लॉयड ऑस्टिन के अनुसार, यह हमला राष्ट्रपति जो बाइडेन के निर्देश पर किया गया। उनका कहना था कि अमेरिका की यह क्षमता उन विरोधियों के ठिकानों तक पहुंचने में सक्षम है, जो अपने हथियारों को जमीन के भीतर छिपाकर सुरक्षित समझते थे।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
मध्य पूर्व में हाल के दिनों में तनाव बढ़ा है। ईरान समर्थित हौथी विद्रोही लगातार वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों पर हमले कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में, हौथियों ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन का भी उपयोग शुरू किया है। सितंबर में हौथियों ने अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर लगभग दो दर्जन मिसाइल और ड्रोन दागे, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की चिंताएं और भी बढ़ गईं।
हौथी विद्रोहियों की गतिविधियां
हौथियों ने हाल ही में हमास और हिजबुल्लाह जैसे संगठनों के साथ अपना गठबंधन भी बढ़ा दिया है, जो इजराइल के खिलाफ संघर्ष में शामिल हैं। इज़राइल के खिलाफ मिसाइल हमले के बाद, इजराइल ने भी यमन में हौथी ठिकानों पर हवाई हमले किए।
'कोई नागरिक हताहत नहीं'
अमेरिकी सेना ने पिछले एक साल में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाया है। इस दौरान लड़ाकू जेट, हमलावर विमान, और नौसेना के उन्नत जहाज तैनात किए गए हैं ताकि हौथियों की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। बुधवार का हमला हौथियों की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से था। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इस हमले में कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका का यह कदम क्षेत्र में सुरक्षा संतुलन को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हौथी विद्रोहियों द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों से न केवल वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को भी गंभीर खतरा है। अमेरिका और उसके सहयोगियों की ये सैन्य कार्रवाई इस खतरे को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
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