US Deported Indians: 'मंगेतर संग शादी के सपने संजोए, ट्रंप ने देश से निकाला', डिपोर्ट हुईं सुखजीत का छलका दर्द
US Deported Indians: अमेरिका जाने का सपना देखना आसान है, लेकिन वहां तक पहुंचने का सफर बेहद कठिन और जोखिमभरा होता है। पंजाब के वेरपाल गांव की 26 वर्षीय सुखजीत कौर (Sukhjeet Kaur) के लिए यह सपना सिर्फ एक नई जिंदगी की शुरुआत नहीं था, बल्कि अपने मंगेतर से शादी करने का सपना भी था।
लेकिन, उसकी यह उम्मीदें तब चकनाचूर हो गईं, जब ट्रंप प्रशासन की नई इमिग्रेशन नीति के तहत उसे 103 अन्य भारतीयों के साथ जबरन भारत भेज दिया गया। आपको बता दें कि 5 फरवरी 2025 की दोपहर दो बजे यूएस से 104 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया। आइए जानते हैं कैसे टूटे सुखजीत के सपने...

Sukhjeet Kaur Pain Full Story: परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुखजीत कौर के पिता काबुल सिंह इटली में रहते हैं, जबकि उसकी मां और भाई पंजाब में हैं। जब सुखजीत को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया, तो यह खबर उसके परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी।
एक रिश्तेदार ने बताया कि सुखजीत, कई अन्य लोगों की तरह, एक एजेंट के झांसे में आ गई, जिसने उसे अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कराने का लालच दिया। लेकिन अंत में उसे हिरासत में ले लिया गया और वापस भेज दिया गया।
अमेरिका पहुंचने के लिए लाखों रुपये गंवाए
- अमेरिका जाने का सपना केवल भावनात्मक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी भारी पड़ गया।
- सुखजीत के परिवार ने अमेरिका तक पहुंचने के लिए 30-50 लाख रुपये खर्च कर दिए।
- कुछ परिवारों ने इस यात्रा के लिए बैंकों से कर्ज तक ले लिया, जिसे अब चुकाना मुश्किल हो रहा है।
104 भारतीयों को जबरन वापस भेजा गया
5 फरवरी 2025 को, अमेरिकी सैन्य विमान C-17 ग्लोबमास्टर 104 भारतीयों को लेकर अमृतसर के श्री गुरु रामदासजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। डिपोर्ट किए गए लोगों में 33 हरियाणा, 33 गुजरात, 30 पंजाब, 3 महाराष्ट्र, 3 उत्तर प्रदेश और 2 चंडीगढ़ से थे। इनमें कई महिलाएं और नाबालिग भी शामिल थे।
ट्रंप की सख्त नीति के तहत हुआ डिपोर्ट
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद, अमेरिका में अवैध अप्रवासियों पर शिकंजा और कड़ा कर दिया गया है। जिन लोगों को वापस भेजा गया, वे अमेरिका में बिना उचित दस्तावेजों के रह रहे थे। इनमें से कई लोगों ने शरण के लिए आवेदन भी नहीं किया था।
पंजाब सरकार देगी सहायता?
पंजाब सरकार ने एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के जरिए इन डिपोर्ट किए गए लोगों को सहायता देने की घोषणा की है। बैंकों से लिए गए कर्ज की माफी पर भी विचार किया जा रहा है।
'एजेंट ने मुझे धोखा दिया', जसपाल सिंह की कहानी
डिपोर्ट हुए गुरदासपुर के हरदोरवाल गांव के जसपाल सिंह ने बताया कि उसने एजेंट से कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने को कहा था, लेकिन उसे धोखा मिल गया। जसपाल ने कहा कि एजेंट ने मुझसे 30 लाख रुपये लिए थे और कहा था कि कानूनी तरीके से भेजेंगे। लेकिन मुझे अवैध रास्ते से ले जाया गया और फिर अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया।
सबक: अवैध तरीके से अमेरिका जाने का खतरनाक अंजाम
सुखजीत कौर और जसपाल सिंह जैसे कई लोग अमेरिका में एक बेहतर भविष्य की उम्मीद में लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन गलत रास्ता अपनाने से उन्हें न सिर्फ आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक तौर पर भी गहरा आघात लगता है। अगर विदेश जाना है, तो कानूनी तरीका ही अपनाएं, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।












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