अमेरिका ने कहा हम मसूद अजहर मामले पर कर रहे मदद, आप ईरान से तेल लेना बंद करिए
वॉशिंगटन। अमेरिका की ओर से सोमवार को साफ-साफ कह दिया है कि जिन छह देशों को ईरान से तेल खरीदने में छूट दी गई थी, अब उन्हें किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। भारत को मिली यह छूट एक मई को खत्म हो रही है। इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस की ओर से जानकारी दी गई है कि अमेरिका ने भारत से कहा है कि वह यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में मसूद अजहर के मुद्दे पर उसकी मदद कर रहा है इसलिए अब भारत को ईरान से तेल का आयात बंद करना होगा। चुनावों की सरगर्मियों के बीच ही निश्चित तौर पर यह मोदी सरकार के लिए नई चुनौती है।

चाबहार पर नहीं आएगी कोई आंच
व्हाइट हाउस की ओर से भारत को साफ कह दिया गया है कि छूट के तहत ईरान से मिलने वाले तेल का आयात अब बंद करना होगा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का साथ दे रहा है। अब भारत की बारी है कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस प्रतिबद्धता का सम्मान करे जिसके तहत ईरान में स्थित टेरर नेटवर्क को खत्म करने पर एक्शन लिया जाना है। भारत के साथ हुई बातचीत में अमेरिका ने यह भरोसा दिलाया है कि चाबहार प्रोजेक्ट पर किसी तरह की कोई रुकावट नहीं आएगी।अमेरिका का कहना है कि उसने छूट बंद करने का फैसला ईरान के बर्ताव में बदलाव के मकसद से लिया है।
इस वजह से ट्रंप ने लिया है यह फैसला
ट्रंप का मानना है कि तेल आयात में कमी से ईरान की सरकार आतंकी संगठनों जैसे हमास और हेजबोल्ल को आर्थिक मदद नहीं दे पाएगी। अमेरिका ने अपने फैसले के पीछे यूएनएससी के प्रस्ताव 2231 का हवाला दिया है। इससे पहले इसी माह की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन ने ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को आतंकी संगठन करार दिया था। पिछले वर्ष मई में ईरान के साथ अमेरिका ने साल 2015 में हुई परमाणु डील को खत्म कर दिया था। इसके बाद से ईरान पर नए सिरे से प्रतिबंध लगा दिए गए। वहीं नंवबर 2018 में अमेरिका ने देशों को छह माह का अल्टमेटम दिया था कि वह ईरान से तेल आयात को जीरो करें। हालांकि भारत समेत आठ देशों को अमेरिका ने छूट दी थी।
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