अब 6 महीने से ऊपर के बच्चों को लगेगा कोरोना टीका, अमेरिका ने इन दो कंपनियों की वैक्सीन को दी मंजूरी
नई दिल्ली, 17 जून। भारत ही नहीं दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना के मामले फिर से बढ़े हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में संक्रमण से 14 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 5,24,817 हो गई। इस बीच अमेरिका ने छह महीने से अधिक उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन निर्माता कंपनियों की ओर निर्मित कोविड -19 टीकों को मंजूरी दे दी है।

फाइजर और मॉडर्ना (Pfizer and Moderna) कंपनी की द्वारा निर्मित कोरोना वैक्सीन 6 माह या फिर उससे कम उम्र के बच्चों को लगाई जा सकती है। फाइजर और मॉडर्ना की इस वैक्सीन को मंजूरी मिलने से ठीक एक दिन पहले यूएस एफडीए के एक मेडिकल पैनल ने बुधवार को 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कोरोना वायरस के टीके लगाने की सिफारिश की है।
मॉडर्ना और फाइजर ने मांगी थी अनुमति
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा एक विशेषज्ञ टीम बनाई गई थी। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि फाइजर ने 6 महीने से 4 साल तक के बच्चों को कोरोना वैक्सीन की तीन माइक्रोग्राम की तीन डोज देने के लिए एफडीए से अनुमति मांगी थी, जबकि मॉडर्ना ने 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों के लिए उच्च 25 माइक्रोग्राम की दो डोज के लिए एफडीए से अनुमति मांगी थी।
टेस्ट में FDA ने दोनों टीकों को पाया प्रभावी
एफडीए ने कहा है कि टीम ने जांच के बाद पाया कि दोनों टीके सुरक्षित और प्रभावी थे। रिपोर्ट के अनुसार, मॉडर्ना ने कथित तौर पर 6,000 बच्चों पर अपने टीके का परीक्षण किया था, जबकि फाइजर ने करीब 4,000 बच्चों पर वैक्सीन का परीक्षण किया।












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